22/08/2026
80 के दशक से लेकर 90 के शुरुआती 2-3 सालों तक लगभग हर दूसरी-तीसरी फ़िल्म का हिस्सा हुआ करते थे राज किरण (Raj Kiran) , कभी सपोर्टिंग ऐक्टर के तौर पे तो कभी निगेटिव रोल में तो कभी सेकेंड लीड रोल में भी। उस दौर में हीरो के भाई की भूमिका दिखानी हो तो उसके लिये भी हर डायरेक्टर की पहली पसंद राजकिरण ही हुआ करते थे। राज किरण का पूरा नाम राज किरण मेहतानी है। उन्होंने साल 1975 में बीआर इशारा की फ़िल्म 'कागज़ की नाव' से बॉलीवुड में पदार्पण किया था।
राज ने अपने करियर में लगभग 100 से अधिक फ़िल्में की हैंं। वे आख़िरी बार शेखर सुमन के टीवी सीरियल रिपोर्टर में नज़र आए थे, जो 1994 में प्रसारित हुआ था। इसके अलावा राज किरण 'आख़िर कौन' और 'आहट' जैसे टीवी शोज़ में भी दिखाई दिए थे।'बुलंदी' 'कर्ज', 'अर्थ', 'तेरी मेहरनबानियां' व 'घर हो तो ऐसा' जैसी दर्जनों सुपरहिट फ़िल्मों में काम करने वाले एक्टर राज किरण कई सालों से लापता हैं जो कि हैरान कर देने वाली बात है। राज किरण मानसिक रूप से अस्वस्थ थे, बताया जाता है कि 90 के दशक में फ़िल्में न मिलने की वज़ह से वे डिप्रेशन में चले गए थे। कुछ लोगों का यहाँ तक कहना है कि उनके क़रीबियों ने उनकी सारी प्रॉपर्टी छीन ली इसलिए वे डिप्रेशन में आ गए थे।
साल 1996 में ख़बर आयी थी कि राज किरण को 'सत्य साई बाबा' के पुट्टपर्थी आश्रम में अवैध रूप से प्रवेश करने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जिसके लिए उन्हें 34 दिन जेल में गुज़ारने पड़े थे। इस घटना के बाद राजकिरण ने क़रीब साल भर के बाद मीडिया से ख़ुद बताया था, "जेल में डाले जाने के दौरान मुझे जो आघात पहुँचा, उसका वर्णन शब्दों में नहीं किया जा सकता। जब आपको बताया जाता है कि आपको जमानत नहीं मिल सकती, तो उस समय जो भय महसूस होता है, उसे आप कभी समझ नहीं सकते। मैंने 34 दिन जेल में बिताए, और वहाँ बैठे-बैठे मुझे यह भी नहीं पता था कि मैं कभी आज़ाद हो पाऊँगा या नहीं। यह बहुत ही डरावना एहसास था।"
ख़ैर, यह बात तो सच है कि कभी राज डिप्रेशन में थे क्योंकि 90 के दशक में ही दिमागी समस्याओं के चलते उनका इलाज़ मुंबई के एक अस्पताल (मसीना) के मानसिक विभाग में चला था, साथ ही भारत के एक आश्रम में आयुर्वेदिक पद्धति से भी इलाज़ हुआ था। इस दौरान डायरेक्टर महेश भट्ट उन्हें देखने भी गए थे। साल 2011 में रेडिफ से बातचीत में महेश भट्ट ने बताया था, "कई साल पहले, जब वह (राज किरण) मसीना अस्पताल के मनोरोग वार्ड में थे, तब वे वह राज किरण नहीं थे जिन्हें मैं जानता था। वह गंभीर और उदास दिखते थे, और बड़ी मुश्किल से बोल पाते थे। उनमें वह ऊर्जा या उत्साह बिल्कुल नहीं था जो उनमें पहले हुआ करता था।"
भट्ट के मुताबिक,"राज की हालत ख़राब थी और वह मदद चाहते थे। जब राज अस्पताल से लौटे, तो मैंने कोशिश की लेकिन तब तक इंडस्ट्री में उनकी बीमारी की ख़बर फैल चुकी थी। हमने उन्हें इधर-उधर भूमिकाएँ देने की कोशिश की, लेकिन एक बार जब लोग यह मान लेते हैं कि आप मानसिक रूप से अस्थिर हैं, तो कोई भी आपसे दूर रहना चाहता है।" उसके बाद राज किरण अपने भाई गोविंद मेहतानी के पास अमेरिका चले गए और बिजनेस में लग गये। राज ने अमेरिका में ही बसने का मन बना लिया और अपनी पत्नी रूपा और बेटी को भी साथ बुला लिया।
साल 2011 में एक्टर ऋषि कपूर ने राज किरण के भाई गोविन्द के ज़रिये उनके बारे में पता लगाया था और बताया था कि राज अमेरिका के मानसिक हस्पताल में हैं। उस दौरान ऋषि कपूर ने कहा था, "गोविन्द ने जब मुझे बताया कि राज जीवित है तो मुझे राहत मिली। लेकिन स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें अटलांटा के एक संस्थान में भर्ती कराया गया था," ऋषि कपूर ने यह भी दावा किया था कि राज संस्था के अंदर काम करते थे और अपने एक्टिंग करियर के दौरान किए गए इन्वेस्टमेंट के कारण वहाँ पर सुरक्षित रहे।
हालांकि राजकिरण की पत्नी रूपा और बेटी ऋषिका का कहना था कि ऋषि कपूर के दावे में सच्चाई नहीं है। परिवार के मुताबिक राजकिरण 23 साल से लापता हैं और उनकी तलाश पुलिस और प्राइवेट डिटेक्टिव दोनों ही कर रहे हैं।
इनके अलावा एक्ट्रेस सोमी अली, जो अब अमेरिका स्थित एनजीओ 'नो मोर टियर्स' भी चलाती हैं, उनका कहना है कि उन्होंने ऋषि कपूर से वादा किया था कि वह राज की तलाश करना बंद नहीं करेंगी। सोमी ने जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए 5000 डॉलर ईनाम देने की भी बात कही थी। सोमी ने जनता से मदद की अपील करते हुए लिखा, "भले ही यह कोई बहुत बड़ा इनाम नहीं है, लेकिन अगर कोई वैध पता बता सकता है - चाहे वह मानसिक स्वास्थ्य केंद्र हो या कोई अपार्टमेंट - तो उसे इनाम दिया जाएगा। कृपया मदद करें। धन्यवाद।"
सोमी के मुताबिक, "यह सिर्फ चिंटू जी से किया गया वादा नहीं है, बल्कि इसलिए भी है क्योंकि मैं वास्तव में चिंतित हूं कि राज जी ठीक हैं या उन्हें कहीं जबरन बंधक बनाकर रखा गया है।" सोमी ने अपने एक इंटरव्यू में यह भी कहा है, "मैंने उन्हें ढूंढने में 16 साल बिताए हैं, जिसमें अपने पैसों से कई राज्यों की यात्रा करना और कभी-कभी अपनी माँ से पैसे उधार लेना तक शामिल है, ताकि चिंटू जी (ऋषि कपूर) को शांति मिले और मैं अपना वादा पूरा कर सकूँ। चिंटू जी और एक अन्य अभिनेत्री ने भी उन्हें ढूंढने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके।"
बता दें कि कुछ सालों पहले राजकिरण की को-स्टार रही एक्ट्रेस दीप्ति नवल ने भी फेसबुक पर राजकिरण को खोजने के लिए एक कैंपेन शुरू किया था जिसमें उन्होंने लिखा था कि राजकिरण को आख़िरी बार न्यू यॉर्क शहर में टैक्सी चलाते देखा गया था। हालांकि, सच्चाई क्या है ये आज भी एक रहस्य है।
राज किरण की बेटियों में ऋषिका ने ज्वैलरी बिजनेस में क़दम रखा और साल 2014 में ज्वैलरी डिजाइनर रवि शाह से शादी कर ली। वहीं दूसरी बेटी मन्नत अमेरिका में हैं और मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वे भी शादीशुदा हैं। साल 2022 में छपी ख़बरों के मुताबिक राज किरण का कई साल इंतजार करने के बाद उनकी पत्नी रूपा जी ने दूसरी शादी कर ली और अब उनका नाम रूपा मशरूवाला है।
बॉलीवुड यात्रा राजकिरण जी के उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता है और उम्मीद करता है कि सोशल मीडिया के इस दौर में देर-सवेर से सी सही, उनसे जुड़ी सही ख़बर उनके परिवार और फ़ैन्स तक ज़रूर आयेगी।
Bollywood Yaatra 🎬🎼