14/11/2023
दीपावली के पावन पर्व को पांच दिनों तक मनाने की मान्यता है जिसमें हर दिन का अपना महत्व है-
धनतेरस: दीपावली का उत्सव धनतेरस के साथ शुरू होता है। इस दिन लोग सोने-चाँदी की ख़रीदारी करते हैं और धन की प्राप्ति के लिए देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं।
छोटी दीवाली (नरक चतुर्दशी): छोटी दीवाली नरक चतुर्दशी के रूप में जानी जाती है, जब भगवान कृष्ण ने दानवराज नरकासुर का वध किया था। इस दिन लोग दीपों की पूजा करते हैं और अंधकार और अज्ञानता को दूर करते हैं।
दीपावली: दीपावली का मुख्य दिन होता है, जिसे अमावस्या के दिन मनाया जाता है। इस दिन घर के बाहर और अंदर दीपकों की रौशनी से जगमगाता है। समृद्धि की प्राप्ति के लिए देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं।
गोवर्धन पूजा: दीपावली के चौथे दिन गोवर्धन पूजा मनाई जाती है। इस दिन गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है, जो भगवान कृष्ण ने बचाया था। लोग अन्न, फल और प्रसाद की पूजा करते हैं।
भैया दूज: दीपावली के अंतिम दिन भैया दूज मनाया जाता है, जिसे भाई-बहन का त्योहार कहा जाता है। यह त्योहार भाई-बहन के प्यार और सम्मान को दर्शाता है।
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