Dr. Prakash Jha :
SRF&JRF http://indiaculture.nic.in Ph.D.&NET. Associate with http://www.nsd.gov.in Director of http://www.mailorang.com
डॉ. प्रकाश :
सुपरिचित रंगकर्मी एवं शोधार्थी । मैथिली रंगकर्म को वैश्विक स्तर पर स्थापित लाने का श्रेय ।
राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय संगोष्ठियों में आलेख पाठ हेतु नियमित आमंत्रण ।
पी.एच. – डी. (NET) ।
जूनियर रिसर्च फेलोशिप (2004); संस्कृति मंत्रालय, भार
त सरकार ।
सीनियर रिसर्च फ़ेलोशिप (2016); संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार । .
प्रकाशन :
- महेन्द्र मलंगियाक सात नाटक (सम्पादित) ।
- महेन्द्र मलंगिया : व्यक्तित्व आ कृतित्व (सम्पादित) ।
- रज़िया सुल्तान; मैथिलीमे (अनूदित; प्रकाशन विभाग, भारत सरकार) ।
- ज्योतिरीश्वर कृत् धूर्त्तसमागम : प्रस्तुति, प्रक्रिया एवं परिणति (सम्पादित) ।
- सुरुजक वारिस (हिन्दी से मैथिली अनुवाद) शीघ्र प्रकाश्य ।
- जज के अर्दली रही हम (पंजाबी से मैथिली अनुवाद) शीघ्र प्रकाश्य ।
- हिन्दी एवं मैथिली के महत्वपूर्ण पत्रिकाओं में नियमित शोधालेख प्रकाशित ।
रंगमंचीय अनुभव :
- 40 से भी अधिक नाटकों का निर्देशन जिसमें ज्योतिरीश्वर (1240 ई.) ‘धूर्त्तसमागम’, विद्यापति (1360 ई.) ‘मणिमञ्जरि’ एवं
पं. जीवन झा(1905 ई.)‘सुन्दर संयोग’ शामिल साथ ही 50 से भी अधिक नाटकों में अभिनय ।
- 19 वाँ भारत रंग महोत्सव (2017) में निर्देशित मैथिली नाटक ‘आब मानि जाउ’ चयनित एवं मंचित ।
- 20 वाँ भारत रंग महोत्सव (2019) में निर्देशित मैथिली नाटक ‘धूर्त्तसमागम’ चयनित एवं मंचित ।
सम्मान :
- बिहार सम्मान (2015); कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग, दिल्ली सरकार ।
- अरुण सिंहा स्मृति सम्मान (2015); पा.ना.म.; प्रांगण, पटना, बिहार
- मिथिला विभूति सम्मान (2014); अ.भा.मि. संघ दिल्ली ।
- युवा रंगनिर्देशक (2013); साहित्य कला परिषद, दिल्ली सरकार ।
- स्वर्ण पदक (अभिनय;1996); ल.ना.मि. विश्वविद्यालय, दरभंगा, बिहार ।