21/01/2016
शीत लहर जारी,परिषदीय विद्यालयों के बच्चे ठण्ड से परेषान
जिलाधिकारी एवं बीएसए से शीतकालीन अवकाष की मांग
उन्नाव। क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में बच्चे जाड़े के कहर से परेषान है उस पर बच्चों के पास स्कूली ड्रेस के अलावा कुछ नही है। इस जाड़े में बच्चों का स्कूल आना जहां मजबूरी बन गया है वही विद्यालयों के षिक्षक बच्चों में सर्दी न लगे इसके लिए अपने खर्चे पर विद्यालय में अलाव जलवा रहे है। वही कुछ षिक्षकों ने कक्षा एक और दो के बच्चों को तो मना कर रखा है और कह रखा है कि जिस दिन धूप निकले तभी विद्यालय आना।
मालूम हो कि परिषदीय विद्यालयों में अगर बुधवार को छोड़ दिया जाये तो शीतकालीन अवकाष नही हुआ है। एक ओर जहां शीतकालीन अवकाष नही किया जा रहा है वही ठण्डी हवाओं के झोंके और आसमान में बदलों के छाये रहने से धूप न निकने से जाड़े का कहर इनदिनों सबसे ज्यादा है। लेकिन इनदिनों क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों के बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल आ रहे है।
परिषदीय विद्यालयों में पड़ने वाले बच्चों के अभिभावक ज्यादातर गरीब है। ऐसे में बच्चों के पास स्कूली ड्रेस के अलावा कुछ नही है। गरीब अभिभावक इस शीतलहर में बच्चों को स्कूल न भेजे लेकिन मजबूरी है कि इसी बहाने बच्चों को विद्यालय में रूखा सूखा ही सही पढ़ाई के साथ मिडडेमील भी खाने को मिल जाता है।
क्षेत्रीय अभिभावको सहित सभ्रांत नागरिकों ने जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल और बेसिक षिक्षा अधिकारी कौष्तुभ कुमार से शीतकालीन अवकाष घोषित किए जाने के साथ गरीब बच्चों के लिए स्वेटर की व्यवस्था कराये जाने की मांग की है।