22/03/2026
फिल्म की कहानी और पृष्ठभूमि
यह फिल्म निर्देशक आदित्य धर की पहली फिल्म 'धुरंधर' का प्रीक्वल और सीक्वल दोनों है। फिल्म में रणवीर सिंह के किरदार 'हमजा अली मज़ारी' की पिछली कहानी (बैकस्टोरी) दिखाई गई है कि कैसे वह 'जसकीरत सिंह रंगी' से एक भारतीय जासूस बना। कहानी 2002 के व्यक्तिगत प्रतिशोध से शुरू होती है और फिर पाकिस्तान के लयारी (Lyari) में अंडरवर्ल्ड के वर्चस्व और भारत की सुरक्षा के मिशन से जुड़ जाती है।
सकारात्मक पक्ष (Pros)
रणवीर सिंह का अभिनय: फिल्म पूरी तरह से रणवीर सिंह के कंधों पर टिकी है। आलोचकों ने इसे उनके करियर का सबसे बेहतरीन और प्रतिबद्ध प्रदर्शन बताया है।
भव्य पैमाना और एक्शन: फिल्म का निर्माण बहुत ही बड़े स्तर पर किया गया है। एक्शन सीन और सिनेमैटोग्राफी बॉलीवुड के मौजूदा मानकों से काफी ऊपर हैं।
दूसरा हाफ और क्लाइमेक्स: फिल्म का दूसरा हिस्सा पहले की तुलना में अधिक प्रभावशाली है। विशेष रूप से आखिरी 15-20 मिनट का क्लाइमेक्स दर्शकों को हिला कर रख देता है।
सहयोगी कलाकार: अर्जुन रामपाल, आर. माधवन और संजय दत्त ने अपने किरदारों के साथ न्याय किया है, जो कहानी में गहराई जोड़ते हैं।
नकारात्मक पक्ष (Cons)
अत्यधिक लंबाई: फिल्म का रनटाइम लगभग 4 घंटे का है, जो कई दर्शकों और आलोचकों को काफी लंबा और थकाऊ महसूस हुआ है।
धीमी रफ्तार और संपादन: फिल्म का पहला हिस्सा थोड़ा सुस्त है। संपादन (Editing) में कसावट की कमी महसूस होती है, जिससे कहानी कई जगह खिंची हुई लगती है।
संगीत की कमी: पहले भाग के मुकाबले इस फिल्म का ओरिजिनल म्यूजिक उतना प्रभावशाली नहीं है। पुराने गानों का उपयोग अच्छा है, लेकिन वह पहले जैसा जादू नहीं जगा पाया।
वैचारिक संदेश: कुछ समीक्षकों के अनुसार, फिल्म 'हाइपर-नेशनलिस्ट' फंतासी की ओर अधिक झुकी हुई है, जिससे वास्तविकता और फिक्शन के बीच का संतुलन कभी-कभी बिगड़ जाता है।
निष्कर्ष और रेटिंग
'धुरंधर 2' एक महत्वाकांक्षी फिल्म है जो अपने स्केल और एक्शन के दम पर दर्शकों को प्रभावित करती है, लेकिन अपनी लंबाई और कमजोर स्क्रिप्टिंग के कारण पहले भाग जैसा सधा हुआ अनुभव नहीं दे पाती।
जनता की राय: दर्शकों के बीच इसे लेकर जबरदस्त उत्साह है और कई लोग इसे 5/5 स्टार भी दे रहे हैं।
समीक्षकों की रेटिंग: औसत रेटिंग 3.5 से 4.5 स्टार के बीच है।