30/04/2026
वक़्त मुश्किल हैं बड़ा ,ये माना मैंने
वक़्त मुश्किल हैं बड़ा ,ये माना मैंने
वक़्त मुश्किल हैं बड़ा ,ये माना मैंने
इन मुश्किलों में ही अपनों को ,पहचाना मैंने ,
हर किसी को अपना ,बनाया नहीं करते
हर किसी को अपना बनाया नहीं करते
हर किसी को अपना बनाया नहीं करते
बनाकर अपना फिर यूँ ,पराया नहीं करते ,
वक्त औरों पे अपना यूँ जाया नहीं करते
वक्त औरों पे अपना यूँ जाया नहीं करते
वक्त औरों पे अपना यूँ जाया नहीं करते
बार बार अपनापन जताया नहीं करते ,
जो हैं अपना उसे भुलाया नहीं करते
जो हैं अपना उसे भुलाया नहीं करते
जो हैं अपना उसे भुलाया नहीं करते
ग़ैरों की भीड़ में अपनों को ,पराया नहीं करते ,
राज अपनों से यूँ छुपाया नहीं करते
राज अपनों से यूँ छुपाया नहीं करते
राज अपनों से यूँ छुपाया नहीं करते
और ज़ख़्म दिल के किसी को दिखाया नहीं करते ,
सुषमा पारख
स्वरचित (मौलिक)