Motivational poem

Motivational poem हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥

🧿🧿♥️♥️🧿🧿नन्ही गुड़िया लाड़ली बिटिया तुम से ही संसार खिले ,देख के तुमको कष्ट भी भागे खुशियों की बौछार उड़े,नन्ही गुड़िया ...
06/08/2026

🧿🧿♥️♥️🧿🧿

नन्ही गुड़िया लाड़ली बिटिया
तुम से ही संसार खिले ,
देख के तुमको कष्ट भी भागे
खुशियों की बौछार उड़े,
नन्ही गुड़िया लाड़ली बिटिया
तुम से ही संसार खिले ,

नन्ही नन्ही तेरी शरारत
जीवन में उमंग भरे ,
यूँ ही खिलती रहना सदा तुम
खुशियों से तेरी झोली भरे ,
नन्ही गुड़िया लाड़ली बिटिया
तुम से ही संसार खिले ,

हर पल हँसती रहना लाडो
तुमको ना कोई ग़म मिले ,
प्यार मिले सब अपनों से ।
ईश्वर का आशीष मिले ।।

नन्ही गुड़िया लाड़ली बिटिया
तुम से ही संसार खिले ,

-: सुषमा पारख

🧿♥️🧿तुमसे लड़ना ,तुमसे झगड़ना तुमसे ही मैं प्यार करूँ ….२रूठना तुमसे ,तुमको मानना तुमसे ही हर बात कहूँ ,तुमसे लड़ना ,तुम...
06/08/2026

🧿♥️🧿

तुमसे लड़ना ,तुमसे झगड़ना
तुमसे ही मैं प्यार करूँ ….२

रूठना तुमसे ,तुमको मानना
तुमसे ही हर बात कहूँ ,

तुमसे लड़ना ,तुमसे झगड़ना
तुमसे ही मैं प्यार करूँ ….२

तुमसे बिछड़कर जियूँगी कैसे
सोच के दिल घबराये मेरा -2
पास तेरे ही रहना मुझको
चाहूँ हर पल साथ तेरा ,

तुमसे लड़ना ,तुमसे झगड़ना
तुमसे ही मैं प्यार करूँ ….२

आज भी तू हैं कल भी तू हैं
जीवन भर यूँ साथ रहे ,
शिव-गौरी सा प्यार हमारा ।
हर दिन यूँ ही बढ़ता रहे ।।

तुमसे लड़ना ,तुमसे झगड़ना
तुमसे ही मैं प्यार करूँ ….२

-: सुषमा पारख

🙏कृष्ण 🙏मुरली मनोहर ,नटवर नागर,नारायण गोपाल कहो ,यशोदानंदन,देवकीनंदन ,गोपालप्रिया,नंदलाल कहो ,आनंदसागर,जय ज्ञानेश्वर,मुर...
06/08/2026

🙏कृष्ण 🙏

मुरली मनोहर ,नटवर नागर,नारायण गोपाल कहो ,
यशोदानंदन,देवकीनंदन ,गोपालप्रिया,नंदलाल कहो ,
आनंदसागर,जय ज्ञानेश्वर,मुरलीधर धनश्याम कहो ,
स्वर्गपति श्री जगन्नाथ ,श्री सहस्त्रपात,श्री कांत कहो ,
हरि ज्ञानेश्वर ,बैकुंठ नाथ जय सर्वेश्वर श्री श्याम कहो ।
लक्ष्मीपति हर हर विष्णो,योगी योगी गोविंद कहो ।।

-: सुषमा पारख

झिलमिल तारों सा चमकता दीदार तुम्हारा हैं लगता सारी दुनिया से ये न्यारा न्यारा हैं ,साथ तेरे जो गुजरा वो लम्हा लम्हा प्या...
04/08/2026

झिलमिल तारों सा चमकता दीदार तुम्हारा हैं
लगता सारी दुनिया से ये न्यारा न्यारा हैं ,
साथ तेरे जो गुजरा वो लम्हा लम्हा प्यारा हैं -२
आस्था के धागों का अनुपम रिश्ता हमारा हैं ।

दर्श तेरे पाने को ,मैं सुबह शाम बिताती हूँ
सोच कर तेरे बारे में ही मैं खिलखिलाती हूँ ,
सोचती हूँ तुझको ही सोच के मुस्कुराती हूँ -२
देखकर तेरे मुखड़े को मैं दुनिया भूल जाती हूँ ।

-: सुषमा पारख

शीर्षक -: ये रिश्ता तुमसे ही हसीं मौसम ,हसी सारा नज़ारा हैं सारी दुनिया से लगता तू  न्यारा न्यारा हैं ,साथ तेरे जो गुजरा...
04/08/2026

शीर्षक -: ये रिश्ता

तुमसे ही हसीं मौसम ,हसी सारा नज़ारा हैं
सारी दुनिया से लगता तू न्यारा न्यारा हैं ,
साथ तेरे जो गुजरा वो लम्हा लम्हा प्यारा हैं -२
प्यार के प्यारे धागों का ये रिश्ता हमारा हैं ।

साथ तेरा पाने को ,मैं सुबह शाम बिताती हूँ
सोच कर तेरे बारे में ,ही मैं खिलखिलाती हूँ ,
सोचती हूँ तुझको ही सोच के मुस्कुराती हूँ -२
देखकर तेरे मुखड़े को मैं दुनिया भूल जाती हूँ ।

-: सुषमा पारख
सिलचर ,असम

शीर्षक-: भाई रिश्ता हैं कैसा भाई ….भाई रिश्ता हैं ऐसा लिखूँ कैसे मैं कैसा …धूप में छाँव सा सुकून में गाँव सा पीपल की छाँ...
03/08/2026

शीर्षक-: भाई रिश्ता हैं कैसा

भाई ….
भाई रिश्ता हैं ऐसा
लिखूँ कैसे मैं कैसा …
धूप में छाँव सा
सुकून में गाँव सा
पीपल की छाँव सा
भाई …
भाई रिश्ता हैं ऐसा
भाई रिश्ता हैं ऐसा ………

तुम संग जीवन की बगिया
महकें मेरी ये दुनिया ,
तुम संग प्यारा हैं नज़ारा
भाई तू जान से भी प्यारा
मेरी आँखों का तारा
भाई भाई रिश्ता हैं ऐसा
भाई रिश्ता हैं ऐसा ……..

जब जब ठोकरों ने मारा
भाई तूने ही संवारा
रिश्ता प्यारा हमारा
लागे जान से भी प्यारा
भाई ,भाई रिश्ता हैं ऐसा
भाई रिश्ता हैं ऐसा …….

चोंटो ने सताया
जीवन ने रुलाया
हारा जब जब मैं हारा
भाई ,भाई तू ही एक सहारा
प्यारा दुनिया से प्यारा
भाई , भाई रिश्ता हैं ऐसा
भाई रिश्ता हैं ऐसा ………

जादू की झपी सा
कभी उलझी सी गुथी सा
तुम हैं रिश्तों का सार
तू तो हमारा आधार
भाई , भाई रिश्ता हैं ऐसा
भाई रिश्ता हैं ऐसा ……..

प्यारा तुझसे परिवार
महकें तेरा संसार
खुशियाँ मिले बेशुमार
भाई रिश्ता प्यारा प्यारा
सब नातों से हैं न्यारा
भाई , भाई रिश्ता हैं ऐसा
भाई , भाई रिश्ता हैं ऐसा

-:सुषमा पारख
सिलचर ,असम

शीर्षक-: मन्नतों के धागों को ,मंदिर मंदिर चढ़ाया हैं तुम्हें पाने की चाहत में ,ख़ुद को गवाया हैंमन्नतों के धागों को ,मंद...
23/07/2026

शीर्षक-: मन्नतों के धागों को ,मंदिर मंदिर चढ़ाया हैं

तुम्हें पाने की चाहत में ,ख़ुद को गवाया हैं
मन्नतों के धागों को ,मंदिर मंदिर चढ़ाया हैं
साथ पाकर भी तेरा जो तुमको ना पाया तो (फिर )
दुआओं में तुझे माँगा तब आशीषों में पाया हैं ,
दुआओं में तुझे माँगा तब आशीषों में पाया हैं ,

कष्टों से भरी राहें ,ऽऽऽऽऽऽ राहों में अंधेरा हैं
मेरा उजला सितारा तू ,तू कष्टों में सहारा हैं
एक तेरे भरोसे पर , रोशन मेरा नज़ारा हैं
जिसमे प्राण मेरे बसते ऽऽ वो चेहरा तुम्हारा हैं ,
जिसमे प्राण मेरे बसते ऽऽ वो चेहरा तुम्हारा हैं ,

सफ़र मुश्किल हैं लेकिन,उम्मीदों का सहारा हैं
तेरी आँखों में ही बसता ,सारा संसार हमारा हैं ,
तेरी आँखों में ही बसता ,सारा संसार हमारा हैं ,

तुमसे ही मेरी दुनिया ,तू दुनिया से भी प्यारा है
तेरे साथ में जीना, ही जीना हमारा हैं

-:: सुषमा पारख
सिलचर ,असम (स्वरचित )

शीर्षक -: माँ तेरे धाम आना हैं अहो सौभाग्य हैं मेरा,जो मैया आपने थामा हैं आपके ही चरणों में ,अब मेरा ठिकाना हैं ख़ुशी से...
19/07/2026

शीर्षक -: माँ तेरे धाम आना हैं

अहो सौभाग्य हैं मेरा,जो मैया आपने थामा हैं
आपके ही चरणों में ,अब मेरा ठिकाना हैं
ख़ुशी से झूमती आँखे,चाहे दीदार अब तेरा -२
देखने तेरे (माँ)मुखड़े को ,माँ तेरे धाम आना हैं ,

ना अपना हैं कोई मेरा ,ना कोई पराया हैं
मुझमें जो भी दिखता माँ ,तेरा ही साया हैं
ढूँढती तुझको ही नज़रे ,जपे ये नाम माँ तेरा -२
जपते जपते तेरा नाम ,माँ तेरे धाम आना हैं ,

दर्शन हो माँ तेरे ,मन का यही तराना हैं
मैया तेरा दर्शन ही अब मेरा फ़साना हैं
दौड़ती ये मेरी जिंदगी चाहे साथ बस तेरा -२
यूँ ही दौड़कर मुझको माँ तेरे धाम आना हैं

कहाँ सामर्थ्य मेरा,ख़ाली भाव हमारा हैं
बुलाना अपने भक्त को ये काम तुम्हारा हैं
अब तो तुमसे मिलने को तड़पता हैं मन मेरा -२
भरकर भावों से झर झर ,बहता आंसूँ हमारा हैं

माँ तुझको बुलाना हैं मैंने दिल से पुकारा हैं
बुलाती क्यों नहीं माँ ,मैंने क्या बिगाड़ा हैं
मिलने को तरसता मन ,उड़िकता रास्ता तेरा-२
चेतना की बगिया का महकता रिश्ता हमारा हैं

स्वरचित ,मौलिक
सुषमा पारख
सिलचर ,असम

30/04/2026

वक़्त मुश्किल हैं बड़ा ,ये माना मैंने
वक़्त मुश्किल हैं बड़ा ,ये माना मैंने
वक़्त मुश्किल हैं बड़ा ,ये माना मैंने
इन मुश्किलों में ही अपनों को ,पहचाना मैंने ,

हर किसी को अपना ,बनाया नहीं करते
हर किसी को अपना बनाया नहीं करते
हर किसी को अपना बनाया नहीं करते
बनाकर अपना फिर यूँ ,पराया नहीं करते ,

वक्त औरों पे अपना यूँ जाया नहीं करते
वक्त औरों पे अपना यूँ जाया नहीं करते
वक्त औरों पे अपना यूँ जाया नहीं करते
बार बार अपनापन जताया नहीं करते ,

जो हैं अपना उसे भुलाया नहीं करते
जो हैं अपना उसे भुलाया नहीं करते
जो हैं अपना उसे भुलाया नहीं करते
ग़ैरों की भीड़ में अपनों को ,पराया नहीं करते ,

राज अपनों से यूँ छुपाया नहीं करते
राज अपनों से यूँ छुपाया नहीं करते
राज अपनों से यूँ छुपाया नहीं करते
और ज़ख़्म दिल के किसी को दिखाया नहीं करते ,

सुषमा पारख
स्वरचित (मौलिक)

30/04/2026

बेटी तो हैं पराया धन ,जवाई ले जाएगा
बेटी तो हैं पराया धन ,जवाई ले जाएगा

बेटी तो हैं पराया धन ,जवाई ले जाएगा
बेटी तो हैं पराया धन ,जवाई ले जाएगा

बनके चिड़िया ,बनके चिड़िया
बनके चिड़िया बिटिया तो ,सवेरे उड़ जाएगी
बनके चिड़िया बिटिया तो ,सवेरे उड़ जाएगी

बेटी तो हैं पराया धन ,जवाई ले जाएगा
बेटी तो हैं पराया धन ,जवाई ले जाएगा

जब कभी मायके की उसको याद आएगी
जब कभी मायके की उसको याद आएगी

जब कभी मायके की उसको याद आएगी
भींग जाएगी पलके ,पर सबसे छुपाएगी

भींग जाएगी पलके ,पर सबसे छुपाएगी
बेटी तो पराया धन ऽऽऽ सवेरे उड़ जाएगी

बेटी घर बाबुल के ,भाग्य बन आती हैं
बेटी घर बाबुल के ,भाग्य बन आती हैं

बेटी घर बाबुल के ,भाग्य बन आती हैं
बेटी से आँगन की शोभा बढ़ जाती हैं
बेटी से आँगन की शोभा बढ़ जाती हैं

सौ भाग्य उदय से ही ऽऽऽएक बेटी आती हैं
सौ भाग्य उदय से ही ऽऽऽएक बेटी आती हैं
सौ भाग्य उदय से ही ऽऽऽएक बेटी आती हैं
बेटी के आने से क़िस्मत चमक जाती हैं

-: सुषमा पारख
धुन -: तुम तो ठहरे परदेशी

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