28/02/2026
“मैं, एक पति”
मैं ज़्यादा बोल नहीं पाता,
पर इसका मतलब ये नहीं
कि मुझे दर्द नहीं होता।
सुबह घर से निकलते वक़्त
तेरे सोए हुए चेहरे को
एक पल ज़्यादा देख लेता हूँ,
ताकि दिन भर की थकान
उसी से लड़ सकूँ।
दुनिया के सामने
मज़बूत बना रहता हूँ,
पर सच ये है
कि हर डर में
तेरा ही नाम आता है।
तू कहती है
मैं बदल गया हूँ…
शायद सही कहती है।
अब मेरी हँसी में
ज़िम्मेदारियों की आवाज़ होती है।
जब तू चुप हो जाती है,
तो मुझे शब्द नहीं मिलते,
पर दिल रोज़ कहता है —
“कुछ तो कर…
वो टूट रही है।”
मैं जानता हूँ
मैं परफेक्ट नहीं हूँ,
पर हर दिन
बेहतर बनने की कोशिश करता हूँ।
अगर कभी
मैं तुझे गले नहीं लगा पाता,
तो समझ लेना
प्यार कम नहीं हुआ,
बस हालात भारी हैं।
मैं तेरे लिए
ज़िंदगी से लड़ता हूँ,
ताकि तू मुस्कुरा सके।
और अगर कभी
मैं हारने लगूँ,
तो बस मेरा हाथ थाम लेना…
क्योंकि एक पति के लिए
उसकी पत्नी ही
सबसे बड़ी ताक़त होती है। 💔❤️