22/01/2024
नारायण नारायण🙏
आज इस बात को सार्वजनिक तौर पर कहने में मुझे कोई संकोच नहीं है की, मैं आज राम जन्मभूमि अयोध्या के राम मंदिर में दीनदयालु प्रभु श्री राम जी के प्राण प्रतिष्ठा में शामिल नहीं हो सकता इस बात से मर्माहत हूँ और वहीं इस बात से ये दिल का दर्द और भी ज़्यादा बढ़ रहा है की कई लोगों को वहाँ विशिष्ट और अतिविशिष्ठ आमंत्रण पत्र प्राप्त करके उपस्थित होने का सौभाग्य मिला है 🙏 जाने माता सबरी के भाग्य किसे किसे प्राप्त हैं 💞
वैसे इसका निराकरण तो प्रभु स्वयं ही करेंगे की इस महान अनुष्ठान में शामिल होने का सौभाग्य और असौभाग्य 💔
माफ़ कीजिएगा किंतु - जिन्हें - चाहे राजनीतीवाद, भाईवाद, दलवाद या अन्य किसी भी वाद के माध्यम से- वहाँ पहुँच कर प्रसाद पाने के भागी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है उनसे बस सिर्फ़ जलन ही हो सकती है ❤️🔥
एक दिन मेरे राम ने मुझे प्यार से बुलाया
एक दिन मेरे श्याम ने मुझे प्यार से बुलाया।
गले से लगाकर आहिस्ता से मुझे समझाया, क्या - अरे यही -
जो राम का नहीं है वो किसी काम का नहीं।
जग का मैं विधाता, त्रेता का राम हूँ गीता का वक्ता मैं द्वापर का श्याम हूँ, मैं ही इस श्रृष्टि का सार और मैं ही नि:सार हूँ ।
लिखा नियति मेरा ख़ुद मेरे लिये भी टला नहीं, है विधान पहले ही नियत तू काम किए जा ।
क्या होगा ना होगा अंजाम, से अनजान, तू काम किए जा,
नाम लेकर मेरा तू हर काम किए जा।
एक बार नहीं सौ बार नहीं हर बार किए जा, छोड़ परिणाम मुझ पर तू काम किए जा।
तब से ही मैं कहता हूँ दोस्तों राम राम किए जा श्याम श्याम किए जा।
दुख हो या सुख राम राम किए जा, राम नाम से बंधा हर काम किए जा, जो भी हो परिणाम राधे-श्याम किए जा। अरे नहीं कुछ तो कम से कम खुस होंगे हनुमान तू राम राम किये जा।
Ask~बालाजी