17/04/2026
ये भाई साहब अमरावती जिले के निवासी उमेश प्रहलादराव कोल्हे
शहर में 25 सालों से केमिस्ट की दुकान चलाते थे,,।।
2006 में उनकी मुलाकात डॉ यूसुफ से हुई यूसुफ वेटरनरी हॉस्पिटल मे काम करते थे उमेश के रेग्युलर ग्राहक थेउधार दवाई ले जाते रहते थे.मतलब व्यवासायिक रिश्ता था मगर फ़िर दोस्ती हो गयी..यूसुफ की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी उमेश कोल्हे एक सच्चे दोस्त के नाते उसकी हमेशा ही आर्थिक मदद करते थे..
यूसुफ तब्लीगी जमात से जुड़ा था रिलिजियस् था
किन्तु व्यवहार से गंगा जमुनी तहज़ीब झलकती थी।।
यूसुफ की बहन की शादी के लिए उसे रुपयों की जरूरत थी.
इस संबंध में जब उसने उमेश से बात की तो उमेश
ने यूसुफ को रुपए दिए लेकिन यूसुफ ने वो पैसे कभी
वापस नहीं लौटाए. फ़िर भी उमेश उसको फोर्स नहीं किये
यूसुफ ने उन्हें अपने बच्चों को एक मुस्लिम स्कूल में
एडमिशन दिलाने के लिए अपने संपर्कों का इस्तेमाल
करने के लिए कहा था.तो उमेश ने स्कूल के प्रधानाचार्य
विशेष रूप से आग्रह किया उनकी सिफारिश के कारण है
कि यूसुफ के बच्चे को स्कूल में एडमिशन मिल पाया,,
यूसुफ और उमेश कोल्हे का एक दूजे के घर आना जाना था
दोनों एक दूजे के परिवार से भली भाँति परिचित थे..
उमेश प्रहलादराव कोल्हे बेहद शांत प्रिय सज्जन व्यक्ति थे
उनका किसी से कोई झगड़ा नहीं था, वह तेज आवाज में
कभी किसी से बात भी नहीं करते थे. उनके 24 साल के
मेडिकल स्टोर व्यवसाय में कभी कोई विवाद नहीं हुआ..
___इस मित्रता को 16 वर्ष हो चुके थे_____
26 मई 2022 को दिल्ली मे एक न्यूज चैनल पर डिबेट
चल रही थी। उसी दौरान BJP की प्रवक्ता रहीं नूपुर शर्मा
ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादित टिप्पणी कर दी।
देश भर के मुस्लिमों मे इससे गुस्सा भड़क गया।
मोहम्मद् साहब पर टिप्पणी को लेकर माहौल गर्म था
मुस्लिम समुदाय गुस्ताख नबी की एक सजा STSJ
का नारा सड़क से सोसल मीडिया तक लगा रहा था.
नूपुर का ये वीडियो सोशल मीडिया में सर्कुलेट होने लगा।
पूरे भारत मे बीजेपी नेता नूपुर शर्मा पर FIR होने लगी
दिल्ली से 1100 किलोमीटर दूर महाराष्ट्र के अमरावती में
8 जून को इरफान खान और मौलाना मुशिफिक अहमद के साथ कुछ लोग नूपुर शर्मा के खिलाफ FIR दर्ज कराने नागपुरी गेट पुलिस स्टेशन पहुंचे। पुलिस ने उनकी FIR दर्ज नहीं की, क्योंकि दिल्ली, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के ही दूसरे जिलों में इस मामले में पहले ही केस दर्ज हो चुके थे। इरफान और मुशिफिक पुलिस की
इस दलील से संतुष्ट नहीं थे.....
9 जून को दोनों ने नूपुर शर्मा पर FIR और 10 जून को बुलाए गए भारत बंद के बारे में एक वॉट्सऐप ग्रुप ‘मीटिंग only’ के जरिए मीटिंग बुलाई। इसमें काफी डिस्कशन के बाद तय हुआ कि मुस्लिम समुदाय के लोग न तो केस दर्ज कराएंगे और न ही भारत बंद में शामिल होंगे। इरफान खान, मुशिफिक, शेख शकील और
उनके साथी इस फैसले से खुश नहीं थे ...
21 जून 2022 रात के करीब 10.30 बजे उमेश कोल्हे
अपना मेडिकल स्टोर बन्द करके थोड़ी ही दूर गए थे...
अचानक कुछ लोगो ने उनको घेर लिया उनको घुटने
पर जबरन बैठाया सड़क पर उनका गला रे #त दिया
और मौके पर ही उमेश कोल्हे तड़,प तड़,प म #,र गए
पुलिस ने लाश को पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया...
अमरावती के सेंट्रल हॉस्पिटल की ओर से 22 जून
2022 को जारी पोस्टमॉर्टम के मुताबिक उमेश कोल्हे
के गले पर कई गहरे घाव मिले थे। उनकी दिमाग
और आंखों की नसें भी पुरी तरह डैमेज हो गई थीं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने और इस जघन्य ह् #त्या की CCTV
फुटेज ने उमेश के साथ हुई बेरहमी बयान कर दिया
जैसे बकरे का गला का #,टते हैं वैसे ही का,,टा गया था
बिल्कुल हलाल तरीके से ताकि झ #टके में मौ #त न आये
बल्कि खु #न बहता रहे और शिकार तड़*प तड़*प के मरे
मामले की गंभीरता और क्रू #रता किसी गहरी साजिश
का इशारा कर रहे थे अमरावती पुलिस महाराष्ट्र ATS
के साथ NIA भी केस में शामिल हो चुकी थी.....
उधर उमेश प्रहलादराव कोल्हे की नृशंश ह्त् #या से उनके
परिजन ही नही उनके परम मित्र यूसुफ भी दुखित थे
उमेश के अंतिम संस्कार में भी यूसुफ शामिल हुए थे..
पुलिस ने जांच शुरू की जो ATS से होते हुए NIA के पास आई। जांच में सामने आया कि उमेश के 16 साल पुराने डॉक्टर दोस्त यूसुफ ने ही 10 और लोगों के साथ मिलकर इस क #त्ल की साजिश रची थी।
NIA की चार्ज शीट पुलिस की जांच मे क्या खुलासा हुआ
आँख कान दिमाक खोलकर पढ़ें समझें और सोचना...
उमेश कोल्हे #ब्लैक_फ्रीडम’ नाम के एक
वॉट्सऐप ग्रुप में जुड़े थे। यूसुफ खान इस ग्रुप का इकलौता मुस्लिम मेंबर था और उमेश कोल्हे ग्रुप के एडमिन थे...
14 जून को उमेश कोल्हे ने इसी ग्रुप में नूपुर शर्मा के
समर्थन में उनकी फोटो के साथ एक मैसेज पोस्ट किया
उमेश के पुराने खास मित्र यूसुफ ने भी यह पोस्ट देखा
और उसका स्क्रीन शॉट लेकर उमेश का मोबाइल
नंबर मेडिकल शॉप का पता और एक मैसेज के साथ
कई वॉट्सऐप ग्रुप में सर्कुलेट कर दिया। मैसेज
में लिखा था कि इसका अंजाम इसको दिखाना है।
यह मैसेज #कलीम_इब्राहिम वॉट्सऐप ग्रुप’ में भी
शेयर किया गया। #इरफान_खान इसी ग्रुप से जुड़ा था।
यूसुफ खान ने इस बारे में #आतिब_रशीद से भी बात की। आतिब उसका क्लाइंट था। 18 जून को आतिब रशीद अपने साथी #मोहम्मद_शोएब से मिला। दोनों में उमेश कोल्हे के बारे में बात हुई। इसके बाद आतिब ने इरफान खान से भी बात की। इरफान ‘कलीम इब्राहिम’ ग्रुप से जुड़ा था, इसलिए उसे मामला पहले से पता था।
ये मैसेज उसे ‘हंसी मजाक’ नाम के एक अन्य ग्रुप पर
भी मिला था, जिसे #अब्दुल_तौफीक_शेख ने भेजा था। #अब्दुल_मुशिफिक #अहमद, #शेख_शकील और #मुदस्सिर_अहमद के साथ पहले से नूपुर शर्मा के मामले
में बहुत एग्रेसिव थे। आतिब रशीद और इरफान खान ने
19 जून को दोबारा गौसिया हॉल में मिलने की बात तय की। #मोहम्मद_शोएब के साथ #शहीम_अहमद
नाम के शख्स को भी इसमें बुलाया गया।
अगले दिन मोहम्मद शोएब, आतिब रशीद, इरफान खान
और शहीम अहमद #गौसिया_हॉल में मिले और तय
किया कि उमेश कोल्हे ने पैगंबर मोहम्मद की शान
में गुस्ताखी की है। इसकी उसे सजा दी जानी चाहिए
मोहम्मद शोएब, आतिब रशीद और
शहीम अहमद ने इसकी जिम्मेदारी ली।
इरफान ने कहा कि वह इसके लिए हर तरह की मदद देने को तैयार है। उसने तीनों से कहा कि वे मोबाइल लेकर न जाएं, ब्लैक टीशर्ट और ट्रैक पैंट पहनकर और चेहरा ढंककर जाएं, ताकि कोई उन्हें पहचान न सके। इस गैंग को इरफान ही लीड कर रहा था।
इसके बाद आतिब रशीद बाइक से मोहम्मद शोएब को उमेश कोल्हे की पहचान के लिए उसकी मेडिकल शॉप पर ले गया। दोनों उस जगह भी गए, जहां हत् #या करना तय हुआ था।
हत् #या की पूरी साजिश मोहम्मद शोएब, आतिब रशीद,
इरफान खान और शहीम अहमद ने रची। चारों को इसमें #मुशिफिक_अहमद का साथ मिला, जो #मौलवी था। मुशिफिक, इरफान खान का करीबी भी था। ये दोनों नूपुर
शर्मा के खिलाफ FIR न लिखे जाने से नाराज थे ...
20 जून 2022 की रात करीब 9:30 बजे मोहम्मद शोएब और शहीम अहमद बाइक से घंटाघर लेन पहुंचे, जहां उमेश कोल्हे को मा #रा जाना था। काफी इंतजार के बाद भी उमेश नहीं आए तो वे उन्हें देखने मेडिकल शॉप पहुंचे। शॉप बंद हो चुकी थी, इसलिए वे उमेश की हत् #या नहीं कर पाए।
इसके बाद मोहम्मद शोएब और शहीम अहमद, आतिब रशीद से मिले और प्लान फेल होने के बारे में बताया। आतिब रशीद ने
यही बात इरफान को और इरफान ने शाहरुख खां और अब्दुल तौफीक शेख को बताई। उन्हें कोल्हे की रेकी करने की जिम्मेदारी दी गई। इस तरह वे भी इस साजिश में शामिल हो गए।
21 जून को तीन लोगों ने रेकी की, तीन ने म #र्डर
आतिब और इरफान के कहने पर 21 जून को मुदस्सिर अहमद, शाहरुख खां और अब्दुल तौफीक शेख रेकी के लिए उमेश कोल्हे की मेडिकल शॉप के पास पहुंचे। शाहरुख खां ऐसी जगह खड़ा हो गया, जहां से वह उमेश कोल्हे की लोकेशन देख सकता था। उसने गमछे से चेहरा ढंक रखा था। तीनों मोबाइल पर एक-दूसरे को उमेश की मूवमेंट के बारे में बताते रहे।
शाहरुख खां एक NGO ेल्पलाइन’ की एम्बुलेंस
चलाता था। अब्दुल तौफीक शेख भी रहबर हेल्पलाइन से जुड़ा था। मोहम्मद शोएब, आतिब रशीद, शहीम अहमद इसी के ऑफिस में मिले। उन्होंने अपने मोबाइल वहीं एम्बुलेंस में रख दिए, ताकि उनकी लोकेशन क्राइम सीन पर न मिले।
इसके बाद मोहम्मद शोएब, शहीम अहमद ने चाकू लिए और आतिब रशीद के साथ बाइक से निकल गए। तीनों ने उस रास्ते पर पोजिशन ले ली, जहां से उमेश गुजरने वाले थे। उमेश कोल्हे अपनी शॉप बंद कर रात 10:20 बजे घंटाघर लेन पहुंचे। तीनों ने उन्हें रोक लिया।उन्हें घुटनों पर बिठाया और मोहम्मद शोएब
ने चाकू से उमेश कोल्हे का गला का #,ट दिया
शहीम अहमद भी चाकू निकालने वाला था, तब तक उमेश के बेटे और बहू वहां आ गए। दोनों ने शोर मचाया तो शोएब और शहीम बाइक से भाग गए। उमेश के बेटे-बहू ने तीन आरोपियों को भागते देखा था। वे इस घटना के चश्मदीद गवाह हैं। दोनों उमेश को पास के हॉस्पिटल ले गए, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
इस दौरान शेख शकील उमेश कोल्हे के बारे में अपडेट
लेता रहा। इरफान खान के कहने पर अब्दुल अरबाज,
ये पता करने हॉस्पिटल गया कि उमेश कोल्हे जिंदा है
या नहीं। मौत की जानकारी मिलते ही सभी आरोपियों
ने #जश्न के तौर पर #पार्टी की .....
NIA के मुताबिक 11 में से किसी आरोपी की उमेश कोल्हे से दुश्मनी या रंजिश नहीं थी। वे सिर्फ नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने का बदला लेना चाहते थे।
हत्या का मकसद सिर्फ लोगों में दहशत फैलाना था।
सभी आरोपी एक-दूसरे को पहले से जानते थे और
उनमें लगातार मोबाइल पर बात हो रही थी।
चार्जशीट के मुताबिक उमेश कोल्हे का गला चाकू से काटने वाले मोहम्मद शोएब ने इसके लिए प्रैक्टिस
भी की थी जैसे प्रयागराज वाले लारेब ने की थी....
मर्डर के बाद शोएब ने उसी गौसिया हॉल में चाकू छिपा दिया, जहां मर्डर की प्लानिंग की गई थी। हत्या के बाद वह शहीम अहमद के साथ अमरावती से भाग गया था।
उमेश की हत् #या के मात्र 6 दिन बाद 28 जून को
राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल की
दिन दहाड़े उनकी दुकाम मे गला का,ट कर हत् #या की
गई कन्हैया ने भी नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट की थी।
इसका बदला लेने के लिए दो युवक मोहम्मद रियाज
और गौस मोहम्मद ने कन्हैया का गला का #ट दिया था।
गुस्ताख-ए- नबी की एक सजा, सर तन से जु #दा
NIA ने भी इस नारे का अपनी चार्जशीट में जिक्र किया है
। यही वो मोटिवेशन था, जिसकी वजह से इन 11
लोगों ने उमेश के मर्डर की साजिश रची। सिर्फ एक
पोस्ट का बदला लेने के लिए उमेश का गला का$,टा गया
उमेश प्रहलादराव कोल्हे का गला कट #वाने में उनका
16 साल से परम और मित्र यूसुफ खान 1मिंट नहीं
लगाया उमेश के सारे एहसान वर्षों की मित्रता इंसानियत
मानवता यूसुफ के मजहबी भावनाओं के आगे 0 हो गयी
एहसान फ़रामोश उमेश कोल्हे के अंतिम संस्कार में
शामिल होने इसलिए नही आया था की उसे दुख था
बल्कि इसलिए आया था की उस पे कोई शक ना करे
उमेश हत्याकांड के आरोपी तब्लीगी जमात से जुड़े थे,,,
कनहैया लाल के हत् #यारे गौस मोहम्मद और रियाज़ जब्बार मजहबी संगठन दावते-इस्लामी से जुड़े हुए थे...
यह चित्र स्वर्गीय उमेश प्रहलादराव कोल्हे जी का है...
यूसुफ ने सिर्फ़ उमेश को नहीं लाखों के भरोसे को मारा
गला काटने वाले कातिल हाथों में धोखे का खंजर मित्र
यूसुफ ने थमाया जिससे भरोसे का गला का #टा गया...
बाकी आरोपियों की फोटो कमेंट बॉक्स में है आप पहचान कर सकते हो
सावधान रहें सतर्क रहें, वंदे मातरम् 🇮🇳