15/08/2026
#माता #पार्वती ने #भगवान #शिव से पूछा कि आपको #मृत्यु क्यों नहीं आती और जीव जन्म-मृत्यु के बंधन से कैसे मुक्त हो सकता है? तब भगवान शिव ने उन्हें ₹जीवन, #आत्मा और #अमरत्व का #गूढ़ #ज्ञान सुनाने का निश्चय किया।
कहा जाता है कि शिव जी माता पार्वती को ऐसी एकांत जगह पर ले गए जहाँ कोई दूसरा जीव उनकी बात न सुन सके। वहाँ उन्होंने संसार की नश्वरता और आत्मा की अमरता का रहस्य समझाया।
शिव जी ने बताया कि शरीर नश्वर है, लेकिन आत्मा का वास्तविक स्वरूप नष्ट नहीं होता। मनुष्य को मोह, अहंकार और सांसारिक बंधनों से ऊपर उठकर सत्य और परमात्मा को समझना चाहिए।
कथा के अनुसार, शिव जी जब यह अमर कथा सुना रहे थे, तब माता पार्वती बीच-बीच में “हूँ” कहकर सुनने का संकेत देती थीं। एक समय माता पार्वती सो गईं, लेकिन कथा आगे भी चलती रही। लोककथा में कहा जाता है कि वहाँ एक शुक (तोता) कथा सुन रहा था और उसने माता पार्वती की तरह “हूँ” कहा। इसी से आगे शुकदेव से जुड़ी प्रसिद्ध कथाएँ भी कही जाती हैं।
इस कथा का मुख्य संदेश है—
“शरीर नश्वर है, आत्मा का सत्य स्वरूप शाश्वत है; ज्ञान और भक्ति से मनुष्य परम सत्य को जान सकता है।” 🙏🔱