17/08/2026
यह हमारी 11 दिवसीय गंगोत्री धाम से केदारनाथ धाम की पैदल कांवड़ यात्रा पूरी होने पर बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में आज दिव्य दर्शन और जलाभिषेक का सौभाग्य प्राप्त होना अत्यंत पवित्र और सौभाग्यशाली अनुभव है। उत्तरकाशी के प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक करना इस यात्रा को और भी विशेष बनाता है। हमारी यह यात्रा बहुत सफल रही। यात्रा की मुख्य बातें--आरंभ: विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम से ! समाप्ति: विश्व प्रसिद्ध बाबा केदारनाथ धाम का दिव्य धाम अवधि: 11 दिवसीय पैदल कांवड़ यात्रा!!
इस पावन मार्ग पर चलना साक्षात प्रकृति के गर्भगृह में प्रवेश करने जैसा है। हर एक कदम आपको आधुनिक दुनिया से दूर और ईश्वर के करीब ले जाता है। प्रकृति की गोद का जीवंत अनुभव पैरों तले धरती: पक्के रास्तों को छोड़ मिट्टी, पत्थरों और घास पर चलना। सिर पर बादलों का साया: पहाड़ों पर तैरते बादलों का आपके साथ-साथ चलना। पक्षियों का संगीत: सुबह की शुरुआत अलार्म से नहीं, बल्कि पहाड़ी चिड़ियों की चहचहाहट से होना। झरनों का शीतल जल: रास्ते में मिलने वाले प्राकृतिक झरनों के पानी से प्यास बुझाना। आध्यात्मिक अनुभूति जब शरीर थकता है, तो यही प्रकृति अपनी ठंडी हवा के झोंकों से मां की तरह सहलाती है। पैरों के छाले और भारी कांवड़ का वजन भी 'बम बम भोले' के जयकारों और इन अद्भुत नजारों के बीच हवा हो जाता है। हर हर महादेव! यह यात्रा केवल दूरी तय करना नहीं, बल्कि स्वयं को प्रकृति और शिव में विलीन कर देना है।