05/06/2023
“सफ़र”
ये सफ़र रुक गया वहीं
उन वादियों को मन में समेट कर
हम आशियाने को लौट आए हैं
वो पहाड़,वो बर्फ़,उन ऊँचाइयों को
अगले मिलन के वादे के साथ
उन्हें बेशक़ीमती यादों
के साथ छोड़ आए हैं
उन नज़ारों को अलविदा कहना
आसान नहीं था यारों
मगर करते भी क्या
कुछ सुकून साथ लाएँ हैं
और ख़ुद का कुछ हिस्सा
वहीं छोड़ आए हैं