Serinyty

Serinyty An experiment into musings of the sacred heart of the divine feminine ☯️ ~Anupama S.

मुझे लगता है कि जब एक स्त्री किसी से सच्चा प्रेम करती है, तो वह ईश्वर से भी ज्यादा पूजनीय और वंदनीय हो जाती है, क्योंकि ...
10/10/2025

मुझे लगता है कि जब एक स्त्री किसी से सच्चा प्रेम करती है, तो वह ईश्वर से भी ज्यादा पूजनीय और वंदनीय हो जाती है, क्योंकि वह सच्चे प्रेम में पार्वती हो जाती है, राधा हो जाती है, सीता हो जाती है, और हमारे यहां देवियों का स्थान देवों से भी अधिक ऊंचा होता है। इस दिव्य प्रेम की शक्ति और तेज की ऊर्जा इतनी होती है की अगला व्यक्ति भी ईश्वर की उपाधि प्राप्त कर लेता है। ऐसी ही पतिव्रता पवित्र देवियों की आत्मा और हृदय में बसे हुए अपने प्रियतम के लिए प्रेम को कुछ शब्दों में पिरोती हुई मैं लिखती हूं कि

(शीर्षक: तेरी राधा)

हसरतों की कश्ती में
दो चार पलों की मस्ती में
आने की तेरी आहटें
और चले जाने के सन्नाटों से
मैं गुफ्तगू सी करती हूं
सायों में तेरे पलती हूं
ओढ़ के चुनरी यादों की
मैं बेहिसाब सा सजती हूं

रख लेती हूं खुद को सम्भाल
तो कभी
लापरवाह सी बिखरती हूं
तेरी हस्ती की पाक तरंगों से
मैं बिन बात बेताब मचलती हूं
दुनिया के सब आघातों से
गुमसुम चोटिल सी रहती हूं
सिर्फ तेरे प्रेम की गंगा में
हो तर मैं नई निखरती हूं

तुम देखो गर इन आंखों में
तो सपनों की जानी अनजानी
धुनों सरगमों पर थिरकती हूं
तुझ तक जो आ पूरी हो जाए
उस दिशा सफर में चलती हूं
मैं बस तेरी पूजा करती हूं

मैं तेरी हस्ती को पाकर
सौ गुना कद में बढ़ जाती हूं
तेरी कोमल नजरों की छांवों में
सुगंधित उपवन सा खिल जाती हूं
तेरे बिन बोले ही मैं तेरी प्रियसी कहलाती हूं
सब छोड़ जगत की रीतें तोड़
मीरा- राधा हो जाती हूं

~अनु

#हिन्दीकविता #कविता

"चंदा मामा"मैं अक्सर चांद से बाते करती हूं, एक सुकून है उसकी आभा में, एक अलग प्रकार की शांति है उसकी छांव मेंबचपन में मा...
30/09/2025

"चंदा मामा"

मैं अक्सर चांद से बाते करती हूं, एक सुकून है उसकी आभा में, एक अलग प्रकार की शांति है उसकी छांव में

बचपन में मां चंदा मामा की लोरी सुनाती थी और आज मैं चंदा में कई रिश्ते खोजने की कोशिश करती हूं

मैं सोचती हूं, कि चांद को आखिर मामा की उपमा क्यों दी गई। मेरी दादी कहती थी की, मामा अर्थाथ 'दो मां'। और आज भी जब मैं इस वक्तव्य के बारे में सोचती हूं तो और भी ज्यादा इसकी गहराई से अवगत होती हूं। मां तो डांट भी देती है, पर मामा सिर्फ प्यार देते हैं। मां पर आप हुकुम नहीं चला सकते, पर मामा आपके सब हुकुम अपने सिर आंखों पे रखने को तैयार रहते हैं। किसी भी बिगड़ैल लड़की के पीछे उसके मां बाप, दादा दादी, नाना नानी, चाचा, या मौसी और बुआ से भी ज्यादा, सबसे पहला और अधिक हाथ अगर किसी का होता है तो वो होते हैं उसके मामा! जो मां से भी ज्यादा है प्यारा, वो है 'मामा'।

तो चंदा मामा, आप कभी भी मेरे मामा का मुकाबला तो नहीं कर सकते, पर फिर भी मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं। मुझे बहुत पसंद हो आप। हां मैं अक्सर आपको देखने के, और आपके पास बैठने के बहाने खोजती आई हूं बचपन से। आप तो जानते ही हो, सबके सो जाने के बाद, अगर कोई कभी मेरे साथ पूरी रात जागा है, तो वो हो आप। आपसे मेरा कोई भेद नहीं छुपा। जो हम खुद से भी छुपाते हैं, उन सभी रहस्यों के आप ज्ञाता हो। मैं आपसे इतने सवाल करती हूं, आप कभी परेशान नहीं होते?

आपसे मै इतनी बातें करती हूं, क्या आपका मुझसे कभी मन नहीं भरता? मैने आपसे इतना कुछ सीखा है, मैं कभी कभी खुद को आपकी बेटी समझती हूं। दोस्त तो आप हो ही मेरे, शिक्षक भी हो, और मामा जैसे प्यारे भी हो...पर मैं आपको हमेशा एक पुलिंग के रूप में नहीं देखती, मुझे तो आपमें एक स्त्री भी नजर आती है। मैं उस स्त्री से भी बाते करती हूं। अगर मैं उनसे बात न करती, तो शायद मैं जो हूं आज वो मैं न होती। मेरी अनेकों शक्तियों की दाता, आपके ही साथ बैठी आपकी अदर हॉफ, मेरी मामी लगी न?

खैर ये सब तो मैं आपसे पूछती रहूंगी। आपसे मेरा रिश्ता कोई आज का थोड़ी न है। आप इतने पुराने हो, ऐसा लगता है जैसे मै आपको समय के आरम्भ से ही जानती हूं। तब तो शायद आप आकाश में पहुंचे भी नहीं थे। इतनी पुरानी बातें मै तो भूल भी जाती हूं, पर आपको तो सब याद होगा न? आज सुनाओगे न फिर से वो सब कहानियां? मैं दोबारा आऊंगी आज आपसे मिलने, आप बादलों के पीछे कहीं छुप तो नहीं जाओगे न? मुझे आपसे बाते करनी है ढेर सारी....

~अनु

#हिंदीलेखन

(लगता है जैसे ये कविता कभी समाप्त ही नहीं होगी)शीर्षक: मैं लिखना चाहती हूं मैं लिखना चाहती हूं समय कोभूत वर्तमान भविष्य ...
27/09/2025

(लगता है जैसे ये कविता कभी समाप्त ही नहीं होगी)

शीर्षक: मैं लिखना चाहती हूं

मैं लिखना चाहती हूं
समय को
भूत वर्तमान भविष्य को
सब नई पुरानी बातों को
धुंधली होती यादों को
तुमको- हमको, और हमारी
असीमित कल्पनाओं को
उत्तेजनाओं से भरी आशाओं को
वेदनाओं से भरी चेतनाओं को
तो कभी,
रिवायतों को शिकायतों को
दिल में कैद हुए जज्बातों को

मैं लिखना चाहती हूं
चेहरों को
तुम्हारी मुस्कुराहट की लकीरों को
आंखों में सिमटे सब सपनो को
हंसी में बदले सब आंसुओं को
होठों पर ठहरी हुई सब बातों को
सांसों के साथ चलती चाहतों को

मैं लिखना चाहती हूं,
जीवन को,
हकीकतों को, सपनो को
रात्रि में करवटों को
आह भरे सन्नाटो को
चंद्रमा के नखरों को
गुंजित भंवरों को
समुद्र की लहरों को
आसमान के तारो को
ढलते सूरज की लाली को
चाशनी की प्याली को
फूलों के प्यार को
जीत को हार को
हवाओं को, फिजाओं को
हाथ की रेखाओं को
अफसोस के अफसानों को
खोने को पाने को
तानो और बहानों को
दिलकश नजरानो को
सफर में गीतों को
समाज की रीतों को

मैं लिखना चाहती हूं
प्यार को
क्रोध को अहंकार को
बलिदान को एहसान को
नफरतों की आग को
चुप्पियों की ढाल को
दिल दिमाग के हाल को
एहसासों को, हालातों को
खूबसूरत मुलाकातों को

मैं लिखना चाहती हूं
ईश्वर को
श्रद्धा और समर्पण को
काम काज व पूजा को
मन में बैठे दर्पण को
पावन गंगा जल को
परीक्षाओं के हल को
आलौकिक आत्म बल को
पाप को, संताप को
सेवा, सुमिरन, जाप को
साधना के ताप को
घोर कलयुग के छाप को
आशीर्वाद और श्राप को
पाषाण की मूरतो को
आत्मा की जरूरतों को

मैं लिखना चाहती हूं
अंधकार को
सत्य की पुकार को
दानवों के वार को
विषम ग्रहों की चाल को
बिगड़ते सबके हाल को
चट्टानों की मिसाल को
अवसाद से बोझिल पन्नो पर
हंसते अक्षरों के खयाल को

और अंत में
मैं लिखना चाहती हूं
स्वयं को...
मैं लिखना चाहती हूं...
बहुत कुछ...

~अनु

#हिन्दीकविता #कविता

 प्रेम और प्यार में अंतर क्या है?प्यार लौकिक है, और प्रेम आलौकिक।प्यार एक भावना मात्र है, और प्रेम है कण कण में व्याप्त ...
26/09/2025



प्रेम और प्यार में अंतर क्या है?

प्यार लौकिक है, और प्रेम आलौकिक।
प्यार एक भावना मात्र है, और प्रेम है कण कण में व्याप्त शिव।

प्रेम में कोई लेन देन या पैमाने नहीं है, जबकि प्यार में तो ये सब चलता रहता है। "मैने तुझे प्यार किया, तो तू भी कर। मैने तुझे प्यार किया, तो अब तू ये कर, अब तू वो कर। मैने तुझे प्यार किया, तो अब ये और अब वो"

प्यार की एक्सपायरी डेट हो सकती है, पर प्रेम अनंत होता है

प्रेम मूल तत्व है, सारांश है, जीवन और जीवन से परे जो भी स्थित या अनुपस्थित है उसका आधार, और प्यार तो जैसे बस क्षणिक भर का कोई आभास

आज किसी के सुंदर से चेहरे को देख कर आपको बहुत प्यार आ सकता है, और कल उसी इंसान के किसी गलत व्यवहार पर गुस्सा भी आ जाएगा, और नफरत भी हो सकती है। लेकिन प्रेम है, उस व्यक्ति के झुर्रिदार चेहरे में भी सुंदरता देख पाना, गलत व्यवहार पर भी बड़प्पन का भाव रख उसे माफ कर पाना, प्यार से सही गलत समझा पाना

प्यार तो किसी से भी हो जाता है। उसके लिए कोई वस्तु या व्यक्ति विशेष होने की आवश्यकता नहीं। अगर आपका व्यक्तित्व प्यारा है, तो उच्च संभावना है कि आपके हृदय में भी सबके लिए प्यार का भाव होगा। पर उसी प्यार के भाव को निरंतर बनाए रखना, और उसकी मात्रा में वृद्धि करते रहना, वह प्रेम से आता है। प्रेम आपको हर मुश्किल का सामना करने का साहस देगा। अंधेरों में भी छोटा सा दीपक बनकर आपको रोशनी देता रहेगा। प्रेम में बारे में जितना कहू, उतना ही कम है।

प्रेम के ऊपर चर्चा करना, यानी उस परम पिता परमेश्वर की बात करना। जिसका न कोई ओर है, न छोर है। प्रेम की बात करना, अर्थात प्रेम में डूबे रहना। प्रेम में डूबे रहना, अर्थात एक जोगी हो जाना। फिर तो आप मलंग हैं। यहां आकर सब बंधन खत्म हो जाते हैं, और सब सीमाएं पार हो जाती है। इस अवस्था में, सिर्फ एक चेतना मात्र, आप बस भक्ति में प्रभु के लीन होते हैं। और इस अवस्था को प्राप्त करना बहुत सरल है 😊 बस आपको सरल बनना पड़ेगा, और वो होगा प्रेम से 💚

~अनु



#आध्यात्मिकज्ञान

14/07/2025

The deeper you are, the harder it becomes for you to find someone who wants to have a relationship with you.

You can go out on a lot of dates but at some point the relationship fails to progress any further and that is mainly because of the intensity of your depth. Not every man/woman is strong enough to handle a deep woman. Here’s why:

1. A deep woman asks deep questions. A deep woman will probe further into your life and ask questions that you may not be prepared to answer. Even on the first date, she will dig deeper and ask personal and philosophical questions – she will never enjoy a shallow conversation.

2. She is honest. Too honest – often blunt. A deep woman takes her integrity seriously and one thing she believes in is honesty. If you ask her anything, she will tell you the truth and she expects the same from you.

3. A deep woman knows what she wants. Or who she wants. A deep woman knows right away if she likes you and doesn’t need to date around or explore her other options to be sure of her feelings. Her heart only beats for a special few people and she knows them right away.

4. She wants a deep relationship. She wants long conversations about your life, she wants to hear stories about your past, she wants to understand your pain and she wants to add value to your life. She wants a real relationship that goes beyond going out and having fun.

5. A deep woman is not afraid of intimacy. She is not afraid of getting closer or risking getting hurt in the process. She doesn’t think it will entrap her freedom or make her vulnerable. Her depth and intimacy go hand in hand and she will always cherish the beauty of intimacy in relationships.

6. A deep woman sees through you. She can see who you really are and what makes you vulnerable. She is not the one to hold back from pointing out what she sees in you or how well she can read you. Even though it makes you uncomfortable, she wants you to know that she understands you and that you can be yourself around her.

7.This kind of woman craves consistency. She gets turned off by inconsistency or flaky behavior. She desires a strong connection and a solid bond and she knows that consistency is the foundation of that bond. A deep woman will not participate in the dating games.

8. A deep woman is intense. She may be slightly intimidating because she brings intensity to everything she does. Her emotions are intense and so are her thoughts. She will never be indifferent about things that matter to her – not everyone is strong enough to handle her intensity.

9. This kind of woman only knows how to love deeply. If you can’t love her deeply, she will walk away. She doesn’t know how to casually date someone she’s really into or be friends with someone she has feelings for. A deep woman knows when someone can’t meet her halfway and she will slowly detach herself from anyone who is not willing to give her the deep love she is looking for.

10. A deep woman won’t wait for you. She will not wait for you to make up your mind or watch you be hesitant about her. She is strong and passionate and will not waste her emotions on someone who doesn’t appreciate their depth. Even though she is looking for a special kind of love, a deep woman is not afraid of being on her own.

~Rania Naim.
Art: Whispers of Aurora

Sacred Divine Feminine

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