22/09/2025
शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा हमेशा से मेरे दिल के सबसे करीब रहे हैं।
प्रयागराज की गलियों में पंडालों की जगमगाहट, माँ दुर्गा की भव्य प्रतिमाएँ, धूप-अगरबत्ती की खुशबू और धुनोची नृत्य की रातें—ये सब याद आते ही मन को एक अजीब सी गर्माहट दे जाते हैं। ढोल-नगाड़ों की थाप, दीपों की रोशनी और लोगों की श्रद्धा—हर चीज़ इतनी जीवंत लगती थी कि लगता था, समय भी उसी खुशी में थम गया हो।
और जब आता है Dussehra, पूरा शहर सज जाता है। दस्सहरा चौक पर भगवान राम की चौकी, ढोल-नगाड़ों की गूँज, भीड़ का उत्साह और रावण दहन का नजारा—ये सब बचपन की सबसे प्यारी यादें बन जाती हैं। हर बार यह उत्सव हमें हमारी संस्कृति, हमारी जड़ों और अपनों के साथ बिताए लम्हों की याद दिलाता है।
माँ दुर्गा और भगवान राम से यही दुआ है कि हमारे जीवन में हमेशा शक्ति, खुशियाँ और शांति बनी रहें।
🙏🌺🧿 जय माता दी! जय श्री राम!