satya sai bhajan

satya sai bhajan Sathya Sai Baba bhakti bhajan song

23/02/2025

Om Sri Sai Ram

Om Sri Sai Ram *प्रशान्ति निलयम में लिखा गया, “आज का सुविचार," २४ दिसम्बर २०२४**_ईश्वर के प्रति सच्चे प्रेम को विकसित कर...
24/12/2024

Om Sri Sai Ram
*प्रशान्ति निलयम में लिखा गया, “आज का सुविचार," २४ दिसम्बर २०२४*

*_ईश्वर के प्रति सच्चे प्रेम को विकसित करने के लिए क्या पूर्वापेक्षा (पहले से ही आवश्यक) है? आज जबकि हम क्रिसमस की पूर्व संध्या का आयोजन कर रहे हैं, तो भगवान हमें स्पष्ट रूप से मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।_*

आज मनुष्य निर्जीव मूर्तियों और छवियों की पूजा करता है, परन्तु रक्त-मांस से युक्त अपने सह मानवों से प्रेम करने का कोई प्रयास नहीं करता है। यह यीशु का प्रथम सन्देश था। यद्यपि व्यक्ति अपने पड़ोसी को प्रतिदिन देखता है, परन्तु वह उसे प्रेम करने का चुनाव नहीं करता है! कोई यह कैसे विश्वास कर सकता है कि ऐसा व्यक्ति अदृश्य ईश्वर से प्रेम कर सकता है? यदि तुम अपनी आंखों के सामने दिखाई देने वाले एक सह मानव से प्रेम नहीं कर सकते हो, तो तुम किस प्रकार उस ईश्वर से प्रेम कर सकते हो, जो कि अदृश्य हैं? यह सम्भव नहीं है! मात्र वही व्यक्ति जो अपने आसपास के जीवित प्राणियों से प्रेम करता है, वही अदृश्य ईश्वर से भी प्रेम कर सकता है। प्रेम का प्रारम्भ उन प्राणियों के प्रति प्रेम से होनी चाहिए जिनके आकार हैं। इसे सभी प्राणियों तक अवश्य ही विस्तारित करना चाहिए! यह आध्यात्मिकता का प्राथमिक चरण है। आध्यात्मिकता का अर्थ ध्यान, पूजा आदि में अति व्यस्त रहना नहीं है। इसमें मनुष्य में निहित पाशविक और राक्षसी गुणों का पूर्ण विलोपन और अन्तर्निहित दिव्यता का प्रकटीकरण सम्मिलित है। जब आसक्तियां और घृणा, जिनसे मनुष्य घिरा हुआ है, दूर कर दी जातीं हैं, तो मनुष्य में अन्तर्निहित दिव्यता, सत्-चित्-आनन्द (सच्चिदानन्द) स्वत: ही प्रकट हो जाएगी।

*-दिव्योद्बोधन, २५ दिसम्बर, १९९२*

*श्री सत्य साई मिडिया सेण्टर*

28/11/2024

*"ప్రతీ వారు దయ చేత ధన్యులు కావాలి అనే అద్భుతమైన గీతాన్ని సత్య సాయి బాబా వారు స్వయంగా వ్రాసి భక్తుల చేత ఆలపించారు."*om Sri Sai Ram

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