08/08/2026
अध्यक्ष जी, पत्र कुछ कह रहा है… और अब बात कुछ और?
नंदा देवी राजजात समिति के अध्यक्ष भुवन नौटियाल जी से जनता का सीधा सवाल है।
22 नवंबर 2025 को समिति की ओर से प्रधानमंत्री जी को भेजे गए इस पत्र में साफ लिखा है कि नंदा देवी राजजात 2026 में प्रस्तावित है।
इसी पत्र में यात्रा मार्ग के गांवों और पड़ावों के लिए 20 हजार सोलर लाइटों की मांग भी की गई है।
तो अध्यक्ष जी, उस समय 2026 की राजजात प्रस्तावित थी, फिर आज 2027 में राजजात होने की बात क्यों कही जा रही है?
आखिर 2026 से 2027 के बीच क्या बदल गया?
अगर 2026 में राजजात प्रस्तावित थी तो तैयारियां समय रहते क्यों नहीं हुईं?
अगर अब 2027 में होगी तो जनता को इसकी ठोस और स्पष्ट वजह क्यों नहीं बताई जा रही?
और अध्यक्ष जी, यह कोई निजी कार्यक्रम नहीं है कि तारीख आज बदली और कल बदल दी।
यह मां नंदा की राजजात है—पूरे उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति और परंपरा से जुड़ा विषय है।
हम किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं हैं।
सवाल सिर्फ इतना है कि जनता को सच और स्पष्ट जानकारी मिले।
पत्र में 2026 लिखा है, अब 2027 क्यों?
तैयारियां समय पर क्यों नहीं हुईं?
देरी की जिम्मेदारी कौन लेगा?
क्या इस पवित्र यात्रा को राजनीति से दूर रखकर निर्णय नहीं होना चाहिए?
अध्यक्ष जी, अब जनता आपसे जवाब चाहती है—
2026 या 2027? आखिर सच क्या है?
मां नंदा की राजजात आस्था है, किसी का निजी कार्यक्रम नहीं। इसे राजनीति की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए।
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