13/02/2026
दानापुर के पूर्व विधायक Ritlal Yadav जी के बाद बाढ़ के पूर्व राजद प्रत्याशी कर्णवीर यादव लल्लू मुखिया जी उनके बाद पूर्णिया के सांसद Rajesh Ranjan पप्पू यादव जी और अब सिवान के चर्चित समाजसेवी जीवन यादव जी को जेल भेजने वाली नरेंद्र मोदी जी – नीतीश कुमार जी की सरकार आखिर किस दिशा में जा रही है..??
क्या यह सिर्फ कानून की कार्रवाई है या फिर एक
विशेष जाति को निशाना बनाने की साजिश..??
चाहे उत्तर प्रदेश हो या बिहार लगातार यादव समाज के नेताओं,व्यापारियों और प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई, कहीं न कहीं जातिगत भेदभाव और नफरत की ओर इशारा करती है।।
कभी हत्या, कभी एनकाउंटर,
तो कभी जेल—क्या यह सिर्फ संयोग है..?
लगता है मानो हमारे समाज का मनोबल तोड़ने
की सुनियोजित कोशिश हो रही है।।
फिर भी हमें गर्व है कि इतना अत्याचार सहने के बाद भी आज 90% यादव समाज मजबूती से अन्याय,शोषण और साम्प्रदायिक राजनीति के खिलाफ खड़ा है।।
लेकिन सबसे ज्यादा दुख तब होता है जब हमारे ही कुछ लोग भाजपा की राजनीति का प्रचार करते दिखते हैं, भगवा गमछा पहनकर उनके कार्यक्रमों में भीड़ बढ़ाते हैं।।
राजनीति करना आपका अधिकार है लेकिन अपने
समाज के आत्मसम्मान की कीमत पर नहीं।।
जहां हमारे लोगों का अस्तित्व खतरे में हो, वहां “रामराज्य” का सपना दिखाना सिर्फ छलावा है।।
अब समय है जागने का,,एकजुट होने का और अपने सम्मान व अधिकार की लड़ाई मजबूती से लड़ने का।।
आखिर कब तक ऐसे ही होता रहेगा..??