06/09/2025
🙏एक समय की बात है, जब नीम करौली बाबा प्रयागराज में कुछ दिनों के लिए ठहरे हुए थे। उनके आश्रम में हर दिन सैकड़ों भक्तों का ताँता लगा रहता था।
भीड़ में एक युवक रोज़ आता, बाबा के चरणों में माथा टेककर चला जाता, लेकिन कभी कुछ माँगता नहीं था। वह चेहरे पर उदासी लिए हुए रहता था।
एक दिन, बाबा ने उसकी ओर देखा और पूछा, "क्या बात है? तू हर दिन आता है, लेकिन कुछ कहता नहीं।"युवक ने नम्रतापूर्वक कहा, "बाबा, आशीर्वाद चाहिए।"
बाबा ने थोड़ा और गहराई से देखा और कहा, "तू कुछ और कहना चाहता है। बोल।"
युवक की आँखों में आँसू आ गए। उसने कहा, "बाबा, मेरी माँ बहुत बीमार है। डॉक्टरों ने जवाब दे दिया है। वे कहते हैं कि अब ज्यादा दिन नहीं हैं।
मैं चाहता हूँ कि आप उन्हें आशीर्वाद दें लेकिन"बाबा ने पूछा, "लेकिन क्या?"
युवक बोला, "लेकिन मेरे पास टाइम नहीं है, बाबा। मैं एक गरीब आदमी हूँ।
अगर मैं नौकरी पर नहीं जाऊँगा, तो घर का खर्च और माँ की दवाई का पैसा कैसे जुटाऊँगा? मैं उन्हें यहाँ लेकर नहीं आ सकता।
और आपसे मेरी यही विनीत प्रार्थना है कि आप एक बार उनके पास चलकर उन्हें आशीर्वाद दे दें।"
यह सुनकर आस-पास बैठे कुछ भक्त हैरान हो गए। बाबा से यह कैसी बेताबी? कि वह स्वयं किसी के घर चलकर आशीर्वाद दें?तभी बाबा ने अपनी विशेषता के अनुसार एक अद्भुत बात कही।
उन्होंने जोर से हँसते हुए कहा, "अरे ठीक है! तेरे पास टाइम नहीं है, तो कोई बात नहीं। मेरे पास टाइम है ना! मैं चला आऊँगा।"सब लोग सोचने लगे कि बाबा मजाक कर रहे हैं।
लेकिन बाबा ने उस युवक से उसका पता लिखवा लिया और कहा, "जा, तू अपने काम पर जा। मैं समय निकालकर आ जाऊँगा।"युवक असमंजस में था, लेकिन बाबा के आदेशानुसार चला गया।
वह पूरे दिन काम पर रहा, लेकिन उसका मन बेचैन था। शाम को जैसे ही वह घर पहुँचा, उसकी माँ ने, जो सुबह तक बिस्तर पर पड़ी थी, उसे एकदम स्वस्थ और रसोई में चूल्हा जलाते हुए देखा।
युवक हैरान रह गया। उसने पूछा, "माँ, तुम तुम ठीक हो? यह सब कैसे हुआ?"माँ ने खुशी-खुशी बताया, "बेटा, दोपहर में एक साधु आए थे। उन्होंने माथे पर हाथ रखा और कहा, 'अब सब ठीक हो जाएगा।'
और मुझे एक गिलास पानी दिया। उस पानी को पीते ही मुझे ऐसा लगा जैसे सारी बीमारी मेरे शरीर से निकल गई। वे तो चले गए, लेकिन मैं अब पूरी तरह ठीक हूँ।"युवक की आँखों में आँसू आ गए।
उसे समझ में आ गया कि वह साधु और कोई नहीं, बाबा नीम करौली ही थे। उसने महसूस किया कि बाबा ने सचमुच अपना "टाइम" निकाला था और उसकी माँ को ठीक करने के लिए प्रकट हुए थे।🙏