Bhagat Singh Manch

Bhagat Singh Manch Desh k liye jeena sabse badi duty hai Inquilab Zindabad

Sirf or Sirf Youth ko ek maksad k liye jeena sikhana apne nation ki respect apne warriors ko sammaan dena
or new tallent ko ek shi rastaa dena taki apni kala ko vo sahi jagha show kar sake.

31/10/2024

यह त्यौहार आपके दिलों को अनंत प्रेम से और आपके जीवन को अपार खुशियों से भर दे ।" "आपको दिवाली की हार्दिक बधाई और समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशियों से भरे एक वर्ष के लिए शुभकामनाएँ।" "दीपावली की शुभकामनाएँ! दीयों की रोशनी आपके मार्ग को रोशन करे और आपको उन सभी चीज़ों के करीब ले जाए जिन्हें आप प्राप्त करना चाहते हैं।"


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The Legend of Bhagat Singh Sahab
24/09/2024

The Legend of Bhagat Singh Sahab

Manala Diary First Look Ajay Nakul Film's Maximum Share n support Pls share your feedback and review as well.
23/07/2024

Manala Diary First Look
Ajay Nakul Film's

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First Look Manala DiaryAjay Nakul Film's Director - Nakul ChoudharyProducer - Ajay MishraHorror Thriller

इंकलाब जिंदाबाद
23/03/2022

इंकलाब जिंदाबाद

28/09/2021
ये उन लोगो के लिए जो इस मुल्क को नोच के खा रहे हैं क्यूँ भगत सिंह साहब राज गुरु सुखदेव जी ने देश को आज़ाद कराया ? देश तो...
15/05/2021

ये उन लोगो के लिए जो इस मुल्क को नोच के खा रहे हैं
क्यूँ भगत सिंह साहब राज गुरु सुखदेव जी ने देश को आज़ाद कराया ? देश तो आज पहले से भी ज्यादा गुलाम है आदमी आदमी को बेक रहा है ईमान बेक रहा है कुछ पैसों के लिए काश हम गोरों के ही गुलाम होते सब कुछ सिस्टम से ही चलता आज कौनसा नेता ये जैसी कुर्बानी दे सकता है




आज से 90 साल पहले महज़ 24 साल की उम्र में ब्रिटिश सरकार ने सरदार भगत सिंह को फांसी पर चढ़ा दिया था. उन पर लाहौर षडयंत्र क....

भारत देश के महान वीर क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद चन्द्र शेखर आजाद जी कि आज 89वी पुण्यतिथि (शहीद दिवस) पर उन्ह...
12/05/2021

भारत देश के महान वीर क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद चन्द्र शेखर आजाद जी कि आज 89वी पुण्यतिथि (शहीद दिवस) पर उन्हें कोटि कोटि नमन और भावभीनी श्रद्धांजलि।

आजाद ही जिया वो, आजाद ही मरा वो,...
आजाद कि बदौलत, आजाद ये भारत।

चंद्रशेखर आजाद का जीवन परिचय :-

काकोरी ट्रेन डकैती और साण्डर्स की हत्या में शामिल निर्भय क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद, का जन्म 23 जुलाई, 1906 को उन्नाव, उत्तर प्रदेश में हुआ था. चंद्रशेखर आजाद का वास्तविक नाम चंद्रशेखर सीताराम तिवारी था. चंद्रशेखर आजाद का प्रारंभिक जीवन आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र भावरा गांव में व्यतीत हुआ. भील बालकों के साथ रहते-रहते चंद्रशेखर आजाद ने बचपन में ही धनुष बाण चलाना सीख लिया था. चंद्रशेखर आजाद की माता जगरानी देवी उन्हें संस्कृत का विद्वान बनाना चाहती थीं. इसीलिए उन्हें संस्कृत सीखने लिए काशी विद्यापीठ, बनारस भेजा गया. दिसंबर 1921 में जब गांधी जी द्वारा असहयोग आंदोलन की शुरूआत की गई उस समय मात्र चौदह वर्ष की उम्र में चंद्रशेखर आजाद ने इस आंदोलन में भाग लिया जिसके परिणामस्वरूप उन्हें गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के समक्ष उपस्थित किया गया. जब चंद्रशेखर से उनका नाम पूछा गया तो उन्होंने अपना नाम आजाद और पिता का नाम स्वतंत्रता बताया. यहीं से चंद्रशेखर सीताराम तिवारी का नाम चंद्रशेखर आजाद पड़ गया था. चंद्रशेखर को पंद्रह दिनों के कड़े कारावास की सजा प्रदान की गई.

क्रांतिकारी जीवन :-

1922 में गांधी जी द्वारा असहयोग आंदोलन को स्थगित कर दिया गया. इस घटना ने चंद्रशेखर आजाद को बहुत आहत किया. उन्होंने ठान लिया कि किसी भी तरह देश को स्वतंत्रता दिलवानी ही है. एक युवा क्रांतिकारी प्रनवेश चैटर्जी ने उन्हें हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन जैसे क्रांतिकारी दल के संस्थापक राम प्रसाद बिस्मिल से मिलवाया. आजाद इस दल और बिस्मिल के समान स्वतंत्रता और बिना किसी भेद-भाव के सभी को अधिकार जैसे विचारों से बहुत प्रभावित हुए. चंद्रशेखर आजाद के समर्पण और निष्ठा की पहचान करने के बाद बिस्मिल ने चंद्रशेखर आजाद को अपनी संस्था का सक्रिय सदस्य बना दिया. अंग्रेजी सरकार के धन की चोरी और डकैती जैसे कार्यों को अंजाम दे कर चंद्रशेखर आजाद अपने साथियों के साथ संस्था के लिए धन एकत्र करते थे. लाला लाजपत राय की हत्या का बदला लेने के लिए चंद्रशेखर आजाद ने अपने साथियों के साथ मिलकर सॉण्डर्स की हत्या भी की थी. आजाद का यह मानना था कि संघर्ष की राह में हिंसा होना कोई बड़ी बात नहीं है इसके विपरीत हिंसा बेहद जरूरी है. जलियांवाला बाग जैसे अमानवीय घटनाक्रम जिसमें हजारों निहत्थे और बेगुनाहों पर गोलियां बरसाई गईं, ने चंद्रशेखर आजाद को बहुत आहत किया जिसके बाद उन्होंने हिंसा को ही अपना मार्ग बना लिया.

झांसी में क्रांतिकारी गतिविधियां :-

चंद्रशेखर आजाद ने एक निर्धारित समय के लिए झांसी को अपना गढ़ बना लिया. झांसी से पंद्रह किलोमीटर दूर ओरछा के जंगलों में वह अपने साथियों के साथ निशानेबाजी किया करते थे. अचूक निशानेबाज होने के कारण चंद्रशेखर आजाद दूसरे क्रांतिकारियों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ पंडित हरिशंकर ब्रह्मचारी के छ्द्म नाम से बच्चों के अध्यापन का कार्य भी करते थे. वह धिमारपुर गांव में अपने इसी छद्म नाम से स्थानीय लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय हो गए थे. झांसी में रहते हुए चंद्रशेखर आजाद ने गाड़ी चलानी भी सीख ली थी.

चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह :-

1925 में हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन की स्थापना की गई. 1925 में काकोरी कांड हुआ जिसके आरोप में अशफाक उल्ला खां, बिस्मिल समेत अन्य मुख्य क्रांतिकारियों को मौत की सजा सुनाई गई. जिसके बाद चंद्रशेखर ने इस संस्था का पुनर्गठन किया. भगवतीचरण वोहरा के संपर्क में आने के बाद चंद्रशेखर आजाद भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु के भी निकट आ गए थे. इसके बाद भगत सिंह के साथ मिलकर चंद्रशेखर आजाद ने अंग्रेजी हुकूमत को डराने और भारत से खदेड़ने का हर संभव प्रयास किया.

चंद्रशेखर आजाद का निधन :-

1931 में फरवरी के अंतिम सप्ताह में जब आजाद गणेश शंकर विद्यार्थी से मिलने सीतापुर जेल गए तो विद्यार्थी ने उन्हें इलाहाबाद जाकर जवाहर लाल नेहरू से मिलने को कहा. चंद्रशेखर आजाद जब नेहरू से मिलने आनंद भवन गए तो उन्होंने चंद्रशेखर की बात सुनने से भी इंकार कर दिया. गुस्से में वहां से निकलकर चंद्रशेखर आजाद अपने साथी सुखदेव राज के साथ एल्फ्रेड पार्क चले गए. वे सुखदेव के साथ आगामी योजनाओं के विषय में बात ही कर रहे थे कि पुलिस ने उन्हे घेर लिया. लेकिन उन्होंने बिना सोचे अपने जेब से पिस्तौल निकालकर गोलियां दागनी शुरू कर दी. दोनों ओर से गोलीबारी हुई. लेकिन जब चंद्रशेखर के पास मात्र एक ही गोली शेष रह गई तो उन्हें पुलिस का सामना करना मुश्किल लगा. चंद्रशेखर आजाद ने पहले ही यह प्रण किया था कि वह कभी भी जिंदा पुलिस के हाथ नहीं आएंगे. इसी प्रण को निभाते हुए उन्होंने वह बची हुई गोली खुद को मार ली.

पुलिस के अंदर चंद्रशेखर आजाद का भय इतना था कि किसी को भी उनके मृत शरीर के के पास जाने तक की हिम्मत नहीं थी. उनके शरीर पर गोली चला और पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद ही चंद्रशेखर की मृत्यु की पुष्टि हुई.
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बाद में स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात जिस पार्क में उनका निधन हुआ था उसका नाम परिवर्तित कर चंद्रशेखर आजाद पार्क और मध्य प्रदेश के जिस गांव में वह रहे थे उसका धिमारपुरा नाम बदलकर आजादपुरा रखा गया.

शहीदी दिवस Inquilaab zindabad
23/03/2021

शहीदी दिवस
Inquilaab zindabad

https://youtu.be/yZw8qregUwk
28/02/2021

https://youtu.be/yZw8qregUwk

Arooj - Coming Out Soon FREE ONLY on YouTube Just Imagine Just Relax ChannelKkifee & Ajay Nakul Films presentsRjsAroojChapter OneThe devil is coming - Beware...

11/01/2021

Require 2 Delhi based female child artist
Age : 12..
2-3 days shoot in near Delhi.
One parent can accompany, travel food and accommodation will be provided. Safety measurement taken care of.
Send profile : 8882172861

Dosto number game movie 15 fab 2019 ko cinema hall mai released ho chuki hai .ab 28 oct se 28 November tak .ab cinema ha...
21/10/2020

Dosto number game movie 15 fab 2019 ko cinema hall mai released ho chuki hai .ab 28 oct se 28 November tak .ab cinema hall aap ke home par aa raha hai .yah movie UVT Cineplex yani Digital cinema par release ho rahi hai Dosto iski 22 October se advance ticket booking karwa sakte hai .dosto yah movie dekh kar apne bhai aur apne dost ko pyaar or Aasirwaad de.thnx so much .

Emmy who lives in the UK, comes to India to organise a real life game. The game is launched in India. 5 players from 5 states participate in it to win Rs. 2 Crore. Three young boys and two beautiful girls become the part of the game. When Emmy stays in her ancestral bungalow, she realises as if she....

https://youtu.be/FN8DCRcsEwI
14/10/2020

https://youtu.be/FN8DCRcsEwI

Film : Sauce Production : Ajay Nakul Films Director : Nakul Choudhry Dop : Saagar Choudhary Cast : Rajan Rajput Hiba Nawab Puneet Issar Raza Murad Pradeep Ka...

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