08/09/2024
7 सितंबर….. मेरा जन्मदिन और हमारे गुरु #पद्मश्री_रामचन्द्र_माँझी जी की पुण्यतिथि
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7 सितंबर को मेरे जन्मदिन के दिन ही भिखारी ठाकुर के शिष्य और हमारे गुरु #पद्मश्री_रामचन्द्र_माँझी जी हम सब को छोड़ कर चले गए। आपको गये दो वर्ष बीत चुके हैं पर कोई ऐसा दिन नहीं होता जब आपकी याद न आती हो। आपसे सीखे गए रंगमंच के गुण अनमोल हैं। आपके साथ बिताए गए पल अविस्मरणीय है। आप न सिर्फ़ एक बेहतरीन कलाकार थे बल्कि एक बेहतरीन इंसान भी थे। आप भिखारी ठाकुर के नाटकों को सिर्फ़ खेलते ही नहीं थे बल्कि उन विचारों को जीते भी थे। आपके कला और चिंतन में हमेशा सामाजिक सद्भावना रहती थी।
अपनी कला के माध्यम से आपने वर्षों तक समाज की सेवा की। अपने कला के माध्यम से समाज को रास्ता दिखाया। भिखारी ठाकुर की नाच परंपरा सहित लोक कला परंपरा के अनेक विधाओं को आगे बढ़ाया। भिखारी ठाकुर रंगमंडल प्रशिक्षण एवं शोध केंद्र के सदप्रयासों से आपके कार्यों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखा और सराहा गया। मैंने और Shilpi Gulati ने मिल कर भिखारी ठाकुर के नाच पर “नाच भिखारी नाच” फ़िल्म बनाया जिसमें आपकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। Sarita Saaz ने संस्कृति मंत्रालय (भारत सरकार) के सहयोग से आपसे लोकगीतों की विधिवत शिक्षा ली। क्षेत्रीय स्तर से ले कर राष्ट्रीय स्तर तक के अनेकों मीडियाकर्मियों, कलाकारों, साहित्यकारों, छात्रों, शिक्षकों सहित लाखों जनसमुदाय को आपने अपने कार्यों से प्रभावित किया।
जीवन के अंतिम वर्षों में देश के चौथे बड़े नागरिक सम्मान #पद्मश्री तथा राष्ट्रीय पुरस्कार #संगीत_नाटक_अकादमी_अवार्ड से महामहिम राष्ट्रपति जी ने सम्मानित किया।
कला संस्कृति एवं युवा विभाग (बिहार सरकार) ने भी आपको #लाइफ़_टाइम_एचीवमेंट_अवार्ड से सम्मानित किया।
आपका जीवन संघर्षों भरा एक शानदार जीवन रहा है।
आपको नमन और श्रद्धांजलि