My Indian Literature

My Indian Literature A Bridge between two generation This page is About Literature and Culture.

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मेरे पैरों के निशान, चंद लम्हों को यहाँचंद लम्हों का हूँ मैं, चंद लम्हों का जहान                            कुमार पंकज प...
19/03/2026

मेरे पैरों के निशान, चंद लम्हों को यहाँ
चंद लम्हों का हूँ मैं, चंद लम्हों का जहान
कुमार पंकज पांचाल

03/11/2021
जो था अमादा बस जागने कोवो आज सोने पर अड़ गया हैये हमने क्या कह दिया है उसकोखुशी के मारे वह मर गया हैकुमार पंकज पांचाल 'ख़...
22/06/2021

जो था अमादा बस जागने को
वो आज सोने पर अड़ गया है

ये हमने क्या कह दिया है उसको
खुशी के मारे वह मर गया है

कुमार पंकज पांचाल 'ख़ार'

Mujh me baaki hai कविता : अभी बाक़ी हैं कवि / कवियत्री : रूबीना भाटी रस : शांत रस Mujh me baaki hai आँखें खोलना तो आपकी ...
29/05/2021

Mujh me baaki hai कविता : अभी बाक़ी हैं कवि / कवियत्री : रूबीना भाटी रस : शांत रस Mujh me baaki hai आँखें खोलना तो आपकी गोद में ही शुरू किया था,गोद से तो निकल आये, पर आँखें पूरी खुलना अभी बाक़ी हैं.अच्छे बुरे की सीख तो आपसे ही समझना शुरू किया था,रास्तों में हम तो आगे चलने लगे,...

Mujh me baaki hai | Hindi Poem collection of Rubina Bhati. Read poems, stories and much more in hindi and english on My Indian Literature

    by   at  ऐसा कब-कब होता है जी ऐसा कब-कब होता है |जब टूटे कोई भीतर से जी ऐसा तब-तब होता है||कुमार पंकज पांचाल 'ख़ार'
06/05/2021

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ऐसा कब-कब होता है जी ऐसा कब-कब होता है |
जब टूटे कोई भीतर से जी ऐसा तब-तब होता है||

कुमार पंकज पांचाल 'ख़ार'

  by   at     लोगों सेबनवास वापसी परजब राम ने पूछाकैसी बीती?तो उन्होंने कहाहमें उलटी तराजू के साथदिया गयाऔर हमसेसीधी तरा...
09/04/2021

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लोगों से
बनवास वापसी पर
जब राम ने पूछा
कैसी बीती?

तो उन्होंने कहा
हमें उलटी तराजू के साथ
दिया गया
और हमसे
सीधी तराजू के साथ
लिया गया।

राम ने कहा
तुम्हारा यह हाल हुआ?
अब भी करने वाले
वही हैं।

लाल सिंह दिल

      by   @     यहां जीना नहीं आसान कहीं और चलो हजारों मुश्किलें इक जान कहीं और चलो वफा और दोस्ती के ख्वाब अबतक देखते ह...
08/01/2021

by @
यहां जीना नहीं आसान कहीं और चलो
हजारों मुश्किलें इक जान कहीं और चलो

वफा और दोस्ती के ख्वाब अबतक देखते हो तुम
नहीं इस युग के तुम इंसान कहीं और चलो

राजेंद्र चाँद

Aur Aahista Kijiye Baate कविता : आहिस्ता कवि / कवियत्री : रूबीना भाटी रस : श्रृंगार रस (प्रेम रस) Aur Aahista Kijiye Baa...
01/01/2021

Aur Aahista Kijiye Baate कविता : आहिस्ता कवि / कवियत्री : रूबीना भाटी रस : श्रृंगार रस (प्रेम रस) Aur Aahista Kijiye Baate वो भवरे सा बहकता रहा,मैं फूल सी खिलती रही,वो सूरज सा चमकता रहा,मैं ओस की बूंद सी थिरकती रही,वो परवाने सा दहकता रहा,मैं शामा सी तड़पती रही | वो हवा सा लहराता रहा,...

Aur Aahista Kijiye Baate | आहिस्ता-आहिस्ता | Geet, Gazal, Kavita Hindi Sahitya sangrah | My Indian Literature. By Rubina Bhati

Wkt Sirf Samachaar कविता : वक़्त सिर्फ समाचार कवि / कवियत्री : अनुराग चंदेरी रस : दार्शनिक कविता Wkt Sirf Samachaar वक़्त...
30/12/2020

Wkt Sirf Samachaar कविता : वक़्त सिर्फ समाचार कवि / कवियत्री : अनुराग चंदेरी रस : दार्शनिक कविता Wkt Sirf Samachaar वक़्त सिर्फ समाचारबन के रह गया हैसुबह और शामदो विपरीत ध्रुव नहींएक समान सूचनाओंके पर्याय हैं,सुबह इतनी मौतेंऔर शाम इतनीये वक़्त गवाह होचुका हैइन दो अलग अलगसमय की...

Wkt Sirf Samachaar Ka | कोरोना का आक्रमण अभी आक्रामक हैं | फिर से बढ़ रहे देश मे कोरोना के केस | वैकसीन के लिए अभी करना होगा इंतज़ार

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