23/06/2021
गंगा उस पार 11.95 करोड़ की लागत से बन रहा 5.3 किलोमीटर लंबा कैनल।
काशी पर मंडराने लगा था खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार रामनगर इलाके में रेती जमा होने से गंगा का प्रवाह बदल गया है और काशी के पक्के घाटों पर पानी का दबाव बढ़ने लगा है। इसके चलते घाट की सीढ़ियां नीचे से खोखली होने लगी हैं। साथ ही घाटों के किनारे सदियों से खड़ी की इमारतों पर भी खतरा मंडराने लगा है।
काशी के धरोहरों को बचाने का प्रोजेक्ट
प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज वर्मा ने बताया की सामने घाट से लेकर राजघाट तक गंगा पार रेती पर 11.95 करोड़ की लगत से ड्रेजिंग करके 5.3 किलोमीटर लम्बी और करीब 45 मीटर चौड़ी कैनल को विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रेत के टीले के बीच से कैनल बनने से अर्धचन्द्राकार घाटों की ओर गंगा का प्रवाह कम होगा, जिससे घाटों की ओर कटान भी कम होगा और सैकड़ों साल पुरानी काशी की धरोहर सदियों तक के लिए सुरक्षित हो जाएगी।
पर्यटन को बढ़ावा देगा प्रोजेक्ट, बनेगा आइलैंड जैसा माहौल
आइलैंड जैसा माहौल विकसित किया जा रहा है, जिससे पर्यटक कुछ दिन और काशी में रुक सकें। अस्सी घाट के दूसरी तरफ रामनगर में रेती पर बीच जैसा माहौल बनाया जाएगा और टापू को विकसित कर सैलानियों के लिए तैयार किया जाएगा।
पर्यटकों के लिये होगी पैराग्लाइडिंग, स्कूबा डाइव की सुविधाएं
पर्यटन विभाग आइलैंड से पैराग्लाइडिंग, स्कूबा डाइव सहित अन्य एक्टिविटी से संबंधित सुविधाएं देगा।
नाविकों की बढ़ेगी आय।
Photo credit - Yashu Chandra.
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