04/02/2024
वैसे अगर आप ने 26 जनवरी की मोदी जी की स्पीच सुनी होगी तो कुछ सरविकल केंसर संबंधित वैक्सीनेशन के प्रोग्राम की जानकारी साजा की थी,
1 फरवरी को निर्मला सीतारमन ने भी इसी वेक्सिनेशन प्रोग्राम की जाहेरात मोदीजी की स्पीच का हवाला देते हुए अपने बजट के पेशी के दौरान बहोत ही इत्मीनान से एक मुख्य घोषणा में करी थी,
मैन स्ट्रीम मीडिया ने इस के कोई खास तव्वजो नही दिया और भुला दिया,
मुझे भी इस केंसर के बारे कोई खास जानकारी नहीं थी,
लेकिन जब परसो #पूनमपांडे के मौत के बारे में पता चला की सर्वाइकल कैंसर से उनका निधन(कथित) हुआ तो थोड़ा गूगल किया ,पता चला की कोई HPO जैसा वायरस है (hiv के सरीखा लेकिन उसके जैसा नही) जो की इंटरकोर्स के दौरान स्त्री में प्रवेश करता है, और स्त्री के गर्भाशय की नली में इन्फेक्शन करता है फिर इससे यह केंसर उत्पन्न होता है,और इसका इलाज लगभग असम्भव हो जाता है अगर जल्दी पता नही चलता, लाखो महिलाओं को यह इन्फेक्शन हर साल होता है, और हजारों महिलाओं का निधन इसके वजह से होता है, इसका इलाज जो है एक फेमस क्वॉट अंग्रेजी में, "प्रिवेंशन इस बैटर देन क्योर"
यानी की इसे होने से पहले रोकना, जो की होता है वैक्सीनेशन से
मोदी सरकार ने यह वैक्सिनेशन प्रोग्राम के लॉन्च की घोषणा करी 26 जनवरी के अपने संबोधन में,
निर्मला सीतारमन ने इसके लिए किए गए बजट की पुष्टि और कोंक्रिट रोडमेप की जानकारी साजा करी
जिसे मैन स्ट्रीम मीडिया ने बिलकुल नजर अंदाज कर दिया, 26 जनवरी के बाद भी और 1 फरवरी के बाद भी माने की आम जनता को जिसके अरोग्य के लिए यह प्रोग्राम है उन्हे पता ही नही, के यह कैसे होता है,
और दो दिन बाद की जो कथित निधन की खबर आती है पूरा मैंनस्ट्रीम मीडिया और आम जनता जिसके पास मोबाइल है सब ने गूगल खोज कर ली और यह अवेयरनेस जो मोदीजी और निर्मला ताई नही करवा पाई
वो पूनम पांडे ने कर दिया, अब यह वेक्सिनेशन प्रोग्राम हिट होगा, यह में दावे से कह सकता हु
और शायद यह भी पॉसिबल हो की पूनम को पीएमओ से यह स्टंट पीआर के तहत स्पॉन्सर भी किया गया हो, अगर नही भी हो, तो में जरूर चाहूंगा कि इस नोबल कोस के लिए पूनम पांडे को पद्मश्री दिया जाना चाहिए, (जिहादी एक्टर्स को बिना कोई काम के पद्मश्री बाटा गया है तो, यहा तो बहोत अच्छा काम किया है पूनम ने)
वेल डन पूनम, यू डिड व्हाट पीएम और एफएम कुडन्ट डू, यू मेड मैंनस्ट्रीम मीडिया डू देर जॉब बैटर
Anjaan Musafir