30/05/2020
सप्तम महाविद्या श्री धूमावती महात्म्य एवं प्रयोग
।श्री गुरुगणेभ्यो नमः।।
।श्रीश्री वल्गासदाशिवो विजयते।।
बलीपुज्यम बलाराध्यां बगलारूपनीं वरां ।
ब्रह्मादिवंदितं विद्याम वन्दे धुमावतिम अहम ।।
धूम्रा मतिव सतिव पूर्णात सा सायुग्मे |
सौभाग्यदात्री सदैव करुणामयि: ||
है भगवती धूमावती तुम बगलारूप में वर देनी वाली हो
ब्रह्मादि देवता आपको वन्दन करते है। है महाविद्या धूमावती में तुम्हें वंदन करता हु।
धूम्र रूपा माँ धूमावती आप पूर्णता के साथ सुमेधा और सत्य के युग्म मार्ग द्वारा साधक सदैव को सौभाग्य को देने वाली करुणामयी हो।
भगवति धुमावतिदेवी के बारे में बहुधा तान्त्रिक ने भगवती बारे में मन में भय पैदा कर दिया है। मग़र ऐशा नही है
मेरे मतानुसार "माँ" सदैव अपने बालक पर ममता करुणा कृपादृष्टि सदैव रखती है।।
हा धुमावतिदेवी का स्वरूप वृद्धावस्था का है । माँ तो माँ होती है।
सभी देवी-देवता ओ के मन्त्र उग्र ओर सौम्य दोनो है।
आप किस मन्त्र को जपते हो उन पर सब निर्भर है।
साधना में साधक का ह्रदयभाव का महत्व ज्यादा रहता है
भगवती धुमावतिदेवी
गृहकलेश,परप्रयोग,भूमिदोष,प्रेतदोष, पूर्व जन्म पाप कर्म का नाश करती है ।
भगवती ज्योतिष अनुशसार राहुदोष,शनिदोष,कालसर्प,
जैसे दोषो का समन करती है।
जिस जातक का भाग्य साथ ना देता हो ।भगवती की भक्ति से भाग्य के द्वार खुल जाते है।
भगवती युद्ध में विजय दिलाती है।
भगवती शत्रु का नाश करती है ।
भगवती षडरिपुदमन करती है ।
कोई भी निर्दोष व्यक्ति काराग्रह(जेल) में बंधी है उन्हें अवश्य मुक्ति मिलती है ।
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अथःप्रयोग
भगवती का अनुष्ठान या कोई भी प्रयोग हेतु योग्य सद्गुरु की आज्ञा जरूर ले या गुरुदेव की दृष्टि में करे
भगवती के सौम्य मन्त्र के जप कर सकते हो ।
या मूल मन्त्र के जाप करे
१-:- एक पर्ण पर भगवती का यन्त्र बनाये ।ओर बाजोट पर स्थापित करे , गुरु,गणेश,अघोर शिव पंचोपचार पूजन एवं ऐक ऐक माला जाप करे यन्त्र का पूजन करके जाप सुरु करे ।
जप पूर्ण होने पर शान्तिपाठ करे ।बाद पूरे घरमे जाड़ु मै लगाये कचरा घर से बाहर निकल दे ओर यन्त्र जल में प्रवाहित करदे । घर आके स्नान करले
पुनः पूजा में बैठ जाये , लक्ष्मी पूजन ओर श्रीसूक्त के पाठ करे
घर में सुख शान्ति बनी रहेगी ।
२-:- स्मशान की मिटी का शिवलिंग बनाके पूजन करे ओर अभिषेक करे भगवती से निवेदन करे के मेरी सभी समश्याओ दूर होव ओर मेरे सभी शत्रु शत्रुता भूल कर मित्र बने
३:-: धुमावति ह्रदय सोत्रम,सहस्त्रनाम,माला मन्त्र का जप करे तो अतिउत्तम
नॉट°-:- भगवती का प्रयोग अतिआवश्यक होने पर ही करे ।
बिनागुरु साधना कदापि ना करे
जय माँ धुमावतिद
जय माँ
जय महाकाल
🚩जयति ब्रह्मास्त्रविद्या🚩
👣सद्गुरु अर्पण🙏
🙌सद्गुरु कृपाहि केवलं👀
सभी साधको भगवती करुणामयी श्री धूमावती जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं