Pyar Ek Eahsas

Pyar Ek Eahsas अपने वजूद पर इतना न इतरा ए ज़िन्दगी..
वो

चिराग़-ए-दिल बुझाना चाहता था,
वो मुझको भूल जाना चाहता था !

मुझे वो छोड़ जाना चाहता था,
मगर कोई बहाना चाहता था !

सफ़ेदी आ गई बालों पे उसके,
वो बाइज़्ज़त घराना चाहता था !

उसे नफ़रत थी अपने आपसे भी,
मगर उसको ज़माना चाहता था !

तमन्ना दिल की जानिब बढ़ रही थी,
परिन्दा आशियाना चाहता था !

बहुत ज़ख्मी थे उसके होंठ लेकिन,
वो बच्चा मुस्कुराना चाहता था !

ज़बाँ ख़ामोश थी उसकी मगर वो,
मुझे वापस बुलाना चाह

ता था !

जहाँ पर कारख़ाने लग गए हैं,
मैं एक बस्ती बसाना चाहता था !

उधर क़िस्मत में वीरानी लिखी थी,
इधर मैं घर बसाना चाहता था !

वो सब कुछ याद रखना चाहता था,
मैं सब कुछ भूल जाना चाहता था !

Address

Rishikesh
249201

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Pyar Ek Eahsas posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share

Category