IPTA Raigarh

IPTA Raigarh IPTA Raigarh is a theatre group, which is active round the year, training people and keeping theatre alive in the small town of Raigarh, Chhattisgarh.

IPTA Raigarh was established in 1982 during the first state conference of IPTA which was organized by the Raigarh unit in 1982. Since then Raigarh unit has been active and practicing theatre in this small district of Chattisgarh (earlier Madhya Pradesh).

अभिनय के माध्यम से,हम कई जीवन जी लेते हैं,रंगमंच हमें सोचने,और समझने की शक्ति देता है|मंच पर हर कहानी जीवंत होती है,हर स...
27/03/2026

अभिनय के माध्यम से,
हम कई जीवन जी लेते हैं,
रंगमंच हमें सोचने,
और समझने की शक्ति देता है|
मंच पर हर कहानी जीवंत होती है,
हर संवाद दिल को छू जाता है,
रंगमंच हमें जोड़ता है,
और इंसानियत सिखाता है।
विश्व रंगमंच दिवस

विश्व रंगमंच दिवस की बधाईTheatre connects hearts, spreads awareness, and celebrates creativity.
27/03/2026

विश्व रंगमंच दिवस की बधाई
Theatre connects hearts, spreads awareness, and celebrates creativity.

15/12/2025
रायगढ़/ कलागुरू संगीत शिरोमणि वेदमणि सिंह ठाकुर नहीं रहे, सोमवार की दोपहर दरोगापारा निवास लक्ष्मण संगीत महाविद्यालय में ...
09/06/2025

रायगढ़/ कलागुरू संगीत शिरोमणि वेदमणि सिंह ठाकुर नहीं रहे, सोमवार की दोपहर दरोगापारा निवास लक्ष्मण संगीत महाविद्यालय में उन्होंने 92 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली, राज्य सरकार ने 2022 में कलागुरू वेदमणि सिंह ठाकुर को संगीत साधना के लिए चक्रधर सम्मान से नवाज़ा था। वेदमणि सिंह ठाकुर अपना तख़ल्लुस यानि उपनाम "बेदम" लिखते थे, उनकी कई रचनाएं स्थानीय और क्षेत्रीय पत्र पत्रिकाओं में नियमित प्रकाशित होती रही हैं। कलागुरू वेदमणि सिंह बीते कुछ महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे, लंबे सघन ईलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
कलागुरू वेदमणि सिंह ठाकुर को वर्ष 2019 में पहला "भवानी शंकर मुखर्जी स्मृति कला सम्मान" भी प्रदान किया गया था। रायगढ़ की संपूर्ण कला बिरादरी वेदमणि सिंह ठाकुर का भरपूर सम्मान करती है, रायगढ़ इप्टा के साथ तो उनके रिश्ते अभिभावक तुल्य रहे हैं। इप्टा के नाटकों को देखकर उसकी समीक्षा भी उनके द्वारा समय समय पर की जाती रही है। वेदमणि सिंह ठाकुर ने लक्ष्मण संगीत महाविद्यालय को अपने दिवंगत पिता जगदीश सिंह दीन "मृदंगार्जुन" की विरासत के तौर पर ना केवल सहेजा संभाला बल्कि इस संस्थान से हज़ारों बच्चों युवाओं को शास्त्रीय संगीत की तालीम दी। उनके द्वारा प्रशिक्षित तमाम शिष्य देश दुनिया में संगीत साधना के ज़रिए नाम कमा रहे हैं। उन्हीं के शिष्यों में से कुछ ने रायगढ़ में संगीत शिक्षा के अलग अलग संस्थान संचालित कर लिये हैं, इन संस्थानों से भी बड़ी तादाद में बच्चे और युवा शास्त्रीय संगीत की परंपरागत शिक्षा हासिल कर रहे हैं।
कलागुरू वेदमणि सिंह ठाकुर का नाम रायगढ़ में चक्रधर समारोह की नींव रखने वालों में लिया जाता है। आज उनके निधन से रायगढ़ ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की समूची कला बिरादरी को अपूर्णीय क्षति हुई है। रायगढ़ के संदर्भ में अगर देखें तो शास्त्रीय संगीत की परंपरागत शिक्षा के लिहाज़ से एक समृद्ध युग का अंत हो गया है, कलागुरू वेदमणि सिंह ठाकुर के निधन के बाद जो शून्य निर्मित हुआ है, उसकी भरपाई असंभव है। रायगढ़ इप्टा परिवार अपने अभिभावकतुल्य कलागुरू वेदमणि सिंह ठाकुर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है साथ ही उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता है। इस दुःख की घड़ी में रायगढ़ इप्टा के सभी साथी कलागुरू के परिवार के साथ है।

रायगढ़/ कलागुरू संगीत शिरोमणि वेदमणि सिंह ठाकुर नहीं रहे, सोमवार की दोपहर दरोगापारा निवास लक्ष्मण संगीत महाविद्यालय में ...
09/06/2025

रायगढ़/ कलागुरू संगीत शिरोमणि वेदमणि सिंह ठाकुर नहीं रहे, सोमवार की दोपहर दरोगापारा निवास लक्ष्मण संगीत महाविद्यालय में उन्होंने 92 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली, राज्य सरकार ने 2022 में कलागुरू वेदमणि सिंह ठाकुर को संगीत साधना के लिए चक्रधर सम्मान से नवाज़ा था। वेदमणि सिंह ठाकुर अपना तख़ल्लुस यानि उपनाम "बेदम" लिखते थे, उनकी कई रचनाएं स्थानीय और क्षेत्रीय पत्र पत्रिकाओं में नियमित प्रकाशित होती रही हैं। कलागुरू वेदमणि सिंह बीते कुछ महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे, लंबे सघन ईलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
कलागुरू वेदमणि सिंह ठाकुर को वर्ष 2019 में पहला "भवानी शंकर मुखर्जी स्मृति कला सम्मान" भी प्रदान किया गया था। रायगढ़ की संपूर्ण कला बिरादरी वेदमणि सिंह ठाकुर का भरपूर सम्मान करती है, रायगढ़ इप्टा के साथ तो उनके रिश्ते अभिभावक तुल्य रहे हैं। इप्टा के नाटकों को देखकर उसकी समीक्षा भी उनके द्वारा समय समय पर की जाती रही है। वेदमणि सिंह ठाकुर ने लक्ष्मण संगीत महाविद्यालय को अपने दिवंगत पिता जगदीश सिंह दीन "मृदंगार्जुन" की विरासत के तौर पर ना केवल सहेजा संभाला बल्कि इस संस्थान से हज़ारों बच्चों युवाओं को शास्त्रीय संगीत की तालीम दी। उनके द्वारा प्रशिक्षित तमाम शिष्य देश दुनिया में संगीत साधना के ज़रिए नाम कमा रहे हैं। उन्हीं के शिष्यों में से कुछ ने रायगढ़ में संगीत शिक्षा के अलग अलग संस्थान संचालित कर लिये हैं, इन संस्थानों से भी बड़ी तादाद में बच्चे और युवा शास्त्रीय संगीत की परंपरागत शिक्षा हासिल कर रहे हैं।
कलागुरू वेदमणि सिंह ठाकुर का नाम रायगढ़ में चक्रधर समारोह की नींव रखने वालों में लिया जाता है। आज उनके निधन से रायगढ़ ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की समूची कला बिरादरी को अपूर्णीय क्षति हुई है। रायगढ़ के संदर्भ में अगर देखें तो शास्त्रीय संगीत की परंपरागत शिक्षा के लिहाज़ से एक समृद्ध युग का अंत हो गया है, कलागुरू वेदमणि सिंह ठाकुर के निधन के बाद जो शून्य निर्मित हुआ है, उसकी भरपाई असंभव है। रायगढ़ इप्टा परिवार अपने अभिभावक तुल्य कला गुरू वेदमणि सिंह ठाकुर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है साथ ही उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता है।
इस दुःख की घड़ी में रायगढ़ इप्टा के सभी साथी कलागुरू के परिवार के साथ है।

इप्टा रायगढ़ द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन बाल नाट्य प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह 8 जून को हुआ।जिसमें बच्चों द्वारा तैया...
09/06/2025

इप्टा रायगढ़ द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन बाल नाट्य प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह 8 जून को हुआ।
जिसमें बच्चों द्वारा तैयार किए गए नाटकों और नृत्यों का मंचन हुआ।

जे.पी.सिंह (जयवर्धन) जी का लिखा नाटक चंगु मंगू का नाट्य मंचन

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इप्टा रायगढ़ द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन बाल नाट्य प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह 8 जून को हुआ।जिसमें बच्चों द्वारा तैया...
09/06/2025

इप्टा रायगढ़ द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन बाल नाट्य प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह 8 जून को हुआ।
जिसमें बच्चों द्वारा तैयार किए गए नाटकों और नृत्यों का मंचन हुआ।

जिसमें भारतेंदु हरिश्चंद्र जी के लिखे नाटक "अंधेर नगरी चौपट राजा" का मंचन हुआ।

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इप्टा रायगढ़ द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन बाल नाट्य प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह 8 जून को हुआ।जिसमें बच्चों द्वारा तैया...
09/06/2025

इप्टा रायगढ़ द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन बाल नाट्य प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह 8 जून को हुआ।
जिसमें बच्चों द्वारा तैयार किए गए नाटकों और नृत्यों का मंचन हुआ।

जिसमें रेखा जैन जी के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में
रेखा जैन जी का लिखा "नाटक बैलों की जोड़ी" का मंचन हुआ।
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32 वाँ ग्रीष्मकालीन बाल नाट्य शिविर का समापन समारोह 8 जून को होने जा रहा हैं।प्रवेश नि:शुल्क हैं।कार्यक्रम स्थल- पॉलीटेक...
04/06/2025

32 वाँ ग्रीष्मकालीन बाल नाट्य शिविर का समापन समारोह 8 जून को होने जा रहा हैं।
प्रवेश नि:शुल्क हैं।
कार्यक्रम स्थल- पॉलीटेक्निक ऑडिटोरियम रायगढ़
समय 7 बजे

भारतीय जन नाट्य संघ के स्थापना दिवस की आप सभी को बधाई🤗हमारे इस संघ की शुरुआत 25 मई 1943 में हुई थी।                     ...
25/05/2025

भारतीय जन नाट्य संघ के स्थापना दिवस की आप सभी को बधाई🤗
हमारे इस संघ की शुरुआत 25 मई 1943 में हुई थी।

ग्रीष्मकालीन बाल नाट्य प्रशिक्षण शिविर प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी इप्टा रायगढ़ द्वारा बाल नाट्य शिविर का आयोजन कि...
24/05/2025

ग्रीष्मकालीन बाल नाट्य प्रशिक्षण शिविर
प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी इप्टा रायगढ़ द्वारा बाल नाट्य शिविर का आयोजन किया जा रहा हैं।

25 मई से 8 जून तक
उम्र -6 से 15 वर्ष
स्थान - गली नंबर 2 सिद्धिविनायक कॉलोनी
प्रज्ञा विद्या मंदिर मालीडीपा
स्वामी विवेकानंद स्कूल रेल्वे बंगला पारा रायगढ़

संपर्क -
श्याम देवकर 98271 84438
भरत लाल निषाद 96914 69333
स्वप्निल नामदेव 9039643491
इमरान खान 78691 25425
कृष्णा साव 98264 12683
आलोक बेरिया 91712 75947
दीपक यादव 88172 62618





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