Extra activities by Ythindia.com

Extra activities by Ythindia.com YTH India - India's Best Government Exam Preparation Channel. Prepare for ALL Exams

31/05/2025

"जब टाइटैनिक डूब रहा था, एक आदमी शांति से तैर रहा था..."

1912 की उस काली, बर्फ़ीली रात में जब टाइटैनिक उत्तरी अटलांटिक में अपनी आख़िरी सांसें ले रहा था — हर ओर चीख़-पुकार मची थी। डर, अराजकता और मौत की परछाइयाँ जहाज़ पर पसरी थीं।

लेकिन तभी, उस भगदड़ और खौफ के बीच, जहाज़ के निचले हिस्से से एक चेहरा उभरा —
चार्ल्स जोगिन, हेड बेकर।

न कोई कप्तान की टोपी, न आदेश देने वाली सीटी।
उसके पास बस था — एक शांत दिल और दूसरों की फ़िक्र करने की आदत।

जब लोग जान बचाने के लिए जीवनरक्षक नौकाओं की तरफ़ दौड़ रहे थे,
वो... रोटियाँ बाँट रहा था।
हाँ, असली रोटियाँ — कांपती औरतों और बच्चों के हाथों में।

उसने किसी को धक्का नहीं दिया, किसी पर चिल्लाया नहीं।
बस, मदद करता रहा — चुपचाप, बिना शोर किए।
एक-एक नाव भरवाता रहा, और जब आख़िरी लाइफबोट रवाना हुई,
तो उसने उसमें कूदने की कोशिश भी नहीं की।

वो वहीं रह गया।
डूबते टाइटैनिक पर।

फिर अपने केबिन में गया,
एक पैग व्हिस्की लिया… और इंतज़ार करने लगा।

रात 2:20 बजे, लोहे का वो महाकाय जहाज़ समुद्र में समा गया।
चार्ल्स अब अकेला था — बर्फ जैसे ठंडे, काले पानी में।

लेकिन कमाल ये नहीं कि वो बचा।
कमाल ये है कि वो दो घंटे तक तैरता रहा —
जहाँ दूसरे मिनटों में जम गए थे।

बाद में, उससे पूछा गया:
"डर लगा?"
वो मुस्कराया —
"कुछ याद नहीं… सब जैसे धुंध में था।"

और ये व्हिस्की का असर नहीं था।
वो तो उल्टा मौत को और तेज़ बनाती है।

जो उसे बचाए रखे —
वो थे उसकी शांति, उसकी सहनशक्ति, और वो आदत
जो उसने एक उम्र में कमाई थी —
दूसरों की फ़िक्र करने की।

उसने न कोई भाषण दिया,
न कोई तामझाम किया।
बस… अपना काम करता रहा।

क्योंकि,
असली हीरो अक्सर चिल्लाते नहीं हैं…
कभी-कभी वो बस चुपचाप लोगों को मदद करते हैं।

लेखक : डॉ अभिषेक अजय सिंह sir

13/05/2025

निबंध
समकालीन विश्व में भारत की महत्ता

आर्थिक शक्ति के रूप में उदय

भारत विश्व की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।

स्टार्टअप, आईटी, और फार्मा क्षेत्र में भारत की वैश्विक पहचान बढ़ी है।

राजनयिक नेतृत्व

भारत G20 की अध्यक्षता कर चुका है, जिसमें "वसुधैव कुटुंबकम्" का संदेश दिया गया।

वैश्विक मंचों पर विकासशील देशों की आवाज़ बनकर उभरा है।

अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में भूमिका

संयुक्त राष्ट्र, BRICS, QUAD, SCO जैसे मंचों पर सक्रिय योगदान।

जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद व वैश्विक व्यापार जैसे विषयों पर प्रभावी उपस्थिति।

रक्षा व सामरिक शक्ति

विश्व की चौथी सबसे बड़ी सैन्य शक्ति।

रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता (Atmanirbhar Bharat) की ओर बढ़ता कदम।

सांस्कृतिक व सॉफ्ट पावर

योग, आयुर्वेद, बॉलीवुड व भारतीय खानपान की वैश्विक लोकप्रियता।

प्रवासी भारतीयों की भूमिका से भारत की सकारात्मक छवि मजबूत हुई है।

डिजिटल नेतृत्व

डिजिटल इंडिया, UPI, आधार जैसी योजनाओं की वैश्विक सराहना।

अफ्रीका व दक्षिण एशिया के कई देशों को डिजिटल मॉडल प्रदान किया।

वैज्ञानिक प्रगति

इसरो की सफलताएँ: चंद्रयान-3, गगनयान मिशन।

वैक्सीन मैत्री कार्यक्रम के माध्यम से कोविड-19 में वैश्विक नेतृत्व।

भविष्य की चुनौतियाँ व अवसर

जलवायु परिवर्तन, जनसंख्या प्रबंधन व शिक्षा-स्वास्थ्य में सुधार की आवश्यकता।

आत्मनिर्भर भारत व 'मेक इन इंडिया' से वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने की क्षमता।

12/05/2025

सोशल मीडिया और युद्ध पर विचार

शर्म की बात है कि सोशल मीडिया पर अधिकांश लोग युद्ध को मनोरंजन की तरह देख रहे हैं।

लोग युद्ध को एन्जॉय कर रहे थे जैसे कोई फिल्म चल रही हो – जब खत्म हुआ तो पूछने लगे "इतनी जल्दी क्यों खत्म कर दी?"

ऐसा रवैया दो ही स्थितियों में आता है:

जब कोई दूसरा बर्बाद हो रहा हो।

जब अपना कोई नहीं मर रहा हो।

देश भी बर्बाद हो सकता है लेकिन लोग युद्ध के मज़े के लिए देश को झोंकने को तैयार हैं, जिससे भारत 10–15 साल पीछे चला जाए।

क्या आप जानते हैं? युद्ध के दौरान सबसे ज्यादा Google पर सर्च किया गया - भारतीय शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था की स्थिति।

मतलब ये था कि दुश्मन हमारी आर्थिक स्थिति पर निगाह रखे था, ताकि फायदेमंद समय पर हमला हो।

युद्ध की कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई थी, यह सिर्फ एक ऑपरेशन था। लेकिन कुछ लोग इसे युद्ध बताकर सोशल मीडिया पर सनसनी फैला रहे थे।

विपक्षी राजनीति भी इसमें शामिल है – वे अगला चुनावी मुद्दा बनाने के लिए सरकार को युद्ध में उलझाना चाहते हैं।

युद्ध का असर सिर्फ सीमाओं पर नहीं होता, यह विदेशी निवेश, आर्थिक गतिविधियों, और सामान्य जीवन पर भी असर डालता है।

विदेशी शक्तियां भी इस रणनीति का हिस्सा हैं – तुर्की जैसे देश भूकंप में मदद लेते हैं, लेकिन हथियार बेचते हैं।

चीन आतंकवाद के खिलाफ बोलता है, लेकिन आतंकियों को हथियार वही देता है।

सोशल मीडिया पर लोग रील्स, कविताएं, और पोस्ट बना रहे थे, जबकि सैनिकों की सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां लीक की जा रही थीं।

सरकार ने आग्रह किया था कि सैनिकों की जानकारी ना शेयर करें, लेकिन लोग नहीं माने क्योंकि वो सैनिक उनके ‘घर के नहीं’ थे।

एक पोस्ट, एक रील के लिए देश की सुरक्षा दांव पर लगाई जा रही है – ये कैसा देशप्रेम है?

सोशल मीडिया यूज़र्स अपने पेज से देशद्रोहियों को हटाना नहीं जानते, लेकिन सैनिकों से उम्मीद रखते हैं कि वो जान दे दें।

कई लोग नियमों को ताक पर रखकर मिसाइल लॉन्च की वीडियो डाल रहे हैं – यह सुरक्षा के लिए बहुत खतरनाक है।

महाभारत के "युद्ध करो" वाक्य का मतलब युद्ध लड़ो नहीं बल्कि युद्ध को समझो है – हमें चाणक्य नीति भी अपनानी चाहिए।

सरकार को दब्बू या कठपुतली कहना हास्यास्पद है – पाकिस्तान खुद अंतरराष्ट्रीय मंच पर गुहार लगाता रहा है।

यह कोई फिल्म नहीं कि आपको अभी और देखनी है। अगर आपके घर में झगड़ा हो रहा हो तो क्या आप बीच-बचाव करेंगे या मज़ा लेंगे?

युद्ध में जीतना भी रणनीति मांगता है, जैसे लूडो में गोटी काटने से पहले मौका देखना पड़ता है।

लोग पाकिस्तानी एक्ट्रेसेज़ और सेलिब्रिटीज के अकाउंट बंद होने पर दुखी हैं – यह बहुत शर्मनाक स्थिति है।

हमारे सेलिब्रिटीज विदेशों में जा रहे हैं, तुर्किए और अज़रबैजान जैसे देशों में पैसा कमाने के लिए तैयार रहते हैं।

क्रिकेट देखना देशभक्ति नहीं है, विराट कोहली की फैमिली लंदन में है – और सोशल मीडिया पर लोग युद्ध के लिए चिल्ला रहे हैं।

देशप्रेम का मतलब यह नहीं कि खून बहाना ही पड़े, देश के लिए खून उबालना भी काफ़ी है।

सरकार को अब यह स्पष्ट हो गया है कि कौन लोग देश के साथ हैं और कौन नहीं – इसलिए X (ट्विटर) पर 4000 देशविरोधी अकाउंट ब्लॉक किए गए हैं।

अब नई रणनीति की जरूरत है – जिससे नुकसान सिर्फ दुश्मन का हो।

युद्ध जरूरी है, लेकिन हथियार जरूरी नहीं – साम, दाम, दंड, भेद का इस्तेमाल होना चाहिए।

दंड तीसरे स्थान पर है, सबसे आखिर में भेद है – यानी युद्ध के पहले तीन और उपाय हैं।

अब भी सरकार यही कह रही है – "अगर वहां से गोली आएगी, तो यहां से गोला जाएगा!"

निष्कर्ष:
सोशल मीडिया पर बैठे लोगों को समझना होगा कि युद्ध कोई खेल या फिल्म नहीं है।

देश को मज़ाक नहीं बनाना है, समझदारी और रणनीति से काम लेना है।

राष्ट्रभक्ति का मतलब सिर्फ चिल्लाना नहीं बल्कि सही समय पर सही निर्णय लेना है।

एक मानवविज्ञानी (Anthropologist) ने एक अफ्रीकी जनजाति के बच्चों को एक खेल खेलने के लिए कहा।उसने एक पेड़ के पास फलों की ए...
10/05/2025

एक मानवविज्ञानी (Anthropologist) ने एक अफ्रीकी जनजाति के बच्चों को एक खेल खेलने के लिए कहा।

उसने एक पेड़ के पास फलों की एक टोकरी रखी और बच्चों से कहा कि जो पहले वहाँ पहुँचेगा, वह मीठे फल जीत जाएगा।

जब उसने उन्हें दौड़ने के लिए कहा, तो सभी बच्चों ने एक-दूसरे का हाथ थाम लिया और एक साथ दौड़ पड़े, फिर साथ बैठकर उन फलों का आनंद लेने लगे।

जब उसने पूछा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया, जबकि कोई एक बच्चा अकेले दौड़कर सारे फल जीत सकता था, तो बच्चों ने कहा:
"उबुन्टू (Ubuntu) — हममें से कोई एक कैसे खुश हो सकता है, जब बाकी सब दुखी हों?"

उनकी सभ्यता में "उबुन्टू" का अर्थ है: "मैं हूँ क्योंकि हम हैं।"

वह जनजाति उस खुशहाली का रहस्य जानती है जो उन समाजों से खो चुका है, जो स्वयं को 'सभ्य' मानते हैं!

साभार सोशल मीडिया

03/05/2025

Common Words with Silent Letters You Might Mispronounce 🤫🔡

1️⃣ Debt (Silent B) → Det
2️⃣ Doubt ❓ (Silent B) → Dout
3️⃣ Knee 🦵 (Silent K) → Nee
4️⃣ Knock 🚪 (Silent K) → Nock
5️⃣ Psychology 🧠 (Silent P) → Sychology
6️⃣ Hour ⏰ (Silent H) → Our
7️⃣ Island 🏝️ (Silent S) → I-land
8️⃣ Receipt 🧾 (Silent P) → Receet
9️⃣ Gnome 🪴 (Silent G) → Nome
🔟 Ballet 🩰 (Silent T) → Bal-lay

Double TAP ❤️ if this helped your pronunciation!

02/05/2025

ॐ कालाभ्राभां कटाक्षैररिकुलभयदां मौलिबद्धेन्दुरेखां
शङ्ख चक्रं कृपाणं त्रिशिखमपि करैरुद्वहन्तीं त्रिनेत्राम्।
सिंहस्कन्धाधिरूढां त्रिभुवनमखिलं तेजसा पूरयन्तीं
ध्यायेद् दुर्गा जयाख्यां त्रिदशपरिवृतां सेवितां सिद्धिकामैः ॥
🙏🙏🙏

धर्म पूछकर निरपराध पर्यटकों को गोली मारने वाले मज़हबी दरिंदों, ये तस्वीर हम भारतीय न हम भूलेंगे, न तुम्हें माफ़ करेंगे, ...
22/04/2025

धर्म पूछकर निरपराध पर्यटकों को गोली मारने वाले मज़हबी दरिंदों, ये तस्वीर हम भारतीय न हम भूलेंगे, न तुम्हें माफ़ करेंगे, न छोड़ेंगे 😡 तुम्हारी ना-पाक कब्रों तक तुम्हें ढूँढकर इस वहशीपन की वो सज़ा देगें जिसे तुम्हारे देसी और परदेसी ख़ैरख्वाह और आका याद रखेंगें । आक् थू तुम्हारी नामर्दी पर 😡

Celebrating my 4th year on Facebook. Thank you for your continuing support. I could never have made it without you. 🙏🤗🎉
20/03/2025

Celebrating my 4th year on Facebook. Thank you for your continuing support. I could never have made it without you. 🙏🤗🎉

02/02/2025

Address

H 180 Noida Sector 41
Noida
201303

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Extra activities by Ythindia.com posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Establishment

Send a message to Extra activities by Ythindia.com:

Share