12/07/2022
कहो नरेंदर, मज़ा आ रहा?
इलाबाद प्रयाग हो गया
और बनारस क्योटा
धनीराम का खेत बिक गया
थार बचा ना लोटा
टूटी चप्पल पहन के मनसुख
बोरा उठा रहा है
और हमारा देसी नीरो
बँसी बजा रहा है
डॉलर सर पे पाँव जमाये
मुँह के बल पड़ा रुपइया
और भक्त चिल्लाए रहे हैं
जय गंगा जय हो गइया
जो गंगा के लिए लड़ा
वो जीवन गंवा रहा है
और इधर मन-मौजी
मन की बातें सुना रहा है
देश हमारा कहाँ जा रहा!
कहो नरेन्दर, मज़ा आ रहा ?