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हिंदी कवि | शायर | लेखक
Original Hindi Poetry | Shayari | Kavita | Motivational Quotes
प्रेम, पीड़ा, जीवन और मन के गहरे भावों को शब्दों में पिरोने का प्रयास।
Hindi Literature | Love & Sad Shayari | Inspirational Thoughts | Creative Writing

वफ़ा की राह में जो कभी पलटे ही नहीं, वो क्या जाने कि पीछे छूट जाने का दर्द क्या होता है। 💔कुछ रिश्ते सिर्फ यादों में जलत...
16/09/2026

वफ़ा की राह में जो कभी पलटे ही नहीं, वो क्या जाने कि पीछे छूट जाने का दर्द क्या होता है। 💔

कुछ रिश्ते सिर्फ यादों में जलते हैं, दिए की तरह...
ताउम्र। 🕯️

ये दो लाइनें उन सभी के लिए जो आज भी किसी का इंतज़ार कर रहे हैं।

आपने कभी ऐसी तन्हाई महसूस की है? नीचे लिखिए।

~ अभिजीत आनंद "काविश"

#अभिजीत_की_लेखनी_से

हिंदी केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं,यह हमारी स्मृतियों, संवेदनाओं और संस्कारों की वह धरोहर है,जिसमें तुलसी की आस्था, कब...
14/09/2026

हिंदी केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं,
यह हमारी स्मृतियों, संवेदनाओं और संस्कारों की वह धरोहर है,
जिसमें तुलसी की आस्था, कबीर का प्रतिरोध,
प्रेमचंद की पीड़ा और दिनकर की ज्वाला आज भी जीवित है।

हिंदी का सम्मान केवल हिंदी बोलने तक सीमित नहीं—
बल्कि हर भाषा, हर बोली और हर संस्कृति के सम्मान में निहित है।

हिंदी दिवस पर अपनी भाषा से प्रेम करें,
और हर भाषा के अस्तित्व का मान रखें। ✍️

~~ अभिजीत आनंद “काविश”

#हिंदीदिवस #हिंदीहमारीपहचान #हिंदी_दिवस

10/09/2026

सृजन कभी मरता नहीं, वह सिर्फ ठहरता है।
इस कविता पर आपके क्या विचार हैं? कॉमेंट में ज़रूर बताएं।

कुछ तस्वीरें पुरानी नहीं होतीं…बस वक़्त उन्हें पीछे छोड़ देता है। 🎞️✨What if I belonged to the 80s?”
09/09/2026

कुछ तस्वीरें पुरानी नहीं होतीं…
बस वक़्त उन्हें पीछे छोड़ देता है। 🎞️✨

What if I belonged to the 80s?”

कुछ वापसियाँ किसी जगह पर नहीं होतीं,कुछ वापसियाँ अपने ही भीतर होती हैं।पिछले छह महीने से मेरी क़लम ख़ामोश थी।लिखने को बह...
08/09/2026

कुछ वापसियाँ किसी जगह पर नहीं होतीं,
कुछ वापसियाँ अपने ही भीतर होती हैं।

पिछले छह महीने से मेरी क़लम ख़ामोश थी।
लिखने को बहुत कुछ था,
कहने को भी बहुत कुछ था—
मगर शब्द जैसे कहीं ठहर गए थे।

आज फिर वही पुरानी स्याही,
वही क़लम और वही अधूरे ख़्वाब सामने हैं।

शायद कुछ सफ़र रुकते नहीं,
बस थोड़ी देर के लिए ठहर जाते हैं।

तो आज…
फिर से क़लम उठाई है। ✍️

कुछ ख़ामोशियों को आवाज़ देने के लिए,
कुछ अधूरे ख़्वाबों को एक हसीं अंदाज़ देने के लिए,
और शायद…
अपने उस हिस्से से फिर मिलने के लिए
जो लिखते हुए ही सबसे ज़्यादा ज़िंदा महसूस करता है।

मेरी वापसी की पहली नज़्म आपके सामने है—
“वापसी…”

अगर मेरे पुराने लफ़्ज़ों से कभी आपका कोई रिश्ता रहा है,
तो आज बस इतना बताइए—
क्या आपको भी कभी किसी पुराने शौक़ ने वापस बुलाया है?

~~ अभिजीत आनंद "काविश"


#अभिजीत_की_लेखनी_से

"बोझिल पलकों पर ठहरी नमी और अंतस की ये उलझनें... जैसे वक्त ठहर गया है, पर बेचैनी थमती नहीं। खुद को पुकारता हूँ, पर जवाब ...
15/03/2026

"बोझिल पलकों पर ठहरी नमी और अंतस की ये उलझनें...
जैसे वक्त ठहर गया है, पर बेचैनी थमती नहीं।

खुद को पुकारता हूँ, पर जवाब नदारद है। 🌫️

#अभिजीत_की_लेखनी_से
#हिंदीpoetry

अब मलाल क्या करें? 😌 हालात ने हमें वक्त से पहले ही संजीदा कर दिया। ज़िंदगी ने बहुत कुछ सिखाया है। 💔  #जीवन_के_अनुभव  #अभ...
12/03/2026

अब मलाल क्या करें? 😌 हालात ने हमें वक्त से पहले ही संजीदा कर दिया। ज़िंदगी ने बहुत कुछ सिखाया है। 💔

#जीवन_के_अनुभव
#अभिजीत_की_लेखनी_से

"History Repeat" हुई फिर से, भारत का वही अंदाज़ है,"History Defeat" कर हमने, दिखा दिया कौन वर्ल्ड का सरताज है!अद्भुत, अव...
08/03/2026

"History Repeat" हुई फिर से, भारत का वही अंदाज़ है,
"History Defeat" कर हमने, दिखा दिया कौन वर्ल्ड का सरताज है!

अद्भुत, अविश्वसनीय, अजेय भारत!

विश्वविजेता भारतीय क्रिकेट टीम का अभिनंदन! 🇮🇳

भीड़ बहुत है, पर अपना कोई नहीं... ज़िंदगी की आज़माइशों से बस अब थोड़ा सुकून चाहिए। ✨               #सुकून  #अभिजीत_की_ले...
07/03/2026

भीड़ बहुत है, पर अपना कोई नहीं... ज़िंदगी की आज़माइशों से बस अब थोड़ा सुकून चाहिए। ✨

#सुकून #अभिजीत_की_लेखनी_से

कुछ रिश्ते आवाज़ नहीं करते,बस धीरे-धीरे भीतर कुछ तोड़ देते हैं…और फिर इंसान मुस्कुराना सीख लेता है,ताकि किसी को उसके टूट...
06/02/2026

कुछ रिश्ते आवाज़ नहीं करते,
बस धीरे-धीरे भीतर कुछ तोड़ देते हैं…
और फिर इंसान मुस्कुराना सीख लेता है,
ताकि किसी को उसके टूटने की ख़बर न हो।

अगर ये अल्फ़ाज़ कहीं आपके मन से टकराएँ,
तो समझिए — आप अकेले नहीं हैं।

#वफ़ा #टूटे_रिश्ते #ख़ामोशी #दर्द #अभिजीत_की_लेखनी_से

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