14/08/2026
आ. नाज़ सर का लिखा हुआ एक अनमोल गीत… ❤️
लगभग छह महीने पहले उन्होंने मुझे इस गीत पर प्रस्तुति देने को कहा था। लेकिन इस गीत पर ड्रेस-अप कैसा हो, मेकअप कैसा हो—ये सोचते-सोचते मुझे लगा कि शायद मैं इस गीत पर कहीं से भी फिट नहीं बैठती। गीत इतना प्रेशियस है कि इसे लेकर मन में एक झिझक-सी बनी रही।
फिर कल के कार्यक्रम ‘चौपाल’ के लिए उन्होंने पुनः कहा—“एक बार देख लो।”
तो मैंने सोचा, चलो… कोशिश करती हूँ। शायद अच्छा हो जाए। 😊
प्यारी सखी खुशबू जी के कुशल संचालन में कार्यक्रम बेहद सफल और सुनियोजित रहा। मेरा वीडियो बनाने के लिए उनका विशेष धन्यवाद। 🙏🏻🌹
आपका बहुत-बहुत आभार और एक शानदार कार्यक्रम के लिए पुनः बधाई। ❤️
मौसम खराब था, इसलिए प्रस्तुति के दौरान अचानक लाइट भी चली गई। 😄
अब आप सब बताइए—ऐसे माहौल में मेरी यह छोटी-सी कोशिश कैसी लगी?
आपकी प्रतिक्रिया का इंतज़ार रहेगा। ❤️
#लोकृतीगुप्ता #गीत प्रस्तुति संगीत कला साहित्य