Poetry With Puru

Poetry With Puru Hello Everyone Purushottam (Puru) Here, I am a student of Science But Love Literature

कुछ मुलाकातें अधूरी होकर भी मुकम्मल होती हैं। न बातें हुईं, न जी भर के देखा, बस एक आस बाकी रह गई। शायद किसी मोड़ पर फिर म...
05/04/2026

कुछ मुलाकातें अधूरी होकर भी मुकम्मल होती हैं। न बातें हुईं, न जी भर के देखा, बस एक आस बाकी रह गई। शायद किसी मोड़ पर फिर मिलेंगे। ✨

"Best Urdu Shayari," "Heart Touching Lines," and "Zindagi Shayari"

Aapke Dil Ko Ye Line Chu Pai ??

28/03/2026

चंदा भी बस रात में अच्छा लगता है
हर बंदा औक़ात में अच्छा लगता याद गए लम्हों को कर के रो लेना
मुझ को हर बरसात में अच्छा लगता है
छोड़ दे 'आसी' प्यार को चल मज़दूरी कर
इश्क़ अच्छे हालात में अच्छा लगता है
कमर आसी

27/03/2026

"मुझे उस शहर से नहीं… वहाँ रहने वाली तुमसे मोहब्बत है 💫"

Book "जैसा दिखा वैसा प्रेम" I Poems & Stories by Sachin Kohli
तुम्हारे शहर। सिर्फ इसलिए आना रहता है कि तुम रहती हो वहां।
कोई बात छेडे तुम्हारे शहर कि तो कहता हुं
हां। मैं भी वहां किसी को जानना हुं।
बस इतनी ही है उस शहर कि पहचान
मेरे लिए।
कि वहां तुम रहती हो।

Address

Patna
800001

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Poetry With Puru posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Category