Riya Arora

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संभोग की चरम सीमा पर जब दो जिस्म एक दूसरे से रगड़ खा रहे होते है तो वो जैसे एक दूसरे में समा जाना चाहते है। और चरम सुख क...
23/11/2024

संभोग की चरम सीमा पर जब दो जिस्म एक दूसरे से रगड़ खा रहे होते है तो वो जैसे एक दूसरे में समा जाना चाहते है। और चरम सुख की सन्तुष्टि चेहरे पे झलकने लगती है। चेहरा पर आया पसीना और आंखों से बहती अश्रु धारा बताती है कि कितना परिश्रम किया गया है....
सच्चाई यही है 🙏🙏❤️❤️

सेक्स ही तो करना है बाबू चाहे अभी करें या बाद में करें, शादी तुम्हारे साथ करनी है तो मेरा मन करेगा तो तुम्हारे साथ ही शे...
16/11/2024

सेक्स ही तो करना है बाबू चाहे अभी करें या बाद में करें, शादी तुम्हारे साथ करनी है तो मेरा मन करेगा तो तुम्हारे साथ ही शेयर करूंगा ना कि किसी और के साथ शेयर करूंगा,
और इस तरह मुकुल और अदिति की पहली संभोग वाली रात हुई
लेकिन उससे पहले ये दोनों मिले कैसे थे इसे देखत हैं

अदिति कॉलेज के प्रथम वर्ष में थी एक मिडिल क्लास लड़की, घर परिवार की इज्जत करने वाली, पैसे ज्यादा नहीं थे तो अदिति के पास पढ़ाई कर के अच्छी नौकरी करने के अलावा कोई और options नहीं था पर

कॉलेज प्रतिदिन अदिति आती थी, और उसी कॉलेज के आप पास अपने काम से मुकुल भी रहता था, मुकुल की नज़रे जब अदिति पर पड़ी तो वो उसे निहारता रह गया

काफी कोशिश के बाद भी मुकुल की बात ना हो सकी
फिर मुकुल ने नेहा से दोस्ती की जो की अदिति की दोस्त थी
और नेहा के जरिए अदिति से दोस्ती की
मुकुल ने बताया कि उसके पापा बड़े व्यापारी हैं और वो व्यापार के काम से ही रोज कॉलेज के पास आता है
और उसकी नज़रे अदिति पर पड़ी,

मुकुल वास्तव में हैंडसम था, पैसा वाला था और व्यवहार तो ऐसा जिसे देखते हो कोई भी कायल हो जाए

मुकुल हर संभव प्रयास करता की वो अदिति का दिल जीत सके और अदिति का पूरा अटेंशन प्राप्त करे

अदिति की हर छोटी बड़ी जरूरतों का ध्यान रखता था, कुछ भी काम हो तुरंत हो जाता था
धीरे धीरे अदिति का भी मन बदला और वो मुकुल को पसंद करने लगी, उसे ये एहसास हो गया था कि मुकुल के रहते अब उसे कभी किसी और की जरूरत नहीं पड़ेगी

धीरे धीरे दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई, दोनो जवान थे और जवानी के समय अपने अरमानों को दबाना हर किसी के बस की बात नहीं होती

मुकुल ने अदिति को बोला क्या वो शादी करेगी, अदिति चाहती थी कि शादी हो पर हां नहीं बोल पा रही थी

क्यों कि उसे पता था वो एक मिडिल क्लास लड़की है, और मुकुल एक रहीस उसकी फैमली कभी ऐसी ग्रैंड शादी नहीं कर पाएंगे

उसने दबे मन से बोला
देखो मुकुल मै तुमसे प्यार करती हूं लेकिन कभी शादी नहीं होगी हमारी क्यों मेरे पापा इतना खर्च नहीं कर पाएंगे

मुकुल ने हंसते हुए बोला अरे मैं कौनसा दहेज मांग रहा हूं। मैं तो बस तुमको चाहता हूं

अदिति ने बोला दहेज तो हम वैसे भी नहीं दे पाएंगे एक साधारण शादी कर लें वहीं बहुत हैं हमारे लिए लेकिन तुम्हारे परिवार को ग्रैंड और महंगी शादी चाहिए

मुकुल ने बोला हां चाहिए तो
एक काम करो मेरे पास 1 करोड़ की सेविंग्स है 50 लाख तुम रखो और शादी के लिए घर पे बात करो
ये बात सिर्फ मेरे और तुम्हारे परिवार के बीच होगी

अदिति ने सोचा आज के समय में कौन इतना सोचता है किसी लड़की केलिए

और उसने अगले दिन मुकुल की बात मान ली

अब दोनो अपने जिंदगी में खुश थे, मुकुल ख्याल रखता

और दोनो एक दिन होटल में मिलने का प्लान किए मुकुल ने बोला कि मुझे तुम्हारे साथ s*x करना है

अदिति ने मन किया कि शादी के बाद, मुकुल बोला शादी तो होनी ही है बाबू और तुमसे होनी है इसमें पहले बाद में क्या अब तुम्हे देख के मुझे फीलिंग्स आती है तो तुमसे ना बोलूं तो किससे बोलूं,
अदिति मानती है और मुकुल के साथ सहवास करती है

और धीरे धीरे ये हर महीने और हर हफ्ते होता है

मुकुल ने मजाक मजाक में अदिति के साथ वीडियो बनाई अदिति जानती थी कि ये मजे के लिए कर रहा है और वीडियो फोटो क्लिक करने में उसका साथ देती
लेकिन बोलती इसे डिलीट करना मुकुल बोला ठीक है

इसके बाद दोनो बाहर खाने जाते हैं और फिर अपने अपने घर चले जाते हैं

1 हफ्ते बाद मुकुल फिर प्लान करता है मिलने का अदिति खुश होती है और तुरंत तैयार होती है
अच्छे होटल में दोनों मिलते हैं

लेकिन इस बार खाली मुकुल नहीं होता है उसके साथ उसके 5 दोस्त और होते हैं
जो अदिति के साथ सहवास करना चाहते हैं

मुकुल उसे बोलता है कि यदि उसने उसके दोस्तों। को खुश नहीं किया तो जो सारी फोटो वीडियो है उसे इंटरनेट पे वायरल कर देगा

अदिति के पास कोई उपाय नहीं था, उसने ऐसा किया, वो किसी कीमत पर नहीं चाहती थी कि उसकी ये बात उसके घर में किसी को पता चले

वो पुलिस में कंप्लेन नहीं कर सकती थी क्यों की उसे पता था पुलिस छान बीन करेगी और नाम आयेगा

धीरे धीरे मुकुल के दोस्त और मुकुल अदिति के शरीर का फायदा उठाते

और कभी कभी किसी और अमीर इंसान से पैसे लेके अदिति को भेजते

और मजबूरन एक पढ़ने वाली लड़की की जिंदगी तबाह हो जाती जब वो अपना मानसिक संतुलन खो बैठती तो उसके घर वाले उसका इलाज कराते और 5 साल के लंबे थेरेपी के बाद अदिति थोड़ा सही होती
लेकिन आज भी उसके मां बाप इस बात से अंजान है कि उसके बेटी के साथ क्या हुआ

अब आप को बता दें ये अदिति कोई काल्पनिक लड़की नहीं बल्कि मेरे द्वारा इलाज की गई एक पेशेंट की कहानी है
और ये एक सच्ची घटना है

लड़कियों और लड़कों के साथ होने वाले इस कृत्य को ग्रुपिंग कहा जाता है जहां पहले एक लड़का लड़की को फंसता है फिर बाकी लड़के और पैसे के दम पे दूसरे लोग भी उसका शोषण करते हैं

ग्रुपिंग की शिकार ज्यातातर कॉलेज में जाने वाली लड़किया होती है और ज्यादातर शादीशुदा पुरुष होते हैं

और ज्यादातर ये लड़किया होती है जो मिडिल क्लास की हैं क्यों की उन्हें पता होता है ये तबका सिर्फ अपनी इज्जत बचाना चाहता है
और ना इनके पास इतना पैसा है कि वो कोर्ट कचहरी कर सके

इस मैसेज को ज्यादा से ज्यादा बहन बेटियों तक शेयर कीजिए
यदि आप को भी कोई लड़का मिलता है तो उससे दोस्ती कीजिए लेकिन अपनी लिमिट समझिए, यदि दोस्ती प्यार में बदल रही तो इस चीज को अपने माता पिता के साथ अहरे कीजिए

बात उस समय की है जब मेरी बेटी दसवीं कक्षा में पढ़ रही थी। हमारे घर पर काम करने के लिए एक महिला आती थी, जिसका नाम सविता थ...
14/11/2024

बात उस समय की है जब मेरी बेटी दसवीं कक्षा में पढ़ रही थी। हमारे घर पर काम करने के लिए एक महिला आती थी, जिसका नाम सविता था। सविता हमारे घर की साफ-सफाई, बर्तन और कपड़े धोने का काम करती थी। वह बेहद मेहनती थी, और उसकी हालत देखकर हम सब उससे सहानुभूति रखते थे। सविता का एक बेटा था, जो मेरी बेटी से दो साल बड़ा था। उसने ज्यादा पढ़ाई नहीं की थी, लेकिन सविता की सिफारिश पर हमने उसे एक एडवर्टाइजिंग एजेंसी में नौकरी दिलाने में मदद की।

सविता का बेटा रात को एडवर्टाइजिंग बैनर पेंट करने और उन्हें लगाने का काम करने लगा। उसकी माँ ने हमें बताया कि वह इस काम के चलते देर रात तक बाहर रहता था, और उसकी आदतें दिन-ब-दिन बिगड़ने लगी थीं। हमने उसे कई बार समझाया, लेकिन उसकी आदतों में कोई सुधार नहीं आया। एक दिन उसने अपनी माँ से जिद की कि उसे मोटरसाइकिल चाहिए। उस समय मोटरसाइकिल की कीमत 35 से 40 हजार रुपए थी, जो सविता के लिए एक बड़ी रकम थी।

सविता का पति एक वॉचमैन था, और वह खुद भी घर-घर काम करके परिवार का पालन-पोषण करती थी। जब सविता ने हमें यह बताया, तो हमने उसे समझाने की कोशिश की कि इतनी बड़ी रकम खर्च करना उसके लिए मुश्किल हो सकता है। लेकिन उसका बेटा जिद्दी था। उसने अपनी माँ से जान देने की धमकी दी। सविता का दिल पिघल गया और उसने बैंक से लोन लेकर उसे मोटरसाइकिल दिलवा दी।

मोटरसाइकिल मिलने के बाद, उसका बेटा और भी बिगड़ गया। उसे शराब की लत लग गई, और उसकी नौकरी भी चली गई। उसने अपनी माँ से जिद की कि उसे मुंबई जाना है। सविता ने उसे मना किया, लेकिन उसने फिर से जान देने की धमकी दी और घर से गायब रहने लगा। आखिरकार, सविता ने हार मान ली और उसे मुंबई जाने दिया।

मुंबई में उसका बेटा और भी गलत संगत में पड़ गया। वहां उसे कोई काम नहीं मिला, और उल्टा उसकी माँ को उसे पैसे भेजने पड़ते थे। लेकिन इस बार हमने सविता को समझाया और उसने पैसे भेजने बंद कर दिए। कुछ समय बाद, उसका बेटा वापस घर आ गया, लेकिन उसके हालात और भी खराब हो चुके थे। उसके पिता की सिफारिश पर उसे एक वॉचमैन की नौकरी मिल गई, लेकिन वह अपनी पुरानी आदतों से बाज नहीं आया।

एक दिन, उसने अपने माता-पिता के खिलाफ एक और जिद की। उसे एक लड़की पसंद आ गई और उसने उसी से शादी करने की जिद की। सविता ने आखिरकार उसकी इच्छा पूरी की और दोनों की शादी करा दी। उसकी पत्नी भी घर-घर काम करती थी, और उसकी स्थिति पहले से कहीं ज्यादा खराब हो चुकी थी। उसका बेटा अपनी पत्नी से भी पैसे लेकर शराब पीने लगा। इस कारण उसकी नौकरी भी छूट गई, और घर की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती गई।

इस बीच, उनके घर एक बेटा भी हुआ। सविता की बहू बेचारी दिन-रात काम करती थी, लेकिन उसके पति ने उसे कभी चैन से जीने नहीं दिया। एक दिन, उसकी बहू तंग आकर अपने मायके चली गई। सविता का बेटा अब पूरी तरह से अकेला हो गया था। उसके पिता को भी उसके व्यवहार से नफरत हो गई थी, और एक दिन जब उनकी सहनशक्ति की सीमा पार हो गई, तो उन्होंने अपनी जान दे दी। सविता जब काम पर थी, तभी उसे यह भयानक खबर मिली।

इसके बाद भी, सविता ने हार नहीं मानी। उसने अपनी जिंदगी की हर चुनौती का सामना किया, लेकिन उसके बेटे में कोई सुधार नहीं आया। उसने अपनी सास के साथ मिलकर घर की जिम्मेदारी उठाई और दिन-रात मेहनत की। उसके बेटे को लिवर की बीमारी हो गई, और उसका इलाज भी सविता ने करवाया, लेकिन उसकी हालत और बिगड़ गई।

अब सविता अपने पोते के साथ रह रही है, जो पढ़ाई में ज्यादा अच्छा नहीं है। वह नहीं जानती कि उसका पोता कभी उसके सहारे बनेगा या नहीं, लेकिन उसने हार नहीं मानी। वह आज भी सुबह से शाम तक मेहनत करती है, ताकि अपने बेटे और पोते का पालन-पोषण कर सके।

इस कहानी से मुझे यह समझ आया कि हम अपनी समस्याओं को लेकर अक्सर शिकायतें करते हैं, लेकिन सविता जैसी महिलाएं हमें सिखाती हैं कि किस तरह बिना थके और बिना रुके अपने फर्ज को निभाना चाहिए। सविता ने जीवन की हर चुनौती का सामना किया, और वह अब भी अपने पोते के बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष कर रही है। उसकी कहानी हमें सिखाती है कि संघर्ष से कभी हार नहीं माननी चाहिए, और अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाना चाहिए।

21/08/2024
काेराेना पाॅजिटिव हाेने पर डरें नहीं, घरवाले भी घबराएं नहीं। हमेशा यही बाेलें कि आप स्वस्थ्य हैं, कुछ नहीं हाेगा, किसी भ...
02/05/2021

काेराेना पाॅजिटिव हाेने पर डरें नहीं, घरवाले भी घबराएं नहीं। हमेशा यही बाेलें कि आप स्वस्थ्य हैं, कुछ नहीं हाेगा, किसी भी तरह का पैनिक क्रिएट नहीं करें। अस्पताल में यदि बैड फुल हैं, ताे चिकित्सक की सलाह पर घर पर ट्रीटमेंट करके भी काेराेना से जंग जीती जा सकती है। बस जरूरत है विल पाॅवर की और सेवाभाव की।

े #सुरक्षित_रहे

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