Tune Jo Ňa kÃha

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26/03/2020
हम तुम हैं सफ़र में मगर हमारी मंजिल कहाँ है,मैं भी यहीं हूँ तुम भी यहीं हो, मगर हम कहाँ हैं।जो रास्ता ना ले के जाए हमें ...
24/02/2017

हम तुम हैं सफ़र में मगर हमारी मंजिल कहाँ है,
मैं भी यहीं हूँ तुम भी यहीं हो, मगर हम कहाँ हैं।
जो रास्ता ना ले के जाए हमें किसी मुकाम तक,
चलते ही रहें ना कभी पहुंचे अगर अंजाम तक,
तो फिर मिलना बतलाना मुस्कुराना सब बेवजह है।
हम तुम हैं सफ़र में मगर हमारी मंजिल कहाँ है।
हम तुम मिलें हैं जब भी कोई बात ना हो पाई ,
अकसर संग रहती है तेरी याद मेरी तनहाई,
तु अगर है मेरी तो फिर मुझमें कहाँ है,
हम तुम हैं सफ़र में मगर हमारी मंजिल कहाँ है।
सोचा के भूला दूँ तुम्हें मगर ना हो पाया ,
कैसे कह दूँ के तु नही है अपना है पराया ,
तेरे कदमों के दिल में निशाँ हैं,
हम तुम हैं सफ़र में मगर हमारी मंजिल कहाँ है।
हम तुम हैं सफ़र में मगर हमारी मंजिल कहाँ है,
मैं भी यहीं हूँ तुम भी यहीं हो, मगर हम कहाँ हैं।

Anjan ho gaye the wo humse,Na jane unki kya majbooriyan thi.The mere dil mein kai sawal,Per hothon pe Khamoshiyan thi.Hu...
22/01/2017

Anjan ho gaye the wo humse,
Na jane unki kya majbooriyan thi.
The mere dil mein kai sawal,
Per hothon pe Khamoshiyan thi.
Humne to na chaha door unse jaana,
To kya ye uski manjooriya thi.
Wo khete the mohabbat hai tumse had se jada,
To fir kyo hum dono ke darmiya dooriya thi…

अगर रख सको तो एक निशानी हूँ मैं,खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं ,रोक पाए न जिसको ये सारी दुनिया,वोह एक बूँद आँख का पानी ...
03/12/2016

अगर रख सको तो एक निशानी हूँ मैं,
खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं ,
रोक पाए न जिसको ये सारी दुनिया,
वोह एक बूँद आँख का पानी हूँ मैं.....
सबको प्यार देने की आदत है हमें,
अपनी अलग पहचान बनाने की आदत है हमे,
कितना भी गहरा जख्म दे कोई,
उतना ही ज्यादा मुस्कराने की आदत है हमें...
इस अजनबी दुनिया में अकेला ख्वाब हूँ मैं,
सवालो से खफा छोटा सा जवाब हूँ मैं,
जो समझ न सके मुझे, उनके लिए "कौन"
जो समझ गए उनके लिए खुली किताब हूँ मैं,
आँख से देखोगे तो खुश पाओगे,
दिल से पूछोगे तो दर्द का सैलाब हूँ मैं,,,,,
"अगर रख सको तो निशानी, खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मै..

03/12/2016

जो मिला मुसाफ़िर वो रास्ते बदल डाले
दो क़दम पे थी मंज़िल फ़ासले बदल डाले
आसमाँ को छूने की कूवतें जो रखता था
आज है वो बिखरा सा हौंसले बदल डाले
शान से मैं चलता था कोई शाह कि तरह
आ गया हूँ दर दर पे क़ाफ़िले बदल डाले
फूल बनके वो हमको दे गया चुभन इतनी
काँटों से है दोस्ती अब आसरे बदल डाले
इश्क़ ही ख़ुदा है सुन के थी आरज़ू आई
ख़ूब तुम ख़ुदा निकले वाक़िये बदल डाले ।

खुद से भी मिल न सको, इतने पास मत होनाइश्क़ तो करना, मगर देवदास मत होनादेखना, चाहना, फिर माँगना, या खो देनाये सारे खेल है...
02/07/2016

खुद से भी मिल न सको, इतने पास मत होना
इश्क़ तो करना, मगर देवदास मत होना

देखना, चाहना, फिर माँगना, या खो देना
ये सारे खेल हैं, इनमें उदास मत होना

जो भी तुम चाहो, फ़क़त चाहने से मिल जाए
ख़ास तो होना, पर इतने भी ख़ास मत होना

किसी से मिल के नमक आदतों में घुल जाए
वस्ल को दौड़ती दरिया की प्यास मत होना

मेरा वजूद फिर एक बार बिखर जाएगा
ज़रा सुकून से हूँ, आस-पास मत होना

ज़िन्दगी एक सितम मेरे नाम करमुझे नाम दे या बदनाम करयु ना मेरी सूरत को गुमनाम करइसे पहचान दे या कुरबान करआसमाँ को ताकू इस...
27/06/2016

ज़िन्दगी एक सितम मेरे नाम कर
मुझे नाम दे या बदनाम कर

यु ना मेरी सूरत को गुमनाम कर
इसे पहचान दे या कुरबान कर

आसमाँ को ताकू इस आरज़ू से मैं
कि कोई तो नज़राना मेरे भी नाम कर

लायकी नहीं तो आशिक़ी में बखान कर
नायको में नहीं तो खलनायकों में शुमार कर

बस एक किस्सा मेरे भी नाम कर
कि देखे मुझे लोग सांसो को थामकर

“ठाकुर” मेरी छलांग में इतना फौलाद भर
की एक पैर हो जमी पे और दूजा हो चाँद पर I

कुछ रात की आँखें भीगी थी,और चाँद भी रूठा रूठा था,कुछ यादें उसकी बाकी थी,ओर दिल भी टूटा टूटा था,किस मोड़ पे बिछड़े याद नह...
21/06/2016

कुछ रात की आँखें भीगी थी,
और चाँद भी रूठा रूठा था,
कुछ यादें उसकी बाकी थी,
ओर दिल भी टूटा टूटा था,
किस मोड़ पे बिछड़े याद नही,
होंठो पे कोई फ़रियाद नही,
उस वादे की भी खबर नही,
वो सच्चा था या झूठा था,
हर लम्हा आहें भरते है,
बस एक ही दुआ करते है,
आए काश वो वापिस आजाए.
आए काश वो वापिस आजाए.

21/06/2016

ख्वाबों में तेरा दीदार करूं, मैं टूट कर तुझसे प्यार करूं
पर तू भी मुझसे प्यार करे……. ये जरूरी तो नहीं
माना तेरे हजारों दीवाने हैं जमाने में
पर मेरी तरह भी कोई तुझे चाहे……. ये जरूरी तो नहीं
हर मोड़ पर मिलेगा…. कोई न कोई, जिंदगी की राह में
पर कोई मेरे जैसा मिले….. ये जरूरी तो नहीं
माना तुझे आता है, चेहरे पर चेहरा लगाना
पर मैं भी तेरी तरह बन जाउँ….. ये जरूरी तो नहीं

इतनी शिद्दत से तो बरसात भी कम कम बरसे....जिस तरह आँख तेरी याद में छम छम बरसे.....मिन्नतें कौन करे एक घरौंधे के लिए.........
10/06/2016

इतनी शिद्दत से तो बरसात भी कम कम बरसे....
जिस तरह आँख तेरी याद में छम छम बरसे.....
मिन्नतें कौन करे एक घरौंधे के लिए......
कह दो बादल से बरसता है तो जम जम बरसे...

12/05/2016

में इस उम्मीद से डूबा की तू बचा लेगा
अब इस के बाद मेरा इम्तिहान क्या
लेगा !!
में इस उम्मीद से डूबा की तू बचा लेगा
मैं बुझ गया तो हमेशा के लिए बुझ ही
जाउगा
कोई चिराग नहीं हूँ जो फिर जला लेगा
अब इस के बाद मेरा इम्तिहान क्या
लेगा !!
मैं इस उम्मीद से डूबा की तू बचा लेगा
अब इस के बाद मेरा इम्तिहान क्या
लेगा !!
मैं उसका हो नहीं सकता बता देना उसे
लकीरें हाथ की अपनी वो सब जला लेगा
अब इस के बाद मेरा इम्तिहान क्या लेगा
मैं इस उम्मीद से डूबा की तू बचा लेगा !!

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