17/05/2026
छोटे बच्चों का अपना “अक्कड़-बक्कड़” महोत्सव : बच्चों ने जी अपनी दुनिया, नकली पैसों से टिकट खरीदे और शो किए हाउसफुल
मेराकी परफॉर्मिंग आर्ट्स ऑर्गनाइजेशन, नागपुर द्वारा आयोजित “अक्कड़-बक्कड़ : स्लम बाल नाट्य महोत्सव” शनिवार, 9 मई 2026 को शाम 5:30 बजे कस्तूरबा भवन, परांजपे स्कूल के पास, बजाज नगर, नागपुर में आयोजित किया गया।
इस महोत्सव के अंतर्गत झुग्गी-बस्ती क्षेत्रों में 15 दिवसीय नाट्य कार्यशाला का आयोजन किया जाता है।
इस वर्ष “अक्कड़-बक्कड़” महोत्सव में आईटी पार्क सुभाष नगर बस्ती के बच्चों के साथ निकिता ढाकुलकर के मार्गदर्शन में आयोजित नाट्य कार्यशाला में “गिटकनेवाला शेर” नाटक तैयार किया गया, जिसकी प्रस्तुति के साथ महोत्सव की शुरुआत हुई। नाटक में प्रांजली, आरुषी, आर्यन, रुही, अंजू, सौरभ, विहान, आरव, उल्हास, वंश, निखिल, धनश्री और स्वरा ने सहभागिता की। इन बच्चों को जयश्री कापसे और सुनील पाटील के हाथों प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
महोत्सव में गोष्टरंग की ओर से “पेरू” बाल नाटक तथा मेराकी की ओर से “खेल विदूषकाचा” बच्चों के लिए विशेष आकर्षण रहे। साथ ही बच्चों की भावनात्मक और कलात्मक क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से “लॉस्ट शीप” और “द कोरस” लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया।
बच्चों के लिए विशेष “अक्कड़-बक्कड़ बैंक” बनाई गई थी, जहां से बच्चों ने नकली पैसों वाले बटुए लिए, टिकट खिड़की पर अपनी पसंद के कार्यक्रमों के टिकट खरीदे। नाटक देखने के लिए लंबी-लंबी कतारें लगीं और सभी शो हाउसफुल रहे। बच्चों ने स्वयं बैंक संभाली, टिकट खिड़की की भीड़ नियंत्रित की और प्रवेश के समय टिकटों की जांच भी की। “अक्कड़-बक्कड़ : स्लम बाल नाट्य महोत्सव” में लगभग 200 से अधिक बच्चों ने महोत्सव का आनंद लिया।
“अक्कड़-बक्कड़ : स्लम बाल नाट्य महोत्सव” का आयोजन मेराकी परफॉर्मिंग आर्ट्स ऑर्गनाइजेशन, नागपुर द्वारा किया गया, जिसमें विदर्भ राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, नागपुर का सहयोग प्राप्त हुआ। मंगला सानप, पुष्पक भट, निकिता ढाकुलकर, अक्षय खोब्रागडे, मयूर मानकर, चेतन वाघ, शुभम शुक्ला, राजेश बिश्नोई, ऋतुजा वानखेडे और रूपेश पवार ने महोत्सव का समन्वयन संभाला।
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