08/06/2023
सवालों वाली डायरी...
सवालों वाली डायरी में एक सवाल ये भी है,
जहा पूरे दिल से लिखा था तेरा नाम,
वो पन्ना आज खाली क्यूँ है...
जिस रात को सहेज के रखा था तेरे इन्तेज़ार मे,
वो रेत की तरह हाथों से छुटती क्यूँ है...
हर दिन रंगा दिया था तेरी मौजूदगी से,
तो आज जिंदगी काले और सफेद मे अटकी क्यूँ है...
नाम लेते ही उनका साँस थम जाती थी,
तो आज भी नाम लेते ही मेरी आंख नम क्यूँ है...
सवालों वाली डायरी में एक सवाल ये भी है,
जहा पूरे दिल से लिखा था तेरा नाम,
वो पन्ना आज खाली क्यूँ है...
-- मेधा बर्डे