30/06/2026
जिस प्रकार पढ़ा लिखा इंसान भी अंधविश्वासी हो सकता हैं, उसी प्रकार संस्कारी कपड़े पहनकर भी व,ल्गैरिटी फैलाई जा सकती हैं।
सूट पहनकर दुपट्टा डालने या साड़ी पहन लेने से कोई संस्कारी नहीं हो जाती न ही जींस टॉप पहनकर कोई संस्कारहीन हो जाते हैं। पहनने वाले के तरीके पर निर्भर करता हैं कि वो ड्रेस सभ्यता दर्शाती हैं या असभ्यता।
सार्वजनिक स्थान पर अगर जाना हो तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें कि हमारे कपड़े भीगने पर ट्रांसपेरेंट न हो।