Dukh se Sukh ki Aor

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24/05/2022

ध्यान कहाँ है तुम्हारा? क्या आपसे भी ये किसी ने कहा है?

Heartfulness








05/06/2020

आज पर्यावरण दिवश है, तो पेड़ लगाने के बजाय स्टेटस लगाना और विश करना न भूलें😂

मैंने फॉरमैलिटी पूरी कर दी है आप भी शेयर करके फॉरमैलिटी पूरी कर सकते हैं😅😆

10/05/2020

बचपन में जो थोड़ा सा हमारे रोने पर खाना छोड़कर हमें खिलाती और आधी रात में हमारे रोने पर जाग जाती वो कोई और नहीं मेरी माँ ही है।
जब मैं अपने जज्बात सम्भाल नहीं पाता और अकेले में रोना चाहता, तब क्या हुआ तुझे पूछने वाली और कोई नहीं मेरी माँ ही है।
कैसे तेरी सूरत एक दिन के लिए यूं स्टेटस पर लगाऊँ, मैंने तो तुझे दिल में बसाया है, मेरे हर सुख दुःख में तूने ही तो गले लगाया है।
बस एक तू ही तो है जो निःस्वार्थ है बाकी तो सबने लूटा है, तभी तो ये दुनिया को देखकर हर पल मेरा दिल टूटा है।
तेरी ममता का कर्ज तो कभी नहीं उतार पाऊंगा, हां मेरी माँ लेकिन मैं अपना फर्ज जरूर निभाउंगा।
तेरा चित्र मैं अपने स्टेटस पर लगाऊँ या न लगाऊँ पर हां मेरी माँ मैं ख्याल रखूंगा जब भी बात करूं तुझसे तमीज से बात कर पाऊं।

08/05/2020

जो खुद को न समझ सके, वो मुझे समझने चले हैं ।
जो ख़ुदा को तो न जान सकें, वो खुद को ख़ुदा मान बैठें हैं ।
भीतर से रोज टूटता है गुरुर उनका लेकिन वो जिद ठान बैठें हैं,
देखते हैं क्या अंजाम होता है उनका जो ख़ुद को सर्वशक्तिमान मान बैठे हैं ❣️

30/03/2020
28/03/2020

जिस तरह तुम इंसानो ने ही मुझे नुकसान पहुचाया मेरे समझाने के बाबजूद तुमने मनमानी कर मुझे सताया।
मुझे तो आना ही था कोरोना लेकर और मैं भी इंसानो से इंसानों में उसी प्रकार सबक सीखाने लगी
तुम्हारी हरकतें तुम्हे समझाने लगी
अभी भी समय है सम्भल जाओ वरना हवाओं में घुलना भी आता है मुझे तुम्हारी अकड़ तोड़ना आता है मुझे
अभी मुँह नाक बधवाया है नाक रगड़ने पर मजबूर कर दूंगी
अपनी अकड़ में रहोगो तो मैं प्रकृति तुम्हें तुम्हारी औकात दिखा दूंगी

प्रकृति को नुक़सान न पहुचाये बेवजह इसके जीवों पर अत्याचार न करें

10/03/2020

कभी मूड ऑफ क्यू हो जाता है ?
जानने के लिए पूरे लेख को पड़े -

सीधे अगर पॉइंट टू पॉइंट बात करे तो मन की चंचलता इसका मुख्य कारण है |
हमारे दिनचर्या में कुछ न कुछ होते रहता है जिसका सीधा सम्पर्क मन के साथ होता है | मन इन विषयो पर अपने तरीके से रिस्पॉन्स या रियेक्ट करता है | जब कोई व्यक्ति प्यार से बात करता है तो हम भी उससे प्यार से बात करते है लेकिन अगर वही व्यक्ति गुस्से से बात करे तो हम भी उस पर ज्यादातर समय में गुस्सा ही हो जाते हैं | बहुत कम ही होता है जब हम गुस्सा करने वाले व्यक्ति पर गुस्सा न करे |

अगर आप अपने मूड को हमेशा ठीक या व्यवस्थिक रखना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको अपने को ओब्ज़र्ब करना होगा | ऑब्जर्ब करने से धीरे धीरे आप समझ पाएंगे कि किस तरह की बात आप को करनी चाहिए |

जल्दी ही आपको इस लेख पर अधिक जानकारी देने की कोशिश की जाएगी |

आप अपने विचार कमेंट करके बता सकते हैं। ...........................

धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं
25/10/2019

धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं

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