औखाण

औखाण हमारा अथक प्रयास रहेगा कि उत्तराखंड क?

26/01/2022

आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाये।

उत्तराखंड झांकी का मनोहर दृश्य। जय हिंद जय उत्तराखंड।

आप सभी को गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाये।गणपति बप्पा मोरया।
10/09/2021

आप सभी को गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाये।
गणपति बप्पा मोरया।

गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥गुरु ब्रह्मा हैं, गुरु ...
05/09/2021

गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।

गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥

गुरु ब्रह्मा हैं, गुरु विष्णु हैं, गुरु ही शंकर हैं।

गुरु ही साक्षात् परब्रह्म हैं, उन सद्गुरु को मेरा प्रणाम।

Happy Teacher's Day 2021.

मुरली मनोहर, ब्रिज की धरोहर,वो नंदलाला गोपाला है,बंसी की धुन पर सब दुख हरने वाला है,मुरली मनोहर आने वाला है…शुभ जन्माष्ट...
30/08/2021

मुरली मनोहर, ब्रिज की धरोहर,

वो नंदलाला गोपाला है,

बंसी की धुन पर सब दुख हरने वाला है,

मुरली मनोहर आने वाला है…

शुभ जन्माष्टमी

पहिचानो इस स्वादिष्ट उत्तराखंड के व्यंजन को।
20/08/2021

पहिचानो इस स्वादिष्ट उत्तराखंड के व्यंजन को।

आज नागपंचमी का त्योहार है। नाग पंचमी पर नागों की पूजा की जाती है। सावन के महीने मे पड़ने वाला यह त्योहार बहुत ही महत्वपू...
13/08/2021

आज नागपंचमी का त्योहार है। नाग पंचमी पर नागों की पूजा की जाती है। सावन के महीने मे पड़ने वाला यह त्योहार बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती को अत्यंत ही प्रिय होता है। इसके साथ सर्प महादेव के गले की शोभा है और यह देव के देव महादेव को बहुत प्रिय है। नाग पंचमी पर शिवजी के साथ सांपों को भी पूजा जाता है। मान्यता है जो भी व्यक्ति नाग पंचमी के दिन सांपों की पूजा करता है उसकी कुंडली में अगर कालसर्प या पितृ दोष है तो वह खत्म हो जाता है।

सभी को नागपंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं।

श्रीदेव सुमन पुण्यतिथि  25 जुलाई 1944 को कोटि कोटि नमन।ब्रिटिश हुकूमत और टिहरी की अलोकतांत्रिक राजशाही के खिलाफ लगातार आ...
24/07/2021

श्रीदेव सुमन पुण्यतिथि 25 जुलाई 1944 को कोटि कोटि नमन।

ब्रिटिश हुकूमत और टिहरी की अलोकतांत्रिक राजशाही के खिलाफ लगातार आन्दोलन कर रहे श्रीदेव सुमन को दिसंबर, 1943 को टिहरी की जेल में डाल दिया गया था. जिसके बाद उन्होंने भूख हड़ताल करने का फैसला किया. 209 दिनों तक जेल में रहने और 84 दिनों के भूख हड़ताल के बाद श्रीदेव सुमन का 25 जुलाई 1944 को निधन हो गया.

टिहरी/पौड़ी: श्रीदेव सुमन (मूल नाम श्रीदत्त बडोनी) को टिहरी रियासत और अंग्रेजों के अत्याचारों के खिलाफ जनक्रान्ति कर अपने प्राणों का बलिदान करने के लिए याद किया जाता है. आज उन्हीं श्रीदेव सुमन की 76वीं पुण्यतिथि है. उन्होंने 84 दिन के एतिहासिक अनशन के बाद 25 जुलाई 1944 को मात्र 29 वर्ष की आयु में अपना शरीर त्याग दिया था.श्रीदेव सुमन पुण्यतिथिटिहरी में श्रीदेव सुमन की पुण्यतिथि पर उनको याद किया गया. जिलाधिकारी वी. षणमुगम ने उनकी मूर्ति पर फूल चढ़ाकर उनको नमन किया. इस मौके पर स्कूली बच्चों द्वारा प्रभात रैली निकाली और जेल पहुंचकर श्रीदेव सुमन की मूर्ति पर फूल माला चढ़ाई गई. साथ ही श्रीदेव सुमन को जिन बेड़ियों से बांधा गया था वह भी बच्चों को दिखाई गई. वहीं नरेंद्र नगर में शहीद श्रीदेव सुमन की पुण्यतिथि के अवसर पर झंडा मैदान में नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पंवार और स्थानीय लोगों द्वारा श्री देव सुमन की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया. साथ ही उन्हें याद करते हुए नगर पालिका द्वारा लोगों को पौधे भी बांटे गए.
श्रीदेव सुमन की शहादत को याद करते हुए गढ़वाल मंडल के सभी माध्यमिक विद्यालयों में वृक्षारोपण किया गया. वृक्षारोपण करने के बाद सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्य से अपील की गई कि उन वृक्षों का ध्यान रखें.इस मौके पर अपर निदेशक माध्यमिक गढ़वाल मंडल महावीर सिंह बिष्ट ने बताया कि 25 जुलाई को वृक्षारोपण दिवस के रूप में मनाया जा रहा है. श्री देव सुमन की शहादत को याद करते हुए गढ़वाल मंडल के सभी माध्यमिक विद्यालयों में वृक्षारोपण किया गया. उन्होंने कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए बहुत आवश्यक है कि हम अधिक से अधिक पेड़ लगाएं.

हरेला एक हिंदू त्यौहार है जो मूल रूप से उत्तराखण्ड राज्य के कुमाऊँ क्षेत्र में मनाया जाता है . हरेला पर्व वैसे तो वर्ष म...
16/07/2021

हरेला एक हिंदू त्यौहार है जो मूल रूप से उत्तराखण्ड राज्य के कुमाऊँ क्षेत्र में मनाया जाता है . हरेला पर्व वैसे तो वर्ष में तीन बार आता है-

1- चैत्र मास में - प्रथम दिन बोया जाता है तथा नवमी को काटा जाता है.

2- श्रावण मास में - सावन लगने से नौ दिन पहले आषाढ़ में बोया जाता है और दस दिन बाद श्रावण के प्रथम दिन काटा जाता है।

3- आश्विन मास में - आश्विन मास में नवरात्र के पहले दिन बोया जाता है और दशहरा के दिन काटा जाता है.

सावन लगने से नौ दिन पहले आषाढ़ में हरेला बोने के लिए किसी थालीनुमा पात्र या टोकरी का चयन किया जाता है. इसमें मिट्टी डालकर गेहूँ, जौ, धान, गहत, भट्ट, उड़द, सरसों आदि 5 या 7 प्रकार के बीजों को बो दिया जाता है. नौ दिनों तक इस पात्र में रोज सुबह को पानी छिड़कते रहते हैं. दसवें दिन इसे काटा जाता है. 4 से 6 इंच लम्बे इन पौधों को ही हरेला कहा जाता है. घर के सदस्य इन्हें बहुत आदर के साथ अपने शीश पर रखते हैं. घर में सुख-समृद्धि के प्रतीक के रूप में हरेला बोया व काटा जाता है! इसके मूल में यह मान्यता निहित है कि हरेला जितना बड़ा होगा उतनी ही फसल बढ़िया होगी! साथ ही प्रभू से फसल अच्छी होने की कामना भी की जाती है.

श्रावण मास में मनाये जाने वाला हरेला सामाजिक रूप से अपना विशेष महत्व रखता तथा समूचे कुमाऊँ में अति महत्वपूर्ण त्यौहारों में से एक माना जाता है. जिस कारण इस अन्चल में यह त्यौहार अधिक धूमधाम के साथ मनाया जाता है. जैसाकि हम सभी को विदित है कि श्रावण मास भगवान भोलेशंकर का प्रिय मास है, इसलिए हरेले के इस पर्व को कही कही हर-काली के नाम से भी जाना जाता है. क्योंकि श्रावण मास शंकर भगवान जी को विशेष प्रिय है. यह तो सर्वविदित ही है कि उत्तराखण्ड एक पहाड़ी प्रदेश है और पहाड़ों पर ही भगवान शंकर का वास माना जाता है. इसलिए भी उत्तराखण्ड में श्रावण मास में पड़ने वाले हरेला का अधिक महत्व है.

हरेला का गीत

इस दिन कुमाऊँनी भाषा में गीत गाते हुए छोटों को आशीर्वाद दिया जाता है –

जी रये, जागि रये, तिष्टिये, पनपिये,

दुब जस हरी जड़ हो, ब्यर जस फइये,

हिमाल में ह्यूं छन तक,

गंग ज्यू में पांणि छन तक,

यो दिन और यो मास भेटनैं रये,

अगासाक चार उकाव, धरती चार चकाव है जये,

स्याव कस बुद्धि हो, स्यू जस पराण हो.

उत्तराखंड बचाना है।भू कानून लाना है।कृपया मेरे सभी  उत्तराखंडी भाई बहिन नीचे दिए गए लिंक पर जाये और  ट्रेंड को सपोर्ट कर...
02/07/2021

उत्तराखंड बचाना है।
भू कानून लाना है।

कृपया मेरे सभी उत्तराखंडी भाई बहिन नीचे दिए गए लिंक पर जाये और
ट्रेंड को सपोर्ट करे,और उत्तराखंड के भविष्य को बचाएं।

जय हिंद । जय उत्तराखंड ।

https://twitter.com/hashtag/uttarakhand_mange_bhu_kanoon?s=08

सुबह हो या शाम रोज कीजिए योगनिकट ना आएगाआपके कोई योग योग दिवस शुभकामनाएंयोग कमियों पर प्रकाश डालता हैखामियां दूर करने का...
21/06/2021

सुबह हो या शाम
रोज कीजिए योग
निकट ना आएगा
आपके कोई योग
योग दिवस शुभकामनाएं

योग कमियों पर प्रकाश डालता है
खामियां दूर करने का रास्ता तलाशता है
योग दिवस की बधाई

योग हमे खुद से मिलाता है,
योग ईश्वर की अनुभूति दिलाता है
योग दिवस शुभकामनाएं

स्वयं को बदलो, जग बदलेगा
योग से सुखमय हर दिन खिलेगा
योग दिवस की बहुत शुभकामनाएं

हर दिन आपके जीवन में लाए,सुख-शांति और समाधान,पाप नाशिनी गंगा मैया को,श्रद्धापूर्वक तहे दिल से प्रणाम…गंगा दशहरा की शुभका...
20/06/2021

हर दिन आपके जीवन में लाए,
सुख-शांति और समाधान,
पाप नाशिनी गंगा मैया को,
श्रद्धापूर्वक तहे दिल से प्रणाम…
गंगा दशहरा की शुभकामनाएं

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Tehri-Garhwal
249146

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