Bihar IPTA

Directions Website Contact the establishment

Bihar IPTA People's Theatre Stars The People!

बिहार इप्टा का 17वां राज्य सम्मेलन सह सांस्कृतिक समारोह मिथिला की सांस्कृतिक धरती मधुबनी में आयोजित किया जायेगा, स्वागत ...
29/09/2026

बिहार इप्टा का 17वां राज्य सम्मेलन सह सांस्कृतिक समारोह मिथिला की सांस्कृतिक धरती मधुबनी में आयोजित किया जायेगा, स्वागत समिति गठित

क्रिएटिव पब्लिक स्कूल, मधुबनी में भारतीय जननाट्य संघ (इप्टा), बिहार के 17वें राज्य सम्मेलन सह सांस्कृतिक समारोह के आयोजन के लिए एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता अरविंद प्रसाद, रामश्रृंगार पांडे, एस. एन. लाल एवं सुरेश बैरोलिया की चार सदस्यीय अध्यक्ष-मंडल ने किया। बैठक में बड़ी संख्या में मधुबनी शहर के शिक्षाविद, व्यवसायी, सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यकर्ता, कलाकार व गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। इस अवसर पर इप्टा के राष्ट्रीय महासचिव साथी तनवीर अख्तर, बिहार इप्टा के कार्यवाहक महासचिव साथी फीरोज़ अशरफ खां एवं संयुक्त सचिव साथी नीरज कुमार रंजन विशेष रूप से उपस्थित रहे। संचालन बिहार इप्टा के सचिव मंडल साथी इन्द्र भूषण रमन 'बमबम' ने किया।

बिहार इप्टा के राज्य सम्मेलन सह सांस्कृतिक समारोह को ऐतिहासिक बनाने के लिए एक स्वागत समिति का गठन किया गया, जिसके अध्यक्ष समीर महासेठ, महासचिव इन्द्र भूषण रमन 'बमबम' एवं कोषाध्यक्ष अमित महासेठ को निर्वाचित किया गया। इस बैठक में आयोजन से जुड़ी संभावित रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा हुई।

बिहार इप्टा का 17वां राज्य सम्मेलन सह सांस्कृतिक समारोह 25, 26 एवं 27 दिसम्बर 2026 को आयोजित होगा। इस अवसर पर मधुबनी शहर का नामकरण 'भोगेन्द्र झा महानगर' करने पर सहमति बनी। साथ ही, मुख्य मंच का नामकरण 'राज कुमार महासेठ सांस्कृतिक मंच', सभाकक्ष का नामकरण 'नचारी झा सभाकक्ष' एवं कला दीर्घा का नामकरण 'विमला दत्त कला दीर्घा' करने का निर्णय लिया गया।

उल्लेखनीय है कि 15 अगस्त, 2026 को बिहार इप्टा अपने स्थापना के गौरवशाली 80वें वर्ष में प्रवेश किया है। ऐसे में बिहार इप्टा के 17वें राज्य सम्मेलन सह सांस्कृतिक समारोह का आयोजन मधुबनी में होना खास है।

सादर आमंत्रणकटिहार इप्टा की नाट्य प्रस्तुति 'सुंदर'02.10.2026 (शुक्रवार)  |  दोपहर 03:00 बजे
29/09/2026

सादर आमंत्रण
कटिहार इप्टा की नाट्य प्रस्तुति 'सुंदर'
02.10.2026 (शुक्रवार) | दोपहर 03:00 बजे

बिहार इप्टा राज्य स्तरीय नाट्योत्सव 2026 'सच का रंगमंच: रंगों और विचारों का उत्सव'प्रतिभागी बिहार इप्टा इकाईयां: भागलपुर...
26/09/2026

बिहार इप्टा राज्य स्तरीय नाट्योत्सव 2026
'सच का रंगमंच: रंगों और विचारों का उत्सव'

प्रतिभागी बिहार इप्टा इकाईयां:
भागलपुर इप्टा, मधुबनी इप्टा, सहरसा इप्टा, छपरा इप्टा, पटना इप्टा, कटिहार इप्टा एवं बीहट इप्टा (गायन दल)

02, 03 एवं 04 अक्टूबर 2026 | शाम 05:00
आर्यावर्त वैली पाठशाला परिसर (जिला परिषद्), सहरसा

आइए, हमसब मिलकर नाट्योत्सव 2026 को यादगार बनाएं!

जनता की संस्कृति ज़िन्दाबाद! सच का रंगमंच ज़िन्दाबाद!

आयोजक: सहरसा इप्टा
संपर्क: 9431268222/ 9006241140/ 7979047102
#बिहार_इप्टा

26/09/2026

शोक संदेश

बिहार इप्टा सचिव मंडल के साथी संजीव कुमार ‘दीपू’ के पिताजी का निधन

बिहार इप्टा सचिव मंडल के साथी संजीव कुमार ‘दीपू’ के पिताजी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं मर्मांतक है। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और आज उन्होंने इस संसार को अलविदा कह दिया। बिहार इप्टा की ओर से उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!

इस दुःख की घड़ी में बिहार इप्टा राज्य परिषद् साथी संजीव एवं उनके समस्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है। इस अपूरणीय क्षति के समय बिहार इप्टा शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है।

साथी संजीव, इस कठिन और दुःखद घड़ी में पूरा बिहार इप्टा परिवार आपके साथ है।

सादर नमन... विनम्र श्रद्धांजलि! 🙏🏾

— बिहार इप्टा राज्य परिषद्

बिहार इप्टा द्वारा सहरसा इप्टा के सहयोग से 02, 03 एवं 04 अक्टूबर 2026 को सहरसा शहर में बिहार इप्टा राज्य स्तरीय नाट्योत्...
26/09/2026

बिहार इप्टा द्वारा सहरसा इप्टा के सहयोग से 02, 03 एवं 04 अक्टूबर 2026 को सहरसा शहर में बिहार इप्टा राज्य स्तरीय नाट्योत्सव 2026 'सच का रंगमंच: रंगों और विचारों का उत्सव' का आयोजन किया गया है।

'सच का रंगमंच : रंगों और विचारों का उत्सव' से संबंधित विभिन्न समाचार-पत्रों के सहरसा संस्करण में प्रकाशित ख़बर।

संपर्क: 9431268222/ 9006241140/ 7979047102
#बिहार_इप्टा

बिहार इप्टा राज्य स्तरीय नाट्योत्सव 2026 'सच का रंगमंच: रंगों और विचारों का उत्सव'प्रतिभागी इप्टा इकाईयां: भागलपुर इप्टा...
24/09/2026

बिहार इप्टा राज्य स्तरीय नाट्योत्सव 2026
'सच का रंगमंच: रंगों और विचारों का उत्सव'

प्रतिभागी इप्टा इकाईयां:
भागलपुर इप्टा, मधुबनी इप्टा, सहरसा इप्टा, छपरा इप्टा, पटना इप्टा, कटिहार इप्टा एवं बीहट इप्टा (गायन दल)

02, 03 एवं 04 अक्टूबर 2026 | शाम 05:00
आर्यावर्त वैली पाठशाला परिसर (जिला परिषद्), सहरसा

आइए, हमसब मिलकर नाट्योत्सव 2026 को यादगार बनाएं!

जनता की संस्कृति ज़िन्दाबाद! सच का रंगमंच ज़िन्दाबाद!

आयोजक: सहरसा इप्टा
संपर्क: 9431268222/ 9006241140/ 7979047102
#इप्टा #बिहार_इप्टा

सादर आमंत्रण 04.10.2026 | शाम 7 बजेदिनकर कला भवन, बेगूसराय
22/09/2026

सादर आमंत्रण
04.10.2026 | शाम 7 बजे
दिनकर कला भवन, बेगूसराय

हिन्दी और हिन्दी रंगमंच के अभिनेता साभार: Parvez Akhtar साहब के फेसबुक वॉल से-------------------------------------------...
21/09/2026

हिन्दी और हिन्दी रंगमंच के अभिनेता

साभार: Parvez Akhtar साहब के फेसबुक वॉल से
----------------------------------------------------------------------

आज हम अनुस्वार की चर्चा करते हैं और अनुनासिक ध्वनियों के बारे में बात करते हैं।

युवा-अभिनेता मित्रो,

स्वर-वर्णमाला में 'अं' को अनुस्वार कहते हैं। जिन ध्वनियों के उच्चारण में श्वास को सप्रयास, किन्तु सहज रूप से नाक से निकाला जाता है, यथा - ङ, ञ, ण, न, म; उन्हें नासिक्य या अनुनासिक व्यंजन कहा जाता है। लिखने में प्रायः ङ, ञ, ण, न, म के नासिक्य ध्वनियों के लिए 'अं' यानि अनुस्वार का प्रयोग किया जाता है, जिसका चिह्न – शिरोरेख के ऊपर एक बिन्दी (ॱ) है। बोलने के अभ्यास और अनुभव के आधार पर अभिनेता इन अनुनासिक ध्वनियों का उच्चारण करते हैं; जैसे - गंगा (गङ्गा : ग + ङ् + गा), व्यंजन (व्यञ्जन : व् + य + ञ् + ज + न), कंठ (कण्ठ : क + ण् + ठ), परंपरा (परम्परा : प + र + म् + प + रा), संबंध (सम्बन्ध : स + म् + ब + न् + ध) ।

अब समस्या कहाँ आती है ? जब हम हर नासिक्य ध्वनि को अनुस्वार (ॱ) के ज़रिए लिखते हैं; अब लिखते हैं, तो बोलने में कई बार द्विविधा होती है। 'गंगा' - गम्गा है या गन्गा या गङ्गा ? 'परंपरा' - परन्परा या परम्परा। इसी तरह संबंध - सन्बन्ध होगा या सम्बम्ध अथवा सम्बन्ध होगा। ऐसी कई अनुनासिक ध्वनियाँ हैं, जिनके उच्चारण में अहिन्दी भाषी को ही दिक़्क़त नहीं होती, जो हिन्दी सीख रहा होता है; बल्कि हिन्दी अभिनेता की भी प्रायः इस सम्बन्ध में स्पष्ट अवधारणा नहीं होती है। वे मात्र अपने अनुभव के आधार पर इसे उच्चारित करते हैं। उर्दू (नस्तालिक) और रोमन आदि लिपियों में यह अस्पष्टता होती है, पाठकर्ता अपने रियाज़ और अनुभव से यह तय करता है कि अमुक शब्द 'ख़ुदा' (خدا) है अथवा 'ख़िदा' (خدا)। या फिर अपने अभ्यास से वह, put या but को पुट और बट उच्चारित करता है, 'पुट-बुट' या 'पट-बट' नहीं।

हिन्दी (देवनागरी) की यह प्रकृति नहीं है। हिन्दी में जो सुना जाता है, वही लिखा जाता है और जो लिखा जाता है, वही बोला भी जाता है।

वैयाकरणों के अनुसार, अनुस्वार (ॱ) का प्रयोग सामान्यतः य, र, ल, व, श, ष, स और ह के साथ किया जाना चाहिए; हालाँकि अब लिखने में प्रत्येक अक्षर के साथ इसका प्रयोग किया जाने लगा है और साहित्य में इसे मान्यता भी मिल गयी है। लेकिन अभिनेताओं को इसको लेकर द्विविधा हमेशा बनी रहती है कि वे 'परंपरा' को परम्परा क्यों बोलें, परन्परा क्यों नहीं ? इसी तरह कई अनुभवी अभिनेता 'बूँद' (ब् + ऊँ + द) को 'बून्द' (बू न् द) कहते सुने जाते हैं। या फिर उन्हें 'हंस' और 'हँस' में अंतर नहीं समझ में आता है ! इसलिए ज़रूरी है कि अभिनेता लिखित पाठ का अपने लिए एक अलग 'परफॉर्मिंग-टेक्स्ट' तैयार करे।

आइए जानते हैं, हिन्दी और उसकी लिपि देवनागरी में अनुस्वार और नासिक्य ध्वनियों के संयोजन की क्या और कैसी व्यवस्था है ?

य, र, ल, व, श, ष, स और ह के साथ अनुस्वार (ॱ) का प्रयोग व्याकरण-सम्मत है। शेष व्यञ्जन, यथा - 'क' से लेकर 'म' तक; 25 व्यञ्जन-ध्वनियाँ, उच्चारण-स्थल के आधार पर 5 वर्गों में विभाजित हैं - कंठ्य : क ख ग घ ङ, तालव्य : च छ ज झ ञ, मूर्धन्य : ट ठ ड ढ ण, दन्त्य : त थ द ध न और ओष्ठ्य : प फ ब भ म। हर वर्ग का अन्तिम अक्षर या उसकी अन्तिम ध्वनि नासिक्य है। अब अगर कंठ्य वर्ग (क ख ग घ) के साथ अनुस्वार का प्रयोग करना है, तो उसके साथ 'ङ' का प्रयोग होगा, जैसे - गङ्गा, जङ्घा, पङ्खा। इसी तरह तालव्य (च छ ज झ) के लिए ञ, मूर्धन्य (ट ठ ड ढ) लिए ण, दन्त्य (त थ द ध) लिए न और ओष्ठ्य (प फ ब भ) के लिए म का प्रयोग किया जाना चाहिए। इस व्यवस्था का अनुसरण करने पर अभिनेता को गङ्गा और 'गन्गा'; किञ्चित और 'किन्चित'; दण्ड और 'दन्ड' आदि शब्दों को लेकर कोई द्विविधा नहीं रहेगी। सामान्यतः अनुस्वार (ॱ) को हम आधा 'न' (न्) की ध्वनि मान लेते हैं, जबकि यह नासिक्य ध्वनि है और अलग-अलग अक्षरों के साथ इसका भिन्न उच्चारण होता है। इस अवधारणा के स्पष्ट होजाने पर हम यह समझ सकते हैं कि संबंध, दरअसल सम्बन्ध क्यों है और पंत (पन्त), दंभ (दम्भ) का उच्चारण क्या होगा।

थोड़ी चर्चा चन्द्र-बिन्दु की भी कर लेते हैं। हिन्दी में अनुनासिकता को चन्द्र-बिन्दु के माध्यम से व्यक्त किया जाता है। जिस ध्वनि-अक्षर के साथ इसका प्रयोग किया जाता है, उस ध्वनि के साथ ही अनुनासिक का उच्चारण होगा, जैसे - चाँद, यहाँ च् + आँ + द का उच्चारण होता है, न कि 'चान्द', उसी तरह बूँद का उच्चारण ब् + ऊँ + द होता है, 'बून्द' नहीं। 'हंस' एक प्रकार का पक्षी है, तो 'हँस' का सम्बन्ध हँसने से है।

【अभिनेताओं के लिए हिन्दी / देवनागरी के कुछ अन्य पक्षों पर, फिर किसी दूसरे पोस्ट में चर्चा करेंगे।】

सादर आमंत्रणआज (20.09.2026) शाम 5:30 बजेबिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन हॉल, पटनाचंद्रशेखर व्याख्यान: 31 के तहत'भूलना मना है: ...
20/09/2026

सादर आमंत्रण
आज (20.09.2026) शाम 5:30 बजे
बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन हॉल, पटना

चंद्रशेखर व्याख्यान: 31 के तहत
'भूलना मना है: लोकतंत्र, सत्ता और पत्रकारिता की याददाश्त'
वक्ता: नेहा दीक्षित, पत्रकार और लेखक

आप जरूर आएँ!

आयोजन: पुनश्च
सहयोग: पटना इप्टा और कोशिश

साथी चंद्रशेखर को सलाम!पटना में भारतीय जननाट्य संघ (इप्टा) और छात्र राजनीति से गहरे रूप से जुड़े रहे साथी चंद्रशेखर का आ...
20/09/2026

साथी चंद्रशेखर को सलाम!

पटना में भारतीय जननाट्य संघ (इप्टा) और छात्र राजनीति से गहरे रूप से जुड़े रहे साथी चंद्रशेखर का आज जन्मदिन है। बाद में, साथी चंद्रशेखर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU) के अध्यक्ष बने।

पटना में पढ़ाई के दौरान वे पटना इप्टा से सक्रिय रूप से जुड़े और जनवादी सांस्कृतिक चेतना के विस्तार में अहम भूमिका निभाई।

आज (20.09.2026 को) शाम 5:30 बजे, उनकी याद में चंद्रशेखर व्याख्यान: 31 का आयोजन किया गया है। इसके तहत बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन हॉल (सिन्हा लाइब्रेरी के सामने), पटना में 'भूलना मना है: लोकतंत्र, सत्ता और पत्रकारिता की याददाश्त' विषय पर पत्रकार और लेखक नेहा दीक्षित व्याख्यान देंगी। आप जरूर आएँ!

Address

#701-B, Ashiana Chambers, Exhibition Road
Patna
800001

Opening Hours

Monday 3:30pm - 9pm
Tuesday 3:30pm - 9pm
Wednesday 3:30pm - 9pm
Thursday 3:30pm - 9pm
Friday 3:30pm - 9pm
Saturday 3:30pm - 9pm
Sunday 10am - 6pm

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Bihar IPTA posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Establishment

Send a message to Bihar IPTA:

Shortcuts

Share