Karma katha

Karma katha इस चैनल पर आपको प्राचीन भारतीय ग्रंथों तथा कथाओं के बारे में बताया जाएगा 🔱✨✨

हर हर महादेव🙏🙇
17/02/2025

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जय श्री राम🙏🙇
10/01/2025

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धर्मो रक्षति रक्षतः
23/11/2024

धर्मो रक्षति रक्षतः

श्री भन्दे के बालाजी धाम , फुलेरा , जयपुर , राजस्थान🙏 #बालाजी_सरकार👑❤️ #शनिवार #भन्देकेबालाजी
16/11/2024

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#बालाजी_सरकार👑❤️
#शनिवार
#भन्देकेबालाजी

ऐसा कहते है सब लोग कि जादू भरी पग रज है तुम्हारीआज्ञा पायी निसाधह ने केवट लियो बुलाये,पर केवट ने राम को दी यह मांग सुनाय...
09/11/2024

ऐसा कहते है सब लोग कि जादू भरी पग रज है तुम्हारी
आज्ञा पायी निसाधह ने केवट लियो बुलाये,

पर केवट ने राम को दी यह मांग सुनाये।

पहले चरण पखारूंगा उनकी रज को झाड़ूंगा।

पान करूँगा चरणा अमृत नाव पे तब बैठारूंगा।

ऐसा कहते है सब लोग कि जादू भरी पग रज है तुम्हारी

इस पग रज का स्पर्श हुआ तो मौन शिला बनी सुन्दर नारी

मेरे पास है बस एक नैया-२, सारे कुटुंब की पालनहारी

नाव बनी यदि नार तो आएगा मुझ निर्धन पे संकट भारी

एक नारी का कठिन है पालन, कैसे पालूंगा दो दो नारी

केवट प्रभु के पाँव पखारन हेतु कटौती में जल भर लाया

पाँव पखार पिया चरणा अमृत फिर प्रभु को नौका में बिठाया।

गंगा पार् पहुँच कर जब -२ , उतराई देने का अवसर आया

देने लगी वैदेही अंगूठी, तो ना में सर केवट ने हिलाया-२

सुनो मेरी विनती राम सरकार, राम सरकार सिया सरकार

नाइ, धोबी, धीमर, केवट और लुहार सुनार

अरे एक दूजे से लें न मजदूरी, जिनका एक व्यापार

नैन दिया का केवट तुम भाव सागर तारणहार

राम प्रभु मेरी मजदूरी तुम पर रही उधार

आऊं में जब घाट तुम्हारे-२,

कर दीजो बेडा मेरा पार

सुनो मेरी विनती राम सरकार, राम सरकार सिया सरकार

केवट ने जो मांगी उतराई, मन ही मन पर्ण किया रघुराई

उतराई अवश्य चुकानी है, ये रामायण श्री राम की अमर कहानी है।

ये रामायण श्री राम की अमर कहानी है।

केवट को वचन देकर मुस्कुराते हुए विदा लेकर सिया सहित वनवास को मार्ग पर चल दिए युगल किशोर।

हो लिया संग निशाद भी बढ़ा नेह की डोर।

सानुज सिया सहित रघुनन्दन, गंगा जी का करके वंदन

भरद्वाज के आश्रम आये, मुनि को विनय प्रणाम जनाए

ऋषि ने प्रभु को हृदय लगाया, अकथनीय परमानन्द पाया

कुशल पूछ आसान बैठारे, पद पूजत मुनि भये सकारे

कंद-मूल फल परस कर, अति प्रश्न ऋषि राज़

ध्यान ज्ञान जप जोग तप, सफल भये सब आज

कर मुनि से सत्संग प्रभु, कियत रहें प्रवाश

कंगला अवस्था में हुआ आध्यात्मिक आभास

प्रात: नहाये पुण्य त्रिवेणी, सरिता मुद मंगल देनी

राम प्रयाग महात्म बखाना, सिद्धेश्वर यह सरस सुहाना

नाम प्रयाग यग हुए अगणित, कण कण मंत्रो से अनुगुंजित

दिघेश्वर की महिमा गाकर, आश्रम में मुनि आये रघुवर

सुभाशीष मुनिराज से मांग रहे जगदीश,

पूछ रहे वनवास को जाये कहाँ मुनीश

मुनि बोले तुमने जगत बसा, तुम विद्यमान सर्वत सदा

तुमको क्या रह सुझानी है

ये रामायण श्री राम की अमर कहानी है।

ये रामायण श्री राम की अमर कहानी है।

Shree Ram 🙇 ji is coming back to ayodhya 🚩
16/10/2024

Shree Ram 🙇 ji is coming back to ayodhya 🚩

राजस्‍थान के चुरू ज‌िले में हनुमान जी का एक प्रस‌िद्ध मंद‌िर है जो सालासर बालाजी के नाम से जाने जाते हैं। बाला जी के प्र...
18/09/2024

राजस्‍थान के चुरू ज‌िले में हनुमान जी का एक प्रस‌िद्ध मंद‌िर है जो सालासर बालाजी के नाम से जाने जाते हैं। बाला जी के प्रकट होने की कथा ज‌ितनी ही चमत्कारी है उतने ही बाला जी भी चमत्कारी और भक्तों की मनोकामना पूरी करने वाले हैं। तो आइये जानें सारासर बाला जी की कुछ चमत्कारी बातें।

इस तरह प्रकट हुए सालासर में दाढ़ी मूंछों वाले बालाजी, करते हैं चमत्‍कार

बालाजी के एक भक्त थे मोहनदास। इनकी भक्त‌ि से प्रसन्न होकर बालाजी ने इन्हे मूर्त‌ि रूप में प्रकट होने का वचन द‌िया। अपने वचन को पूरा करने के ल‌िए बालाजी नागौर जिले के आसोटा गांव में 1811 में प्रकट हुए। इसकी भी एक रोचक कथा है।

इस तरह प्रकट हुए सालासर में दाढ़ी मूंछों वाले बालाजी, करते हैं चमत्‍कार

आसोटा में एक जाट खेत जोत रहा था तभी उसके हल की नोक क‌िसी कठोर चीज से टकराई। उसे निकाल कर देखा तो एक पत्थर था। जाट ने अपने अंगोछे से पत्‍थर को पोंछकर साफ किया तो उस पर बालाजी की छवि नजर आने लगी। इतने में जाट की पत्नी खाना लेकर आई। उसने बालाजी के मूर्ति को बाजरे के चूरमे का पहला भोग लगाया। यही कारण है क‌ि बाला जी को चूरमे का भोग लगता है।
इस तरह प्रकट हुए सालासर में दाढ़ी मूंछों वाले बालाजी, करते हैं चमत्‍कार
यह है मोहन राम जी की समाध‌ि स्‍थल। कहते हैं ज‌िस द‌िन यह मूर्त‌ि प्रकट हुई उस रात बालाजी ने सपने में आसोटा के ठाकुर को अपनी मूर्त‌ि सलासर ले जाने के ल‌िए कहा। दूसरी तरफ मोहन राम को सपने में बताया क‌ि ज‌िस बैलगाड़ी से मूर्त‌ि सालासर पहुंचेगी उसे सालासर पहुंचने पर कोई नहीं चलाए। जहां बैलगाड़ी खुद रुक जाए वहीं मेरी मूर्त‌ि स्‍थापि‌त कर देना। सपने में म‌िले न‌िर्देश के अनुसार ही मूर्त‌ि को वर्तमान स्‍थान पर स्‍थाप‌ित क‌िया गया है।
#सालासरबलाजी #बालाजी #सनातनीबालक9

05/07/2023

आपका कर्मा कथा पर स्वागत है ।

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