Thought Bhindi

Thought Bhindi My hobbies न passion. Mode of affection

25/09/2020

मरना बुज्दलि है
तो यु ही जि लेते है
जिंदा लाशों का सहर है यारों
एक दूसरे की खीच जि लेते है

मरना बुज्दली है
तो यु ही जि लेते हैं

बहुत नाज़ुक है सांसे
हवा की डोर है
लिपटी और खत्म
ना ही शोर है

मरना बुज्दली है
तो यू ही जी लेते है

04/10/2019

कुछ दर्द भुलाने के लिए
अपना वक्त निकालता रहता हु
वो खुद म़े जीते

सबको समझा रहा पर
खुद समझ नहीं पाता हु
खुद से ही लड़ रहा पर
खुद को ही बहलाता हु

02/03/2018

माँ रोज क्यों याद आती हो
दिल सूना

और आंखे नम कर जाती हो
हर महफ़िल अनसुनी हो गई हो
दिल कहता

हो यही कही गुमसुम सो गई हो
खोजता ख़ुशी हर घड़ी रो रही हो
दिल न माने

लगता ये आहट मुझसे हो.कही हो।।

06/12/2017

हाथ थामा है छोड़ने का मन नहीं
प्यार पाया है जग के लूटने से सही
आखिरी जीवन कथा हो तेरे साथ यही
ऐसा ही लगता है माँ के जाने बाद कही bhindi

05/12/2017

गलत फायमियो की दीवार में
ना तुम सोए न हम
दीवारों में दरारे पड़ गई कि
कभी हम रोए तो कभी तुम

नजरो के सवालo को
न तुम समझे न हम
दूरिया बड़ाती गई दर्द हुआ न कम
कभी समझना उस जज्बात को
ख़ुद खोदा खुद ही का गम

06/10/2017

हम गरीबी में कैद है
क्या
तुम अमीरी में कैद हो

हम मसरूफी मे कैद है
क्या
तुम मजबूरी में कैद हो

16/07/2017

हर रोज उठते कुछ सोच नहीं पाता
आवाज कानो में समझ नहीं आता
मायूस हो इस्तकबाल खो नहीं जाता
हर दिन को मैं जी नहीं पाता

Address

Sitarganj
262405

Telephone

+919868925070

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Thought Bhindi posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Establishment

Send a message to Thought Bhindi:

Share

Category