27/01/2018
कासगंज दंगों पर Nirbhay Yadav भाई की ये ज़मीनी सच्चाई बतलाती पोस्ट पढ़ें।
कल 26 जनवरी को अचानक एक खबर चली कि कासगंज जल रहा है क्योंकि दो समुदायों के बीच साम्प्रदयिक झड़प हो गयी है। फिर धीरे धीरे हमेशा की तरह narrative बदला गया कि, उपद्रवी भीड़ ने शांतिप्रिय समुदाय के आराधना स्थलों को आग के हवाले कर दिया और अंततोगत्वा उनको ही पीड़ित बता कर हम पर असहिष्णुता का ठप्पा लगा दिया जायेगा। पर कासगंज की एक एक घटना का साक्षी स्वयं मैं हूं। यहां पर पीड़ित शांतिप्रिय समुदाय नहीं बल्कि हम हैं।
कासगंज शहर के बिलराम गेट इलाके में मां चामुंडा पीठ है जहां चार दिन पहले जिला प्रशासन मुख्य प्रवेश द्वार पर गेट लगाने जा रहा था। शांतिप्रिय समुदाय के लोगों को पता चला तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में एकत्रित होकर ऐलान किया कि किसी भी हालत में गेट नहीं लगाने दिया जाएगा और सड़क जाम कर दी और धरना-प्रदर्शन किया। विरोध होता देख प्रशासन ने भी मंदिर पर गेट लगाने का विचार त्याग दिया। इस घटना को पुलिस-प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया परन्तु शांतिप्रिय समुदाय तो किसी बड़ी घटना को अंजाम देने का मन बना चुका था।
26 जनवरी को ABVP के कार्यकर्ता बाइक पर तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे। वे बिलराम गेट के तहसील रोड से से गुजर रहे थे जहां पर शांतिप्रिय समुदाय के लोगों ने उनका रास्ता रोक दिया और वंदेमातरम के नारे न लगाने की धमकी दी, देखते ही देखते उपद्रव हो गया और रैली में शामिल युवकों पथराव, एसिड से भरी बोतलों से हमला शुरू हो गया। प्रतिरोध करने पर शांतिप्रिय समुदाय के लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी जिसमें कि चंदन की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गयी और बीसियों लोग बेहद गंभीर रूप से घायल हो गए। दो लोगों की उपचार के दौरान मृत्यु हुई है और कई लोग जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। अभी 7-8 युवक लापता हैं, जिनका कोई सुराग नहीं है। उसके बाद से शांति के पुजारियों ने पूरे कासगंज शहर को आग के हवाले कर दिया। पूरा शहर कर्फ्यू की जद में, जहां जिसे मौका लगता है वहां फायरिंग, आगजनी शुरू हो जाती है।
पूरे घटनाक्रम हमारे बच्चों की जान गई, कुछ लड़ रहे हैं जीने के लिए और मीडिया में narrative क्या बनाया जा रहा है कि शांतिप्रिय समुदाय पीड़ित है, उनके पूजास्थलों को जलाया गया। अरे साहब आप हमारे देश में, हमारे शहर में हमें हमारे ही मंदिर पर गेट नहीं चढ़ाने देते, आप हमें हमारे गणतंत्र दिवस पर प्रभात फेरी में वंदे मातरम के नारे नहीं लगाने देते, आप हमारे बच्चों की जान ले लेते हैं और फिर भी आप ही पीड़ित हुए.... गजब हाल है....!
मैं मुझसे सहमति रखने वाले आप सब लोगों से करबद्ध निवेदन करता हूँ कि इस पोस्ट को कॉपी करके अपने वाल पर पोस्ट करें ताकि मीडिया की गलत रिपोर्टिंग से लोग दिग्भ्रमित न हों।
और छोड़िये कासगंज को, कल कोई और था, आज हम हैं तो परसों निश्चित तौर पर आप होंगे...!