02/11/2012
कुछ लोग आज भी अपने को पहाड़ी कहने में झिझकते हैं। न जाने किस बात की झिझक हैं। जिस पहाड़ में चंद्र सिंह गढ़वाली. माधो सिंह मलेथा, सुमित्रानंदन पंत, बेछेद्री पाल, शिवानी, जसंवत सिंह, गबर सिंह, दरबान सिंह, मोला राम तोमर, पीतांबर दत्त बड़्थ्वाल, मोहन उप्रेती, नरेंद्र सिंह नेगी, श्रीदेव सुमन हेमवती नंदन बहुगुणा, मुकंदी लाल बेरिस्टर. मनोहर श्याम जोशी, डा. मुरली मनोहर जोशी, श्यामा चरण काला जैसे लोग जन्में हों, उस क्षेत्र का होने से संकोच नहीं , एक स्वाभिमान का अहसास होना चाहिए। क्यों
आखिर इस क्षेत्र से लोग विश्वयुद्ध में नेपल्स की प्रसिद्ध लड़ाई लड़े। 1962 में चीन युद्ध या 71 की लडा़ई या फिर श्रीलंका शांति सेना और कारगिल की कठिन लड़ाई। हर जगह पहाड़ी सेनिकों ने भी अपना फर्ज निभाया। फिर संकोच क्यों। अपनी पहचान के साथ आगे आइए।