Vedwanti Vedi

Vedwanti Vedi I like to write what I feel, I have written many poems, gazals, songs, etc.

आप सभी को बसंत पंचमी एवं सरस्वती पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं 💐💐जय मां सरस्वती 🙏🙏वर दे, वर दे, हे माँ!वीणा वादिनी वर दे!हर...
23/01/2026

आप सभी को बसंत पंचमी एवं सरस्वती पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं 💐💐
जय मां सरस्वती 🙏🙏

वर दे, वर दे, हे माँ!वीणा वादिनी वर दे!
हर कर तम जीवन मेरे,ज्योतिर्मय कर दे।

वो ज्ञान दो मुझे माँ!चल सकुं सदा सुपथ में,
आलोकित हो पथ मेरा,भटकु ना कुपथ में,
मेरे मन की रिक्तता को,मां विद्या से भर दे।
वर दे, वर दे, हे माँ.......

पीड़ा समझ सकूं मैं हर दुखी जनों की,
देख सकुं मैं आंसू हर व्यथित नैनों की,
स्वार्थपन का भाव माँ!मेरे मन से हर दे।
वर दे, वर दे, हे माँ........

विस्तारित दृष्टि से देखुं सदा मैं इस जग को,
संभल-संभल कर जग में धरू निज पग को,
जिसे सुन सब हर्षे,मेरी वाणी को वो स्वर दे।
वर दे, वर दे, हे मां......

माँ! तेरी कृपा से हर कलाकार निपुण होते,
तेरी दृष्टि पड़े जिनपे वे सर्वगुण संपन्न होते,
जो सबके मन भाए,मेरी लेखनी में असर दे।
वर दे,वर दे ,हे माँ........
..✍️वेदवंती 'वेदी'

आप सभी को नव वर्ष की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं... ईश्वर की कृपा से सभी के जीवन में सुख,शांति,समृद्धि,स्वास्थ्य एव...
01/01/2026

आप सभी को नव वर्ष की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं... ईश्वर की कृपा से सभी के जीवन में सुख,शांति,समृद्धि,स्वास्थ्य एवं नित्य खुशियों का आगमन बना रहे...🙏🙏💐💐
"नव वर्ष, नव हर्ष लेकर आए सभी के जीवन में।
खिली रहे खुशियों की कलियां सभी के उपवन में।"
"नया साल"
चलो सारे गम भुला दें,नए साल में ।
रोना छोड़ मुस्कुरा दें,नए साल में ।।

ये साल सबके लिए हो खुशियों भरा,
सभी को दिल से दुवा दें नए साल में।

गिले शिकवे ग़र किसी से रहा हो अगर,
सभी दिल से अब मिटा दें नए साल में।

झेलेंगे मुश्किलें भी आखिर कब तलक,
खुद को सौगातें नया दें नए साल मे।

जो खोए हैं उसको सोच के करें भी क्या,
भुला खुद को हौसला दें नए साल में।

खुशी गम दोनों ही जिंदगी में है मगर,
खुशियों से दिन बिता दें नए साल में।

कभी अंधेरों से सामना हो ना हमें,,
बुझे ना वो लौ जला दें नए साल में।

मंसूबों को मेहनत के ही दम से 'वेदी'
सफलता का सिलसिला दें नए साल में।
..✍️ वेदवंती 'वेदी'

सुप्रभात 🙏🌹वर्ल्ड चैंपियन बनी भारत की बेटियों को बहुत-बहुत बधाई..! हार्दिक शुभकामनाएं 💐💐          *विश्व विजेता बेटियां*...
04/11/2025

सुप्रभात 🙏🌹
वर्ल्ड चैंपियन बनी भारत की बेटियों को बहुत-बहुत बधाई..! हार्दिक शुभकामनाएं 💐💐
*विश्व विजेता बेटियां*
अब देखो विश्व विजेता बनी हैं बेटियां।
भारत की गौरव प्रदाता बनी हैं बेटियां।।१

गर्व कर रहें इनपर आज हर भारतवासी,
जन-जन के मन की हर्षिता बनी हैं बेटियां।२

महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 जीतकर,
देश के सम्मान की रक्षिता बनी हैं बेटियां।३

विश्व के इतिहास में नया कीर्तिमान गढ़ के,
भविष्य के लिए बंदिता बनी हैं बेटियां।४

हर बेटी की सफलता है पिता का सौभाग्य,
आज पिता की भाग्य विधाता बनी हैं बेटियां।५

है कौन जगह जहां बेटियों का परचम नहीं,
हर जगह परम गुनीता बनी हैं बेटियां।६

अथक परिश्रम,धैर्य और कौशल के बल से,
स्वयं के लिए भी गर्विता बनी हैं बेटियां।७

गर्व कर रही हैं जिनकी बेटियों पर हर मांयें।
उन माओं की भाग्य उदिता बनी हैं बेटियां।८

बेटियां चुन लेती जो मंजिल,पाकर दम लेती,
ये कभी नहीं रुकतीं,सरिता बनी हैं बेटियां।९

विश्व के इतिहास में नया कीर्तिमानगढ़ के,
भविष्य के लिए वंदिता बनी है बेटियां।१०

महिला वर्ल्ड कप में चैंपियन बनकर ये ,
संसार के लिए अद्विता बनी हैं बेटियां।११
..✍️वेदवंती 'वेदी'/राँची/(झारखंड)
4/11/2025

जय माता दी 🌹🙏आप सभी को शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं 💐💐              माँ महागौरी (8 नवरात्रि)माँ मह...
30/09/2025

जय माता दी 🌹🙏
आप सभी को शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी की
हार्दिक शुभकामनाएं 💐💐

माँ महागौरी (8 नवरात्रि)
माँ महागौरी की महिमा से नहीं हैं कोई अनजान।
सुख,समृद्धि,शांति का माँ,हमें देतीं सदा वरदान।।

आठवे नवरात्र महागौरी की हम करते आराधना।
अवश्य सुनती है माँ,इस दिन हम सबकी प्रार्थना।
जब अखंड तपस्या से मां का वर्ण स्यामल हुआ था।
कांति चली गई थी मुख से और तन दुर्बल हुआ था।
तब शिव ने माँ पार्वती को स्नान कराया गंगाजल से।
चमक उठी मां की काया,खुशी छलकी नेत्र सजल से।
मां के सभी रूपों में सबसे सुंदर महागौरी का रूप।
सभी चाहते कन्या हो अपनी,मां महागौरी अनुरूप।
मां के इस रूप को ध्याकर भक्त करते पूर्ण अरमान।।
सुख,समृद्धि,शांति का मां हमें देतीं सदा वरदान।
माँ महागौरी की........

श्वेत वर्ण मां का,माँ को वस्त्र श्वेत और नीला भाते।
श्वेत वृषभ की सवारी में ही,हम मां का दर्शन पाते।
हलवा, पूरी, चने,नारियल हैं,मां के पसंद के भोग।
प्रायः श्वेत वस्तुओं का माँ,महागौरी करती उपयोग।
माँ एक हाथ में डमरू,एक हाथ में त्रिशूल रखतीं हैं।
एक हाथ अभय मुद्रा,एक हाथ से आशीष देतीं है।
ऐश्वर्य, सौंदर्य की देवी ,मां की सुंदरता अनुपम।
माँ महागौरी को ध्याकर मिलता है सुख हमें परम।
मां के इस रूप को हर क्षण यदि हम मन में धरते ध्यान।।
सुख,समृद्धि,शांति का मां, हमें देतीं सदा वरदान।
माँ महागौरी की.......

एक और कथा प्रचलित है माता के अवतरण की।
मां अंबे का 'महागौरी मां' के रूप में परिवर्तन की।
शुंभ-निशुंभ वध करने माँ ने काली का रूप
अपनाया।
उस वक्त एक दिन शिव ने मां को काली कहकर चिढ़ाया।
कर गया बहुत आहत,माँ को शिव का यह उपहास।
करने लगी तपस्या ब्रह्मा की,माँ मन में रख विश्वास।
मां पार्वती की तपस्या ब्रह्मा जी को समझ में आया।
मानसरोवर के जल से उन्होंने माता को नहलाया।
दिप्तिमान,कांतिमय रूप फिर माता का उभरकर आया।
खुश हो देवताओं ने मां पर स्वर्ग से पुष्प बरसाया।
गौर वर्ण के कारण माता फिर महागौरी कहलाई।
मां का यह अनुपम रूप हर प्रकार से है सुखदाई।
दुख,क्लेश अमंगल हरकर मां,जीवन मंगल कर देतीं।
धन,यश,सुख,संपदा महागौरी माँ घर में भर देतीं।
हर प्रकार से अपने भक्तों का माँ करतीं हैं कल्याण।
सुख,समृद्धि,शांति का मां, हमें देतीं हैं वरदान।
मां महागौरी की.......

वेदवंती 'वेदी'/रांची (झारखंड)बुण्डू
30/9/2025

सुप्रभात 🌹🙏आप सभी को नवरात्रि के चौथे दिन की हार्दिक शुभकामनाएं 💐💐माँ हम सब पर अपनी कृपा बनाये रखें🙏🙏            कुष्मां...
25/09/2025

सुप्रभात 🌹🙏
आप सभी को नवरात्रि के चौथे दिन की हार्दिक शुभकामनाएं 💐💐माँ हम सब पर अपनी कृपा
बनाये रखें🙏🙏
कुष्मांडा माता (4नवरात्रि)
आदिकाल में ब्रह्मांड में जब छाया था अंधकार।
तब कुष्मांडा माता ने किया सृष्टि का विस्तार।।

जब माता कुष्मांडा ने बिखेर दी थी मंद मुस्कान।
उसी छन समस्त ब्रह्मांड हो गया था प्रकाशवान।
सन्नाटा था जहां,वहां गूंजने लगा था मधुर राग।
वन-उपवन खिल उठे थे,भौंरे पीने लगे पराग।
आदि शक्ति मां दुर्गा की महिमा है अपरंपार।।
आदिकाल से ब्रह्मांड में जब.......

चांद सूरज प्रगट हुए,हुआ विस्तार भूमंडल का।
मां की कृपा से हुआ निर्माण समंदर के जल का।
दूर-दूर तक पर्वत शिखर व पहाड़ स्थापित हुए।
तरह-तरह के जीव-जंतु पृथ्वी पर सृजित हुए।
आदिशक्ति माता की ही रचना है यह संसार।।
आदिकाल में ब्रह्मांड में जब.......

कुम्हड़ा पसंद माँ को इस हेतु कहलाई कुष्मांडा।
सूर्य लोक पर रहती माँ,मुख पे है सूर्य सी आभा।
मां कुष्मांडा के मुखमंडल के व्याप्त तेज से।
सूर्य देव भी उनके समक्ष हो जाते निस्तेज से।
मां जगदंबे की सत्ता जहां,टिका नहींअंधकारl।।
आदिकाल में ब्रह्मांड में जब......

माता के मात्र दर्शन से हमें तृप्ति मिलती है।
जीवन के अपने पापों से हमें मुक्ति मिलती है।
मां की आराधना करते ब्रह्मा,विष्णु और महेश।
हर लेती मां अपने भक्तों के दुख,संकट,क्लेश।
जग को सवांरती माँ,सबकी भाग्य देती सवार।।
आदिकाल में ब्रह्मांड में जब.....
.....✍️वेदवंती 'वेदी'

ऑपरेशन सिंदूर के शहीद वीर सैनिकों कोशत् शत् नमन🙏🙏🌹साहस,शौर्य,पराक्रम हमें दिखाकर चले गए।     मातृभूमि का कर्ज़ ये वीर चु...
14/05/2025

ऑपरेशन सिंदूर के शहीद वीर सैनिकों को
शत् शत् नमन🙏🙏🌹

साहस,शौर्य,पराक्रम हमें दिखाकर चले गए। मातृभूमि का कर्ज़ ये वीर चुकाकर चले गए।
हम सुरक्षित रहें घरों में हर खतरों से इसलिए,
सीमा में सैनिक दुश्मनों को मिटाकर चले गए।।...✍️ वेदवंती 'वेदी'

नमन सभी को🙏                    "पहलगाम"कितनी बेरहमी से मारा है,उन्होंने मेरे जवानों को। अब तो हरगिज़ मिटना होगा,हर ऐसे ह...
01/05/2025

नमन सभी को🙏
"पहलगाम"
कितनी बेरहमी से मारा है,उन्होंने मेरे जवानों को।
अब तो हरगिज़ मिटना होगा,हर ऐसे हैवानों को।।

हृदय विदारक हमले से व्यथित बहुत है हमारा मन,
शब्द भी नहीं मिलते,पीड़ितों के दर्द के बयानों को।

तड़प-तड़प कर मरते देखा,मां,पत्नी,बहन,बच्चों ने,
उनकी रूहें बेचैन रहेंगी,देख जिंदा इन शैतानों को।

बड़ी क्रूरता से हत्यारों ने मेरे लोगों का संघार किया,
अब तो शुरू हो चुका,मिटाने उनके खानदानों को।

नव दंपतियों के जोड़े को भी जुदा कर दिया पल में,
अब मिट्टी में मिलना होगा इनके गुप्त तहख़ानों को।

आतंकवाद की फसलों को जड़ से उखड़ना तय है,
क्योंकि देख नहीं सकते,हम मरते और संतानों को।

हम नहीं चाहते वैर,खुशी किसी की नहीं छिनते हैं,
पर मिटते देख नहीं सकते,हम अपने अरमानों को।

इंतहा हो गई कातिलों की,अब धैर्य हमें नहीं होगा,
ढूंढ-ढूंढ कर उड़ायेंगे अब,इनके हरेक ठिकानों को।

अपनी भलाई से ज्यादा हमारी तबाहियां सोचे जो,
तड़पेगा इक दिन निश्चित वो पानी और दानों को।

बार-पे-बार करता'वेदी'बेकशूर,मासूम,निहत्थों पर,
अब तो उसकी खैर नहीं,मांगेगा पानी जहाँनों को।
....✍️ वेदवंती 'वेदी'

जय मां अंबे 🙏🙏सभी को चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं🙏🌹🌹      माँ शैलपुत्रीमां अंबे कृपा बरसाने आई....      मां अंबे...
30/03/2025

जय मां अंबे 🙏🙏
सभी को चैत्र नवरात्रि की हार्दिक
शुभकामनाएं🙏🌹🌹
माँ शैलपुत्री
मां अंबे कृपा बरसाने आई....

मां अंबे कृपा बरसाने आई
अब हम सबके द्वार।
मां की भक्ति में लीन हुआ
आज से सारा संसार।
समय-समय पर आती रहती
मां हमारी सुधि लेने को,
मां की कृपा से जीवन की नैया
हमारी होती पार।।१

नवरात्र के प्रथम दिवस करें
मां शैलपुत्री का स्वागत।
पूजन कर माँ की सच्चे मन से
हो जायें उनके शरणागत।
अपने भक्तों के कष्टों का निवारण
मां निश्चित करती हैं,‌
हमारे रोग-व्याधि सब हरकर माँ
हमें देती हैं राहत।।१

माता शैलपुत्री का
हम जैसे ही धरते हैं ध्यान।
स्वत:हमारी समस्याओं का
होने लगता है निदान।
संपूर्ण आस्था से हम मां की
आराधना करें तो,
पूर्ण रूप से माँ भी हमारा
करती हैं कल्याण।।३
....✍️ वेदवंती 'वेदी'

सुप्रभात 🙏🌹"लगाया था पेड़ हमने आम का,फल दिया तो क्यों बबुल का" यह पंक्ति मेरी नहीं है। अपने बेटों से त्रस्त हमारे ही आसप...
27/03/2025

सुप्रभात 🙏🌹
"लगाया था पेड़ हमने आम का,फल दिया तो क्यों बबुल का" यह पंक्ति मेरी नहीं है। अपने बेटों से त्रस्त हमारे ही आसपास के एक बुज़ुर्ग एक दिन मुझसे मिले तो यह कहते हुए रो पड़े...
सिर्फ उनकी नहीं,आज बहुत से बुजुर्गों की यही स्थिति देखने को मिल रही है, जो माता-पिता कुछ दिन के मेहमान है,आज है कल नहीं, उनकी देखभाल करने में भी जो हर तरह से समर्थवान है
खुद को असमर्थ बता रहे हैं, वृद्धाश्रम में छोड़ आना उन्हें सरल उपाय मिल गया है, यह सब देखकर बहुत दुख होता है,आखिर ऐसा क्यों.…?

बुजुर्ग
लगाया था पेड़ हमने आम का
फल दिया तो क्यों बबूल का।
अपना ही खून दे गया धोखा
हमें सजा मिली किस भूल का।।

जिसने सीने से लगाकर पाला
बालक से व्यस्क बनाया,
उन्हीं के बुढ़ापे का साया
लगता है क्यों उनको शूल सा।

कितनी मिन्नत और दुआओं से
एक बेटा पाया था हमने,
क्या पता था यही बेटा हमें
समझेगा पांवों के धूल सा।

जितने हमउम्रों का हाल हम पूछे
सबके ही दर्द थे मेरे जैसे,
बुजुर्गों को अब सतान-रुलाना
हिस्सा है जवानों के उसूल का।

अपना जीवन साथी पाते ही
हमारे साथ की इन्हें दरकार नहीं,
हमारे दम से है इनका वजूद
इन्हें पसंद नहीं,होना हमारे वजूद का।

इनके नए घरों में पुरानी चीजों जैसी
हमारी इन्हें जरूरत नहीं,
इतनी भी इज्ज़त नहीं है हमारी
जितनी है गमलों के फूल का।

अपने बीवी बच्चों के अलावे
सभी रिश्ते लगते इन्हें पराये,
भूल जाते हैं अपने ही मूल को
कहलाते हैं जो दीपक कुल का।

हमने जीवन की सारी कमाई
इनको बनाने में लगा दी थी,
आज इन्हें हमें दो रोटियां देना
लगता है क्यों फ़िज़ूल सा।

उनके घरों के एक कोने में
हम तो गुजारा कर ही लेते,
यूँ अंत समय में अपनों से दूरी
चुभता है सीने में त्रिशूल सा।

दुआओं के बदले बद्दुआएं भी
हमारे मुख से निकलते है'वेदी'
क्या करें भूल जाते हैं हम
ये अंश हैं हमारे ही खून का।
....✍️ वेदवंती 'वेदी'

सभी को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं💐💐  ॐ नमः शिवाय 🙏🙏🙏 26/2/2025       "शिवजी की बारात"शिवजी की आज चली रे बारातबम ...
26/02/2025

सभी को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं💐💐
ॐ नमः शिवाय 🙏🙏🙏
26/2/2025

"शिवजी की बारात"
शिवजी की आज चली रे बारात
बम - बम भोले बोलो..........
कैलाश में है उत्सव की रात
बम - बम भोले बोलो..........

आगे- आगे देव चले पिछे शिव दूल्हा।
स्वयं सजने देवों ने शिव जी को भूला।
आज सभी देव स्वर्ग छोड़ कैलाश पर थे।
सजधजकर चल दिए यूं,जैसे वही वर थे।
एक से एक खूबसूरत देव गण बाराती।
सजे हैं सभी के वाहन,घोड़े और हाथी।
पर शिव जी के साथ में हैं भूत पिचास।।
बम - बम भोले बोलो...........

नंदी के भरोसे थी शिव जी की व्यवस्था।
अस्त-व्यस्त थी बारातियों की अवस्था।
उन्होंने भूत-प्रेतों की जमात ही बुलाया।
सभी का मुख विचित्र भयंकर था काया।
किसी के सर में हाथ,कोई बिन पद के थे।
कोई बिन नयन और कई बिना मुख के थे।
ऐसे बाराती देख दुल्हन वाले हुए हताश।।
बम - बम भोले बोलो..........
शिवजी की आज चली रे बारात.....

हरेक कैलाशवासी को शिव ने बुलाया।
उन्होंने अपनी मर्जी से शिव को सजाया।
ढूंढ कैलाश से सामग्री शिव को लगे सजाने।
तन पे भभूति लेपा,लगे बाघअंबर पहनाने।
सर्पों से बाजूबंद, कानों का कुंडल बनाया।
नरमुंड खोपड़े का शिव को माला पहनाया।
जटा में मां गंगा को,मस्तक में चंद्रमा सजाए।
एक हाथ त्रिशूल,दूजे से शिव डमरु बजाए।
फिर हुआ भोले-बाबा का अद्भुत सिंगार।।
बम - बम भोले बोलो...........
शिवजी की आज चली रे बारात......

नाचते-गाते बाराती पहुंचे हिमवान के द्वारे।
देवताओं के सुंदर मुख तो सभी ने निहारे।
मैना की थाली सजी थी जमाता परिछने को।
सभी के मन कौतूहल थी दूल्हे को देखने को।
किसी ने तो विष्णु को ही दूल्हा समझ बैठा।
किसी ने सोचा,'शिव कामदेव से सुंदर होगा।'
पर शिव को देख मैना के हृदय हुआ आघात।।
बम - बम भोले बोलो..........
शिवजी की आज चली रे बारात.......

देख परिस्थिति को फिर देवों ने संभाला।
विष्णु ने शिव को स्वयं के हाथों संवारा।
दूध,दही,मक्खन से फिर लगे उन्हें नहलाने।
रोली,चंदन,टीका से शिव को लगे संवारने।
कानो में स्वर्ण कुंडल,रुद्राक्ष माला पहनाया।
सर पे स्वर्ण मुकुट,तन में पीतांबर खूब भाया।
हर्ष से संपन्न हुआ शिव-पार्वती का विवाह।
बम - बम भोले बोलो........
शिवजी की आज चली रे बारात.....

.....✍️वेदवंती 'वेदी'

हार्दिक आभार 2024 हार्दिक स्वागत् 2025सभी के जीवन में अपार खुशियां ले आए नववर्ष।सफलता फिर हमें मिलेगी,करते रहें मन से सं...
31/12/2024

हार्दिक आभार 2024 हार्दिक स्वागत् 2025

सभी के जीवन में अपार खुशियां ले आए नववर्ष।
सफलता फिर हमें मिलेगी,करते रहें मन से संघर्ष।
उत्साहित मन से मिलकर करें नववर्ष का स्वागत,
स्वयं संकल्प करके,करें नई योजनाओं का उत्कर्ष।।
.✍️ वेदवंती 'वेदी'

आप सभी को  शुभ दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🌹🪔🪔🪔🪔🪔🪔"इस दीपावली में माँ लक्ष्मी,सुख,समृद्धि ले आएं। गणपति विवेक,बुँद्धि...
31/10/2024

आप सभी को शुभ दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🌹🪔🪔🪔🪔🪔🪔

"इस दीपावली में माँ लक्ष्मी,सुख,समृद्धि ले आएं।
गणपति विवेक,बुँद्धि दें ताकि धन हम सहेज पाएं।
घर-आंगन संग मन हमारा खुशियों से जगमग हो,
प्रेम और शांति से हम अपने घरों में दिये जलाएं।।"

"आज रौशनी से हम सब का घर-द्वार जगमगाए।
सपनों की पूर्णता से हमारा मन भी झिलमिलाए।
पूर्ण हुई तैयारी सबकी शुभ दीपावली मनाने की,
हर वर्ष यह त्यौहार हमारे मन में उत्साह जगाए।।"

"दीप जलाओ,दीप जलाओ,घड़ी खुशी की आई।
आज पूर्ण कर बनवास, घर को लौट रहे रघुराई।
सिद्ध किए कई बड़े कार्य,राम ने बन में रहते हुए,
रावण को मारकर लंका में अपनी डंका बजवाई।।"

"दीपो की जगमग हमारे मन को भी रोशन कर दे।
यह दीपावली हर खालीपन को खुशियों से भर दे।
बहुत प्रसन्नता मिलती है हमें यह त्योहार मनाकर, आत्म-तृप्ति मिलती, ग़र तोहफ़े गरीबों के घर दें।।"
......✍️ वेदवंती 'वेदी'

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Ranchi
834001

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