05/03/2026
एक दिन की बात है, शाम का टाइम था, ट्रैफिक में धूप भी तेज थी।
पप्पू अपना पीला-काला ऑटो लेकर सड़क किनारे खड़ा था, पसीना-पसीना हो रहा था, बस किसी कस्टमर का इंतजार कर रहा था।
तभी एक लड़की तेज-तेज कदमों से आई – जींस-टीशर्ट में, बाल खुले, फोन कान पर लगाए हुए, साफ दिख रहा था कि बहुत जल्दी में है।
लड़की ने पप्पू से पूछा – "भैया, सिविल हॉस्पिटल तक कितना लोगे?"
पप्पू ने झट से मुस्कुराते हुए कहा – "मैडम, सिर्फ 80 रुपये, फुल स्पीड में 10 मिनट में पहुँचा दूंगा!"
लड़की ने एक सेकंड सोचा, बोली – "ठीक है 70 में चलाओगे? बहुत इमरजेंसी है!"
पप्पू ने फटाफट हामी भरी – "चलो मैडम, बैठ जाओ, अभी स्टार्ट करता हूँ!"
लड़की ने पैसे का हिसाब-किताब दिमाग में जोड़ा, फिर पप्पू के ऑटो के पास आई, हैंडल पकड़ा, एक पैर रखा ही था कि अचानक उसकी नजर सड़क के दूसरी तरफ गई।
वहाँ एक दूसरा ऑटो खड़ा था, उसका ड्राइवर भी युवा था, चश्मा लगाए, एसी वाला लग रहा था (शायद फेक था लेकिन दिखता अच्छा था)।
लड़की ने झटके से पप्पू का हैंडल छोड़ा, बोली – "भैया, रुकना… एक मिनट!"
फिर तेजी से सड़क पार की और उस दूसरे ऑटो वाले के पास जाकर बोली – "भैया, सिविल हॉस्पिटल? कितना?"
दूसरा ड्राइवर बोला – "60 में चलाऊंगा मैडम!"
लड़की ने बिना सोचे झट से उसके ऑटो में बैठ गई और दोनों हॉर्न बजाते हुए निकल लिए।
पप्पू वहीं खड़ा-खड़ा देखता रहा… उसका मुंह खुला का खुला, पसीना अब ठंडा हो गया था।
फिर धीरे से सिर हिलाया और खुद से बोला:
"साली गजब की लड़की थी यार…
मेरा खड़ा करवा के,
मेरा मीटर गर्म करवा के,
मेरा इंजन स्टार्ट करवा के,
आखिरकार किसी और के ऑटो पर चढ़ गई!
और वो भी 10 रुपये सस्ते में! 😭😭
भाई लोग, ये जिंदगी है या जुआ?" 😂😂
😄