Asmita Theatre Studio Mumbai

Asmita Theatre Studio Mumbai Since 24 February 1993

भारतीय रंगमंच के युग स्तम्भ और वरिष्ठ निर्देशक आदरणीय इब्राहिम अल्काज़ी की आज छठी पुण्यतिथि है। चार अगस्त 2020 में उनका ...
04/08/2026

भारतीय रंगमंच के युग स्तम्भ और वरिष्ठ निर्देशक आदरणीय इब्राहिम अल्काज़ी की आज छठी पुण्यतिथि है। चार अगस्त 2020 में उनका देहांत हो गया था। इब्राहिम अलकाज़ी (18 अक्टूबर 1925 - 4 अगस्त 2020) की स्मृतियों को Asmita Theatre Group की तरफ से सादर नमन।
स्वतंत्रता के बाद समकालीन आधुनिक थियेटर को स्थापित करने और विकास में इब्राहिम अल्काज़ी का अप्रतिम और ऐतिहासिक योगदान है।
इब्राहिम अल्काज़ी ने लंदन में राडा से 1947 में नाटक की शिक्षा पूरी की। भारत आकर उन्होंने मुम्बई में सक्रिय थियेटर किया साथ ही प्रगतिशील आर्टिस्ट ग्रुप से भी जुड़े। इस ग्रुप में उस समय सूज़ा, हुसेन, आरा, बाकरे, तैयब मेहता जैसे चर्चित कलाकार सक्रिय थे। मुम्बई में स्कूल ऑफ ड्रामेटिक आर्ट की स्थापना और नाट्य अकादेमी, मुम्बई के निर्देशक भी बने। थिएटर यूनिट बुलेटिन अंग्रेजी पत्रिका का प्रकाशन भी किया। फिर 1962 में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के दूसरे निदेशक का कार्यभार संभाला।

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के निदेशक के रूप में उनकी प्रतिभा को नए आयाम और विस्तार मिला। यहां उन्होंने नाटक के प्रस्तुतिकरण से लेकर सेट, लाईट, डिजाइन के क्षेत्र में अद्भूत काम किया। अभिनेता के प्रशिक्षण में आधुनिक पद्धति समेत नाट्य प्रर्दशन में शिल्प और तकनीक के नए मापदंड स्थापित किए। इस दौरान उनकी प्रमुख मंचीय प्रस्तुतियों में गिरीश कर्नाड का तुगलक, धर्मवीर भारती का अंधायुग, मोहन राकेश का आषाढ़ का एक दिन समेत शेक्सपियर, मौलियर और ग्रीक ट्रेजिक नाटक भी है।

सन 1962 से 1977 तक का एन. एस. डी. के साथ उनका काम काफी महत्वपूर्ण था। इस दौरान भारतीय रंगमंच नई शक्ल ले रहा था। कडे़ अनुशासन और योजनाबद्ध कार्यशैली अल्काज़ी की विशेषता थी। उनका यह दौर नई स्थापनाओं और उपलब्धियों का है। शोध का विषय है कि अंग्रेजी संस्कारों के साथ सोचने समझने वाले इब्राहिम अल्काज़ी, हिंदी रंगमंच के साथ साथ भविष्य के भारतीय रंगमंच का भी ताना बाना किस तरह शिद्दत से बुन रहे थे। साथ ही कर्मठता और जज्बे से उसकी मजबूत बुनियाद कितनी मेहनत से खड़ी कर रहे थे।

हकीकत में तो इब्राहिम अल्काज़ी अपने जीवन में ही जीवंत किंवदंती बन गए थे। उन्होंने खुद को हमेशा काम तक सीमित रखा। निरंतर सक्रियता और सकारात्मक ऊर्जा उनकी कार्यशैली का हिस्सा थी। सन 1977 में नाट्य विद्यालय छोड़ने के बाद लम्बे समय तक वापस मुड़ कर नहीं देखा और पेंटिंग और कला संरक्षण के ऐतिहासिक काम में जुट गए।

सफदर हाशमी की नुक्कड़ नाटक करते हुए हत्या के बाद हुई विरोध सभाओं में इब्राहिम अल्काज़ी ने सक्रिय भाग लिया। उसके बाद में NSD रंगमंडल के साथ तीन नाटक करने के लिए अल्काज़ी थियेटर की दुनिया में वापस आए। गिरीश कर्नाड के रामगोपाल बजाज अनुदित रक्त कल्याण (तले दण्ड) के साथ जुलियस सीज़र और हाऊस आप बरनारडा एल्बा का भी मंचन किया।

अपनी दूसरी पारी में इब्राहिम अल्काज़ी ने स्वतंत्र रूप से लिवींग थियेटर के नाम से 92 में काम शुरू किया। नया सपना लिए वह फिर जुट गए। उन्होंने विरासत, राॅयल हंट आप द सन और तीन बहनें नाटकों का मंचन किया। लिवींग थियेटर की रिहर्सल लिटिल थियेटर ग्रुप के स्टूडियो में होती थी। अस्मिता थियेटर के साथ मैं भी उस समय वहां उनके ऊपर की छत पर रिहर्सल करता था। कई बार सीढ़ियों पर मुलाकात होती। हमेशा मुस्कराहट से काम के बारे में पूछते। भव्य सम्भांत व्यक्तित्व की सरलता और सहजता दिल को छू जाती थी। लगभग तीन साल बाद उनकी सक्रियता फिर कम हो गई। और दोबारा से अपने पेंटिंग वह फोटोग्राफी के संरक्षण और संवर्धन में लग गए।

इब्राहिम अल्काज़ी का उनका जिक्र आते ही ओम शिवपुरी, नसीरुद्दीन शाह, ओमपुरी, अनुपम खेर, राज बब्बर, पंकज कपूर, सतीश कौशिक जैसे कामयाब और शानदार सिनेमा एक्टरों का नाम आता है, पर आधुनिक रंगमंच के विस्तार में उनके तत्कालीन छात्रों की भूमिका के संदर्भ में उनका मूल्यांकन, योगदान और विश्लेषणात्मक अध्ययन भी आवश्यक है।

अल्काज़ी ने नाट्य विद्यालय के निदेशक के साथ रंग अध्यापक के रूप में बहुत ही शिद्दत से काम किया। चर्चित समकालीन निर्देशक एम के रैना, प्रसन्ना, रंजीत कपूर, रामगोपाल बजाज, मोहन महर्षि, बंसी कौल, भानु भारती, अमाल अल्लाना, रत्न थियम, देवेन्द्र राज अंकुर ने उनके ही सान्निध्य में प्रशिक्षण लिया। विजया मेहता, बलराज पण्डित, मनोहर सिंह, उत्तरा बावकर, सुरेखा सीकरी और रोहिणी हत्तंगडी जैसे रंगकर्मियों को भी उन्होंने ही प्रशिक्षित किया।

इब्राहिम अल्काज़ी की विलक्षण प्रतिभा का संसार व्यापक था। रंग निर्देशक और अध्यापक के साथ वह कला के संरक्षक और प्रमोटर भी थे। आर्ट हेरिटेज गैलेरी के माध्यम से इस काम में उनकी निरंतर सक्रियता और जीवंतता प्रेरणादायक है।
इब्राहिम अल्काज़ी जैसे बहु प्रतिभाशाली और कला की व्यापक समझ रखने वाले व्यक्तित्व की स्मृतियों और योगदान को सलाम।
आलेख: Arvind Gaur

#इब्राहिम_अल्काज़ी
#इब्राहिमअल्काज़ी

04/08/2026
आप सबके सहयोग और साथ से एक बार फिर, संजना बुक्स प्रस्तुत करता है जनाब इरशाद ख़ान 'सिकन्दर' के जन्मदिन पर विशेष कार्यक्रम...
31/07/2026

आप सबके सहयोग और साथ से एक बार फिर, संजना बुक्स प्रस्तुत करता है जनाब इरशाद ख़ान 'सिकन्दर' के जन्मदिन पर विशेष कार्यक्रम 'इरशाद'। यह दो दिवसीय नाट्य उत्सव होगा। जिसमें
8 अगस्त 2026 को इरशाद ख़ान'सिकन्दर'द्वारा लिखित दो नाटकों एवं उन्हीं के द्वारा रचित ग़ज़लों की प्रस्तुति होगी। तथा, 9 अगस्त 2026 को अस्मिता थिएटर ग्रुप द्वारा मुंशी प्रेमचंद की कहानी पर आधारित नाटक 'मोटेराम का सत्याग्रह' प्रस्तुत किया जाएगा।
अन्य सभी जानकारियाँ पोस्टर पर उपलब्ध हैं। किसी भी प्रकार के सवाल या संशय के लिए आप हमें DM कर सकते हैं। धन्यवाद।‌

आप सभी सादर आमन्त्रित हैं। आइए। जनाब इरशाद ख़ान 'सिकन्दर' के रचना संसार से रू-ब-रू हुआ जाए।

आज 18 जुलाई को 'ऑपरेशन थ्री स्टार' देखिए।  यह नाटक नोबल पुरस्कार विजेता सुप्रसिद्ध नाटककार डारियो फो के  चर्चित नाटक एक्...
18/07/2026

आज 18 जुलाई को 'ऑपरेशन थ्री स्टार' देखिए।
यह नाटक नोबल पुरस्कार विजेता सुप्रसिद्ध नाटककार डारियो फो के चर्चित नाटक एक्सीडेंटल डेथ ऑफ ए एनार्किस्ट का हिंदी रूपांतरण है।
'ऑपरेशन थ्री स्टार' का मंचन 18 जुलाई, शनिवार को सायं 7 बजे श्रीराम सेंटर, मण्डी हाऊस, नई दिल्ली में होगा।
डारियो फो के इस हास्य व्यंग्यात्मक नाटक का हिंदी रूपांतरण राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के पूर्व स्नातक और वरिष्ठ अभिनेता अमिताभ श्रीवास्तव ने किया है। नाटक के निर्देशक अरविन्द गौड़ है। सिनेमा की चर्चित पर्सनैल्टी पीयूष मिश्रा ने इस नाटक के गीत लिखे हैं।
कृपया इस नाटक की सूचना अपने दोस्तो को फारवर्ड कर सहयोग कीजिए।
एक्टर: ईश्वाक सिंह (पाताल लोक, राकेट बॉयज़ और बर्लिन फिल्म फेम), काकोली गौड़ नागपाल, प्रभाकर पांडेय, आशुतोष सिंह, रावल सिंह चौहान, संजीव सिसोदिया और अस्मिता थियेटर टीम।
Tickets available at book my show
https://in.bookmyshow.com/plays/hindi-play-operation-three-star/ET00356748

अस्मिता थियेटर: प्रतिबद्ध रंगकर्म के बेमिसाल 33 साल।

Cast credits:
Playwright: Dario Fo
Lyrics: Piyush Mishra
Actors: Ishwak Singh, Kakoli Gaur Nagpal, Saveree Sri Gaur, Prabhakar Pandey, Rawal Singh Mandhata Chauhan, Ashutosh Singh, Ankur Rudra Sharma, Sanjeev Sisodia,
Aparna Puranik, Ashutosh Yadav, Jitendra Kumar, Ritesh Ojha, Hemlata Thakur Yanchin, Sumit Anand, Vinod Panesar, Ravi Kaushik, Luvkush Pal, Ajay Kanta, Vaibhav Girhe, Divyanshu Yadav, Hemant Mishra, Amit Upadhyay, Vibhor Vikram Singh, Pratham Bamba, Saksham Arora, Shahdab Khan Chaudhary, Krishna Bhandari, Narendra Sharma, Akash Agrawal, Amarjeet Kumar, priya Mahala, Yuvika Nagar, Narendra Singh.

Reviews:
Arvind Gaur's direction has acquired a noticeable tautness. the tempo was well maintained and changes of scene effected smoothly. Thought provoking. The group sang, danced and soft peddled and Impressed the full house. -Saroj Vashist

Taut, energetic and embellished with a compelling performance by actors, OTS becomes a noteworthy addition to Asmita's repertoire.
Imaginative methodology, which is reflected in, plays Tughlaq, Court-Martial and O.T.S (Accidental Death of an Anarchist)
- Nikhat Kazmi (Times of India).

Very relevant and timely. the play comes down hard on police brutality, inefficiency & connivance .
- Smita Nirula (Pioneer)

Gaur updated the script with contemporary references of police Violence, bhagalpur, r**e in police custody, killing of two innocent Businessmen in C.P
- Kavita Nagpal (Hindustan Times)

Competent direction, powerful performance, one more achievement by Arvind Gaur and his team Asmita.
- Amit Kumar (Rashtriya Sahara)

🎭 ASMITA THEATRE STUDIO MUMBAI 🎭33 Years of Committed Theatre ExcellencePresents the powerful play “प्रेमचंद – नामा”Dire...
27/06/2026

🎭 ASMITA THEATRE STUDIO MUMBAI 🎭
33 Years of Committed Theatre Excellence

Presents the powerful play “प्रेमचंद – नामा”
Directed by Arvind Gaur
Music by Dr. Sangeeta Gaur

Experience the timeless stories and social vision of legendary writer Munshi Premchand brought alive on stage by the acclaimed Asmita Theatre Group.

📅 Date: Saturday, 27th June 2026
⏰ Time: 7:00 PM
📍 Venue: Veda Black Box, 120, Aaram Nagar-2 Ground, JP Road, Versova, Andheri (W), Mumbai – 400061

🎟️ Ticket: ₹200/-
🎫 Tickets available at the venue and on BookMyShow.
https://in.bookmyshow.com/plays/premchand-nama/ET00346085

Come and witness a memorable theatrical evening celebrating the literary genius of Premchand through the distinctive storytelling style of Asmita Theatre.

Thanks & Regards,
Asmita Theatre Studio Mumbai

आज सायं 7बजे, भीष्म साहनी लिखित 'कबिरा खड़ा बज़ार में'  नाटक का श्रीराम सेंटर, मण्डी हाऊस, नई दिल्ली मे मंचन होगा। आप स्...
29/05/2026

आज सायं 7बजे, भीष्म साहनी लिखित 'कबिरा खड़ा बज़ार में' नाटक का श्रीराम सेंटर, मण्डी हाऊस, नई दिल्ली मे मंचन होगा।
आप स्वयं आइए और अपने दोस्तों को भी इसकी सूचना फारवर्ड कर सहयोग कीजिए।
नाटक के टिकट बुक माई शो पर उपलब्ध है।
https://in.bookmyshow.com/plays/kabira-khada-bazaar-mein/ET00435716
अस्मिता थियेटर: प्रतिबद्ध रंगकर्म के बेमिसाल 33 साल।

#भीष्म_साहनी
#कबिरा_खड़ा_बज़ार_में
#भीष्मसाहनी

29/05/2026

आज राजेश कुमार लिखित 'पगड़ी संभाल जट्टा' नाटक का मंचन, दोपहर 3 बजे, चंडीगढ के टैगोर थियेटर में होगा।
जश्न-ए-अदब साहित्योत्सव के सांस्कृतिक कारवाँ विरासत के तहत आयोजित इस कार्यक्रम मे प्रवेश निःशुल्क है। ‘पहले आओ, पहले सीट पाओ’ के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा।

कृपया आप चंडीगढ के अपने मित्रों को यह सूचना फ़ॉरवर्ड कर सहयोग कीजिए।
Entry Free. Register at JashneAdab.org

अस्मिता थियेटर: प्रतिबद्ध रंगकर्म के बेमिसाल 33 साल।
ऊर्जा और जोश से ओतप्रोत, अस्मिता थियेटर का यह नाटक आजादी की लड़ाई के अमर क्रांतिकारियों शहीदे आज़म भगतसिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्रशेखर आज़ाद के विचारों और योगदान पर आधारित है। नाटक की संगीत निर्देशक डाॅ संगीता गौड़ है।
पगड़ी संभाल जट्टा नाटक, भगत सिंह और उनके साथियों के आज़ादी के लिए किए गए संघर्ष और बलिदान की दास्तानं है। आज़ादी की लड़ाई के दौरान वह कैसे सपने देखते थे, किस तरह की डिबेट करते थे, क्या सोचते थे, उनके सपने, उनकी विचारधारा, इस नाटक का हिस्सा है।

यह नाटक भगत सिंह और उनके साथी क्रांतिकारियों के काम, विचार और उनकी जीवंतता की कहानी है। बहुत कम उम्र में देश के लिए कुर्बान हो जाने वाले इन नौजवानों की‌ जीवन शैली, सामाजिक और राजनीतिक दर्शन इस नाटक में बखूबी उभरता है। उनका लक्ष्य सिर्फ़ गोरे अंग्रेज़ों को भारत से निकालना नहीं था। उनके लिए आज़ादी का अर्थ था, एक ऐसा सिस्टम जहां कोई किसी का शोषण न करे, अन्याय न हो, कोई असमानता न हो।
नाटक में दर्शाये गए क्रांतिकारी विचार आज और भी ज्यादा प्रासंगिक और समकालीन हैं।
इन क्रांतिकारियों की जिंदगी, उनकी विचारधारा, उनकी सोच हमें प्रेरित करती है, हमें दिशा देती है ।
एक बेहतर समाज, बेहतर सिस्टम के लिए लड़ने के लिए हमे ताकत देती है। भगत सिंह और उनके साथियों के विचारों को जानना आज की पीढ़ी के लिए बहुत ज़्यादा ज़रूरी है। एक बेहतर भारत, बेहतर समाज के लिए ज़रूरी है कि हम उनकी सोच, उनकी दृष्टि, उनके मूल्यों और उनके सपनों को जाने और समझे।

भगत सिंह हर पीढ़ी के लिए हीरो हैं,और ऐसे क्रांतिकारियों की कहानी को नाटक में प्रस्तुत करना एक चुनौती भी है और प्रेरणादायक शक्ति भी है। अपने हीरोज़ के बारे में, उनके विचारों के बारे में जानकर हमें प्रेरणा भी मिलती है और देश के लिए उनकी प्रतिबद्धता और कुर्बानियों का एहसास भी होता है।
उन्होंने स्वाधीनता के लिए जो कुर्बानियाँ दी उसको याद रखना ज़रूरी है, ताकि एक बेहतर लोकतांत्रिक भारत, उनके सपनों के देश को हम बना पाएं। ऐसा भारत जहां जाति और धर्म के नाम पर किसी तरह का शोषण, भेदभाव और असामनता न हो।

#शहीददिवस #शहीदभगतसिंह #शहीदसुखदेव #शहीदराजगुरू

Address

Asmita Theatre Studio Mumbai, Aram Nagar Part 2, Versova, Andheri West
Mumbai
400061

Opening Hours

Monday 11am - 10pm
Tuesday 11am - 10pm
Wednesday 11am - 10pm
Thursday 11am - 10pm
Friday 11am - 10pm
Saturday 11am - 10pm
Sunday 11am - 10pm

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+919711100036

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