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https://youtu.be/rlwlfBUur48
08/12/2019

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09 December 2019 Rashifal Horoscope Today | राशिफल | aaj ka rashifal | 9 दिसंबर 2019 राशिफल ,09 December 2019 Rashifal Horoscope Today,राशिफल, horoscope toda...

29/09/2017

navratri special / नवरात्रि में हुआ धमाल - 108 लोगो ने एक साथ की माता आरती

28/09/2017

(dandiya) durga ashtami dandiya 2

21/08/2017
30/07/2017

*_नमस्कार दोस्तो मनुष्य के जीवन का सबसे बड़ा सत्ये है मृतु पर क्या मरने से पूर्व मृत्यु का एहसास किया जा सकता है आप सभी का सवागत है , हमारे यूट्यूब चैनल , पंडित जी ऑनलाइन में_*

*_दोस्तो , आंशिक रूप से , हाँ , विज्ञान कहता है , कि हमारे अन्दर की , वह अनुभूति , जो हमें हम बनाती है , अर्थात , हमारे मस्तिष्क की क्रियाएं , विचार , भावनाएं , खौफ , समय का बोध , इत्यादि , जीवन है , इसके विपरीत , जब हम , किसी भी प्रकार के , विचार , भावना ,खौफ से , अछूते रहते हैं , और हमें , समय का बोध नही रहता , वह स्थिति मृत्यु है।_*

https://youtu.be/kq5oiGnAei0

*_दोस्तो , अब मृत्यु का , एक आंशिक एहसास करने के लिए , आपको , सोते समय का , वह एहसास , याद करना होगा , जिस समय , आप किसी भी प्रकार के , स्वप्न से मुक्त होते हैं , तथा , आपको किसी भी प्रकार का , कोई बोध नही रहता। , आप नही जानते , आपके आस-पास की , क्रियाएं क्या हैं ,आप डर से मुक्त होते हैं, आपको , समय की तीव्रता का , ज्ञान नही रहता , जब ये ही स्थिति , अनंत हो जाए , अर्थात , आपको , सदियाँ बीत जाने तक का , ज्ञान ना रहे , तब वह स्थिति , मृत्यु कहलाती है। , अगर वीडियो पसंद आये , तो लाइक ओर शेयर के साथ , सुब्स्क्रिब करना न भूले_*

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*_धन्यवाद_*

30/07/2017

*_दूल्हे को घोड़ी पर ही क्यों बिठाया जाता है_*

*_नमस्कार दोस्तो , आपमे से बहुत से लोग , घोड़ी चाड चुके होंगे , और बहुत से , चढ़ने वाले होंगे , पर क्या , आपको पता है , कि दूल्हे को,घोड़ी पर ही, क्यों बिठाया जाता है , आप सभी का स्वागत है , हमारे यूट्यूब चैनल , पंडित जी ऑनलाइन में_*

*_दोस्तो , विवाह के मोके पर , दूल्हे को , घोड़ी पर ही क्यों बिठाया जाता है, किसी और जानवर पर क्यों नहीं , इसकी वजह यह है , कि भगवान श्री राम , और सीता का स्वयंवर हो , या फिर , श्री कृष्ण , और रुक्मणी का विवाह , । पत्नी को पाने के लिए , युद्ध के हालात बने , । यह युद्ध , घोड़े पर बैठकर ही , किया गया । , इसलिये , विवाह के मौके पर , वधु रूपी स्त्री धन को , घोड़ी पर लाने की , परम्परा शुरू हुई । , घोड़े को जहां , शौर्य और वीरता का , प्रतीक माना गया है , वहीं घोड़ी को , उत्पत्ति का कारक माना गया_*

https://youtu.be/kp1JDeQmz60

*_दोस्तो , इसी के चलते ,दूल्हे को , घोड़ी पर बैठाकर कर , बारात ले जाने की परम्परा ,प्रचलन में आई, एक और प्रसंग है , कि जब , सूर्य और , उनकी चार संताने , यम ,यमी ,तपती ,शनैशचर , की उत्पत्ति हुई ,उस समय , सूर्य की पत्नी , रूपा ने , घोड़ी का ही रूप , धारण किया था, बस ,इन्हीं पौराणिक मान्यताओँ की वजह से , घोड़ी को , विवाह में महत्वपूर्ण स्थान मिला अगर वीडियो पसंद आये , तो लाइक ओर शेयर के साथ , सुब्स्क्रिब करना न भूले_*

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29/07/2017

*_(Mano Ya Na Mano) - क्या भूतकाल को देख पाना संभव है| - /Part - 3/ In Hindi_*

*_नमस्कार दोस्तो , बहुत से लोगो के मन मे , कभी कभी ये खयाल आता है , कि क्या , भूतकाल को , देख पाना संभव है , आप सभी का स्वागत है , हमारे यूट्यूब चैनल , पंडित जी ऑनलाइन मे_*

https://youtu.be/uzeh7apt8II

*_दोस्तो ,जी हाँ , भूतकाल को , देख पाना संभव है , यदि आप , देखना चाहें कि , पुराना अकबर , कैसा दिखाई देता था/ , आप जहां आज हैं , आज से हजारों साल पहले , उस स्थान पर क्या था , / जब आप एक वर्ष के थे , तब कैसे दिखाई देते थे , / कोई भी ऐसा व्यक्ति , जो इस दुनिया में नही है , आप उसे , भूतकाल में , चलते फिरते , व क्रियाएँ करते , देख सकते हैं। , पर स्याद , पहली बार में आपको , ये सब असत्य व , मनगढ़ंत लगे_*

*_दोस्ती ,किन्तु विज्ञान कहता है , कि , भूतकाल को देख पाना , संभव है। , किन्तु बाधा ये है , कि , भूतकाल को देखने के लिए , आपको , प्रकाश की गति से तेज , चलना होगा। , मान लीजिए , आपकी आयु 25 , वर्ष है और आप देखना चाहते हैं , कि पाँच वर्ष की आयु में , आप कैसे दिखाई देते थे , तो आपको , प्रकाश की गति से , आगे निकलकर , पृथ्वी से , 20 प्रकाश वर्ष , दूर जाना होगा। , इतनी दूरी पर जाकर , जब आप , एक शक्तिशाली , दूरबीन की सहायता से , पृथ्वी पर देखेंगे , तो स्वयं को , 5 वर्ष का पाएँगे , व अपना , भूतकाल देख सकेंगे। , इसी प्रकार से , आप जितने प्रकाश वर्ष , दूर जाएंगे , आपको भूतकाल की , उतनी पुरानी तस्वीर , दिखाई देगी। , यद्दपि यह संभव है , किन्तु आसान नही; क्योंकि , प्रकाश की गति से तेज , चलने का अर्थ , भौतिक नियमों को , चुनौती देना होगा , यद्दपि , आने वाले समय में , आधुनिक उपकरणों के मदद से , शायद ही , ऐसा संभव हो पाए। , अगर ये संदेश पसंद आये , तो लाइक ओर शेयर के साथ , सुब्स्क्रिब करना न भूले_*

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17/07/2017

जानिए कब होगा कलियुग का अंत, पृथ्वी पर सिर्फ जल ही बचेगा, उत्तराखंड की वादियों में बस है ये राज
https://youtu.be/yHnxwbwy9tQ

दोस्तो , ये कलियुग चल रहा है। , हर युग की तरह , इस युग का भी अंत होेगा। , लेकिन हर कोई जानना चाहेगा , कि ये अंत कब होगा। , दोस्तो ,उत्तराखण्ड की , पहाड़ी वादियों के बीच , बसे एक कस्बे , गंगोलीहाट की , पाताल भुवनेश्वर , गुफा , किसी आश्चर्य से कम नही है। ,नमस्कार दोस्तो , आप सभी का स्वागत है , हमारे यूट्यूब चैनल , पंडित जी ऑनलाइन में , दोस्तो ,

दोस्तो , सृष्टि की रचना से लेकर , कलयुग का अंत , कब और कैसे होगा , इसका पूरा वर्णन , यहां पर है। , यहां पत्थरों से बना , एक - एक शिल्प , तमाम रहस्यों को , खुद में समेटे हुए है। , मुख्य द्वार से , पतला फिसलन भर रास्ता , ओर , 80 सीढियां उतरने के बाद , एक ऐसी दुनिया , देखने मिलती है , जहां , युगों युगों का इतिहास , एक साथ प्रकट हो जाता है। , गुफा में बने पत्थरों के ढांचे , व्यक्ति को , सोचने पर मजबूर कर देते हैं।,

दोस्तो , ये एकमात्र ऐसा स्थान है , जहां पर , चारों धामों के दर्शन , एक साथ होते हैं। , शिवजी की जटाओं से , बहती , गंगा की धारा , यहां नजर आती है , तो ,अमृतकुंड के दर्शन भी , यहां पर होते हैं। , ऐरावत हाथी भी , आपको यहां , दिखाई देगा , और , पौराणिक मान्यताओं के अनुसार , स्वर्ग का मार्ग भी , यहां से शुरू होता है। ,

दोस्तो ,समय-समय पर , दुनिया खत्म होने की , भविष्यवाणियां भी , आती रहती हैं , लेकिन , अभी दुनिया खत्म होने में , काफी वक्त है। , भारत के कुछ गुफाएं , और मंदिर ऐसे हैं , जहां , यह रहस्य छुपा हुआ है। , पाताल भुवनेश्वर , दरअसल एक प्राचीन , और रहस्यमयी गुफा है , जो अपने आप में , एक रहस्यमयी दुनिया को , समेटे हुए है। , गुफा में पहुंचने पर , एक अलग ही , अनुभूति होती है। , जैसे कि आप , किसी काल्पनिक लोक में ,पहुंच गए हों। , गुफा में उतरते ही , सबसे पहले , गुफा के बाईं तरफ , शेषनाग की , एक विशाल आकृति दिखाई देती , जिसके ऊपर , विशालकाय , अर्द्धगोलाकार चट्टान है , जिसके बारे में कहा जाता है , कि शेषनाग ने , इसी स्थान पर , पृथ्वी को , अपने फन पर धारण किया है।,

दोस्तो , स्कंद पुराण में , इस गुफा के विषय में , कहा गया है , कि , इसमें भगवान , शिव का निवास है। , सभी देवी-देवता , इस गुफा में आकर , भगवान शिव की , पूजा करते हैं। , गुफा के पतले रास्ते से , जमीन के अंदर , आठ से दस फीट , अंदर जाने पर , गुफा की दीवारों पर , शेषनाग सहित , विभिन्न , देवी-देवताओं की आकृति , नज़र आती है। , मान्यता है कि , पाण्डवों ने , इस गुफा के पास , तपस्या की थी। , बाद में , आदि शंकराचार्य ने , इस गफा की , खोज की। , इस गुफा में , चार खाबे है , जो चार युगों , अर्थात सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग तथा कलियुग , को दर्शाते हैं। , इनमें , पहले तीन आकारों में , कोई परिवर्तन नही होता। , जबकि , कलियुग का खंभा ,लम्बाई में अधिक है , और इसके ऊपर , छत से एक पिंड ,नीचे लटक रहा है। , यहां के पुजारी का कहना है , कि 7 करोड़ वर्षों में , यह पिंड , 1 ईंच बढ़ता है। , मान्यता है कि , जिस दिन , यह पिंड , कलियुग के खंभे से , मिल जाएगा , उस दिन , कलियुग समाप्त होगा , और महाप्रलय आ जायगी ,

दोस्तो , पौराणिक महत्व के अलावा , पुरातत्व की मानें तो , इस गुफा को , त्रेता युग में , राजा , ऋतुपर्ण ने , सबसे पहले देखा। , द्वापर युग में , पाण्डवों ने , यहां चौपड़ खेला , और कलयुग में , जगदगुरु शकराचार्य का , 822 ई के आसपास , इस गुफा से , साक्षात्कार हुआ , तो उन्होंने यहां , तांबे का एक शिवलिंग , स्थापित किया। , इसके बाद , चन्द राजाओं ने , इस गुफा के विषय मे जाना , और आज , यहाँ देश विदेश से , सैलानी आते हैं , एवं गुफा को देख ,दांतो तले ,उंगली दबाने को , मजबूर हो जाते हैं।,
मान्यताएं चाहे कुछ भी हो , पर एक बार , गुफा में बनी , आकृतियों को , देख लेने के बाद , उनसे जुड़ी , मान्यताओं पर , भरोसा किये बिना , नहीं रहा जाता। ,

Dosto गुफा की शुरुआत में , शेषनाग के फनों की तरह , उभरी संरचना , पत्थरों पर नज़र आती है। , मान्यता है कि , धरती , इसी पर टिकी है। , आगे बढने पर , एक छोटा सा , हवन कुंड , दिखाई देता है। , कहा जाता है , कि राजा परीक्षित को , मिले श्राप से , मुक्ति दिलाने के लिए , उनके पुत्र ने , इसी कुण्ड में , सभी नागों को जला डाला , परंतु , तक्षक नाम का , एक नाग बच निकला , जिसने बदला लेते हुए , परीक्षित को , मौत के घाट उतार दिया। , हवन कुण्ड के ऊपर , इसी तक्षक नाग की , आकृति बनी है। ,
आगे चलते हुए , महसूस होता है कि , हम किसी की , हडिडयों पर चल रहे हों। , सामने की दीवार पर , काल भैरव की , जीभ की आकृति , दिखाई देती है। , कुछ आगे , मुड़ी गरदन वाला गरुड़ , एक कुण्ड के ऊपर , बैठा दिखई देता है। , माना जाता है , कि शिवजी ने , इस कुण्ड को , अपने नागों के , पानी पीने के लिये बनाया था। , इसकी देखरेख , गरुड़ के हाथ में थी। , लेकिन जब गरुड़ ने ही , इस कुण्ड से , पानी पीने की कोशिश की , तो शिवजी ने गुस्से में , उसकी गरदल मोड़ दी। , कुछ आगे , ऊंची दीवार पर , जटानुमा सफेद संरचना है। ,

यहीं पर एक , जलकुण्ड है , मान्यता है कि , पाण्डवों के , प्रवास के दौरान , विश्वकर्मा ने , उनके लिये ,यह कुण्ड बनवाया था। , कुछ आगे , दो खुले दरवाजों के अन्दर , पतला रास्ता जाता है। , कहा जाता है , कि ये , द्वार , धर्म द्वार , और मोक्ष द्वार है ।

13/07/2017

हिंदू धर्म क्यों है एक रहस्यमयी धर्म?

https://youtu.be/2hk6B83eZRE

दोस्तो , हिन्दू धर्म ने , दुनिया को ईश्वरवाद , आत्मवाद , जड़वाद , मोक्ष, योग, प्रार्थना , एवं ध्यान पर , एक दर्शन दिया, ब्रह्मांड की गुत्थी सुलझाई, स्वप्न जगत के ,रहस्यमयी चक्र के , पीछे छुपे हुए , विज्ञान को बताया, चंद्रमा के घटने बढ़ने के साथ , मनुष्य और प्रकृति में , बदलाव का खुलासा किया, पूर्णिमा और अमावस्या के , रहस्य को उजागर किया , इसीलिए लिए हिंदू धर्म , एक , रहस्यमयी धर्म माना गया है।, नमस्कार दोस्तो , आप सभी का स्वागत है , हमारे यूट्यूब चैनल , पंडित जी ऑनलाइन में,

दोस्तो , हिंदू धर्म में , मन के पार भी , एक अन्य मन होता है , जिससे जानकर व्यक्ति , कई चमत्कारिक शक्तियों का , मालिक बन सकता है , मन के भी तीन प्रकार होते है चेतन मन, अवचेतन मन , और अचेतन मन , ध्यान करने , और मौन रहने से , क्या हो सकता है , इसका रहस्य हमारे , पुराणों ओर शास्त्रो में , बताया गया है , यज्ञ से कैसे, वर्षा और मौसम को , नियंत्रित किया जा सकता है , और , कैसे अधिक से अधिक , ऑक्सिजन का , निर्माण किया जा सकता है , इस रहस्य को बताया है ,

दोस्तो , इन सभी के अलावा , नागलोक का रहस्य, पारसमणी, संजीवनी बूटी, कल्पवृक्ष, कामधेनु, यति, सोमरस, स्वर्ण बनाने की विधि, अमृत कलश, विशालकाय मानव, ब्रह्मास्त्र, सुदर्शन चक्र, इच्छामृत्यु, इच्‍छाधारी सांप , वरदान , श्राप , गरूढ़ जैसे वाहन, रावण के दस सिर, आत्मा का पुनर्जन्म, सृष्टि उत्पत्ति, सृष्टि चक्र, जीवन चक्र , आदि ऐसे हजारों बाते हैं , जो कि रहस्य से भरी हुई है। , इन सभी का उल्लेख , हिंदू वेद और पुराणों में मिलता है। ,

दोस्तो , इसके अलवा , हिन्दू धर्म मे , कई रहस्यमयी विद्याओं का , जिक्र है , जिसमें , सम्मोहन विद्या, प्राण विद्या, ज्योतिष, वास्तु, हस्तरेखा, चौकी बांधना, तंत्र मंत्र का , जिक्र मिलता है। इसके अलावा , शमशान साधना, कर्णपिशाचनी साधना, वीर साधना, प्रेत साधना, अप्सरा साधना, परी साधना, यक्ष साधना , और तंत्र साधनाओं के बारे में , उल्लेख मिलता हैं। , सिद्धियों के प्रकार , और उन्हें प्राप्त करने की विधि , भी धर्मशास्त्रों में मिलती है। जैसे , दूसरे के मन की बात जान लेना, किसी को भी वश में कर लेना, अंतर्ध्यान हो जाना, हाथी जैसा बल प्राप्त कर लेना, कई वर्षों तक , अन्न जल , गृहण न करके भी जिंदा रहना, अत्यधिक ठंडे या , गर्म प्रदेश में भी , जी लेना,हजारों किलोमीटर दूर से , सुन या देख लेना, पुर्वजन्म की बात जान लेना, पशु पक्षियों की भाषा समझना , आदि ऐसी हजारों सिद्धियों का , वर्णन मिलता है।

इस तरह हमने देखा कि , ब्रह्म, ब्रह्मांड और आत्मा के , संपूर्ण रहस्य को , हिन्दू धर्म ने , रहस्यमयी तरीके से , कुछ इस तरह बताया है , कि , जिसे आज विज्ञान , नए तरीके से उजागर , करने में लगा है। दोस्तो अगर वीडियो अच्छी लगे तो लाइक शेयर जरूर करे

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