Majestic Sanatani

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A common Hindu committed to promot Sanatan lifestyle which's important for the entire human race & all living beings.

एक साधारण हिंदू जो सनातन जीवन शैली को बढावा देने के लिए प्रतिबद्ध, जो कि संपूर्ण मानव समाज के साथ सभी जीवों के लिए महत्तवपूर्ण हैं।

 … ‘DHURANDHAR’ अब जापान में भी होगी रिलीज! 🇯🇵🎬ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार और रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन के बाद, Dhurandhar ...
29/04/2026

… ‘DHURANDHAR’ अब जापान में भी होगी रिलीज! 🇯🇵🎬

ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार और रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन के बाद, Dhurandhar (पहला भाग) अब 10 जुलाई 2026 को जापान में रिलीज होने जा रही है।

Aditya Dhar के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में शानदार सफलता हासिल की है, और अब जापानी दर्शकों के बीच भी अपनी छाप छोड़ने को तैयार है।

🎥 स्टारकास्ट और टीम:
Ranveer Singh | Jyoti Deshpande | Aditya Dhar | Lokesh Dhar
प्रोडक्शन: Jio Studios | B62 Studios

👉 क्या ‘धुरंधर’ जापान में भी वही जादू चला पाएगी? इंतजार रहेगा!

29/04/2026

Varanasi में 27–28 अप्रैल की रात रोड एक्सीडेंट के बाद भीड़ ने ड्राइवर मनीष कुमार सिंह को पीट-पीटकर मार डाला। घायल महिला को अस्पताल भेजा गया, वहीं ड्राइवर की इलाज के दौरान Banaras Hindu University अस्पताल में मौत हो गई।

“मैं भागा नहीं… रुक गया था।”
एक हादसा था… गलती हो सकती है… पर क्या उसकी सज़ा मौत है?
मैं रुका था मदद करने के लिए, मानव धर्म निभाने के लिए…
लेकिन भीड़ ने कानून अपने हाथ में ले लिया, और एक सामुहिक हत्या कर दी।

🧘‍♂️ साधना से विज्ञान तक: स्वामी ज्ञानानंद की अद्भुत यात्राSwami Jnanananda (पूर्व नाम: भूपतिराजु लक्ष्मीनरसिंह राजू) उन...
29/04/2026

🧘‍♂️ साधना से विज्ञान तक: स्वामी ज्ञानानंद की अद्भुत यात्रा

Swami Jnanananda (पूर्व नाम: भूपतिराजु लक्ष्मीनरसिंह राजू) उन विरले व्यक्तित्वों में से थे, जिन्होंने आध्यात्म और आधुनिक विज्ञान—दोनों शिखरों को छुआ। युवावस्था में वे सब कुछ त्यागकर हिमालय की ओर निकल पड़े, जहाँ उन्होंने वर्षों तक कठोर तप, ध्यान और संन्यास जीवन बिताया। इसी दौरान उनकी भेंट महान संत Swami Sivananda से हुई। कहा जाता है कि स्वामी शिवानंद ने ही उन्हें यह मार्गदर्शन दिया कि केवल ध्यान ही नहीं, बल्कि आधुनिक विज्ञान के माध्यम से भी मानवता की सेवा की जा सकती है, और उन्हें पुनः अध्ययन की ओर लौटने के लिए प्रेरित किया।

गुरु के इस मार्गदर्शन के बाद स्वामी ज्ञानानंद ने एक नया जीवन शुरू किया। वे यूरोप गए और Prague से D.Sc. (Doctor of Science) की उपाधि प्राप्त की, जहाँ उन्होंने X-ray spectroscopy में विशेषज्ञता हासिल की। इसके बाद उन्होंने यूरोप के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के साथ कार्य किया और beta radiation तथा nuclear physics के क्षेत्र में शोध किया। उस दौर में उन्होंने एक Nobel Laureate वैज्ञानिक के अधीन कार्य कर अपने वैज्ञानिक कौशल को और निखारा।

भारत लौटने के बाद उनका सबसे बड़ा योगदान Andhra University में देखने को मिला। अक्टूबर 1954 में उन्होंने Laboratories for Nuclear Research की स्थापना की, और 1956 में Department of Nuclear Physics को औपचारिक रूप से स्थापित किया। उन्होंने इस विभाग को केवल एक शैक्षणिक इकाई नहीं, बल्कि एक पूर्ण विकसित अनुसंधान संस्थान के रूप में खड़ा किया, जिसने भारत में परमाणु भौतिकी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

स्वामी ज्ञानानंद की जीवनगाथा हमें यह सिखाती है कि आध्यात्म और विज्ञान विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। एक ओर हिमालय की गुफाओं में ध्यान, और दूसरी ओर प्रयोगशालाओं में परमाणु अनुसंधान—उन्होंने दोनों को एक ही सत्य की खोज का माध्यम माना। उनका जीवन इस बात का जीवंत प्रमाण है कि यदि मार्गदर्शन सही हो और उद्देश्य स्पष्ट हो, तो व्यक्ति किसी भी दिशा में जाकर मानवता के लिए अमूल्य योगदान दे सकता है।

मुंबई में धर्म पूछकर सिक्योरिटी गार्ड्स के साथ चाकूबाजी करने वाले जुबैर अंसारी के मकसद को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। उसने ...
29/04/2026

मुंबई में धर्म पूछकर सिक्योरिटी गार्ड्स के साथ चाकूबाजी करने वाले जुबैर अंसारी के मकसद को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। उसने ISIS का ध्यान आकर्षित करने के लिए ऐसा किया था।

Once a जी हा दी always a जी हा दी

जिस केदारनाथ में शंख नहीं बजता वहाँ आतिशबाजी हो रही है और इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला जा रहा है।हमारे पूर्वज क...
29/04/2026

जिस केदारनाथ में शंख नहीं बजता वहाँ आतिशबाजी हो रही है और इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला जा रहा है।

हमारे पूर्वज कहा करते थे कि कविलासों(हिमालय) में चीखना चिल्लाना या ज़ोर से आवाज़ नहीं करनी चाहिए दोष लगता है। शंख बजाना ही नहीं हिमालय के कुछ स्थानों पर ढोल दमाऊं लेकर जाना भी वर्जित था।

हिमालय बहुत संवेदनशील पर्वत हैं वहाँ के दुर्लभ जीव-जंतु वहाँ की परिस्थितिकी बेहद संवेदनशील है। वहाँ रहने वाले मनुष्य–ऋषि, महर्षि भी तपस्या में लीन हो सकते हैं। अतः किसी के जीवन में ख़लल उत्पन्न किए बिना, शांति भंग किए बिना कविलासों की यात्रा सम्पन्न करनी चाहिए। असल में यह खुद के जिंदा लौटने और यात्रा सम्पन्न करने के लिए ज़रूरी भी था।

पहले केवल शांति की कामना से ही लोग केदारनाथ(हिमालय) की यात्रा पर जाते थे मीलों पैदल चलते थे तब जाकर केदार भगवान के दर्शन होते थे उसमें कई लोग पहुंच नहीं पाते थे कई पहुंचकर लौट नहीं पाते थे। यात्रा पर जाने से पहले यात्री घरवालों से अच्छे से मिल लेते थे, खूब रो लेते थे संभवतः दुबारा मुलाकात हो न हो।

जब जीवन की अनिश्चितता होती है तो आदमी खुदबखुद अच्छा हो जाता है। मौत का भय और भूख प्यास की तड़फ नीच आदमी को भी सज्जन बना देती है इसलिए पापी लोग भी जो यात्रा पूर्ण करके घर लौट आते थे लोग उनकी चरण रज माथे पर लगाते थे वह चलते फिरते धाम बन जाते थे। सम्मान पाए हुए पापी व्यक्ति के लिए पुनः बुरा कार्य करना कुएं से ऊपर आकर फिर कुएं में गिरने जैसा होता है। अतः वह पाप करना छोड़ देता था। धर्म में यात्रा का प्रावधान इसी बदलाव के लिए होता था।

किंतु आज लोग यात्रा क्यों कर रहे हैं? क्या यात्रा से लौटे लोगों में आज भी ऐसा बदलाव देखने को मिलता है ? क्या आज भी ईश्वर के लिए ऐसे समर्पित यात्री देखने को मिलते हैं? समय के साथ धर्म का अनर्थ हो गया है केवल धन का ही अर्थ बचा है।

खुद को सोशल मीडिया पर अलग दिखाने और लाइक कमेंट्स बटोरने की चाहत में आज का युवा बोरा गया है।
पिछले एक डेढ़ दशक में सोशल मीडिया का चलन बढ़ने के साथ केदारनाथ आने वाले यात्रियों में युवाओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है।

सोशल मीडिया पर केदारनाथ यात्रा की फ़ोटो रील्स आदि पोस्ट करने के ट्रेंड ने उन्मत्त और बदमस्त युवाओं को आकर्षित किया है। इन युवाओं को केदारनाथ यात्रा भोलेनाथ से अधिक अपने सोशल मीडिया पोस्ट्स/रील्स के लिए करनी होती है।

हर वर्ष हमें ऐसी खबरें पढ़ने को मिलती हैं जिसमें युवाओं द्वारा धाम की पवित्रता भंग करने के कृत्य किए जाते हैं। यह लगातार हो रहा है और यह बढ़ता ही जा रहा है।

हैली सेवा, घोड़े-खच्चर आदि के माध्यम से यात्रा का सरल होना, भोग की वस्तुओं की आसान उपलब्धता और मोबाइल इन चीजों से केदारनाथ की पवित्रता संकट में है।

हमारी सरकारों ने तो धामों की पवित्रता को तार-तार करने में कोई कसर छोड़ी नहीं। हैली सेवा के बाद अब सरकार केदारनाथ के लिए रोपवे भी लगवाने वाली है जिससे आने वाले समय में भोगी विलासी यात्रियों की संख्या और बढ़ेगी।

समय रहते यदि इस समस्या पर गहन चिंतन न किया गया तो जनसंख्या बढ़ने के साथ नई नई समस्याएं जन्म लेंगी साथ ही धाम की पवित्रता भी जाती रहेगी।

~ नन्द किशोर भट्ट

#साभार

पंजाब के पटियाला में रेलवे ट्रैक पर लगाया जा रहा था बम, धमाका बीच में ही हुआ: हमलावर के चीथड़े उड़े, ATS जाँच में जुटीपं...
28/04/2026

पंजाब के पटियाला में रेलवे ट्रैक पर लगाया जा रहा था बम, धमाका बीच में ही हुआ: हमलावर के चीथड़े उड़े, ATS जाँच में जुटी

पंजाब के पटियाला जिले में सोमवार (27 अप्रैल 2026) देर रात शंभू-राजपुरा के बीच स्थित डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (मालगाड़ी ट्रैक) पर एक जोरदार धमाका हुआ। धमाके से रेलवे पटरी को काफी नुकसान पहुँचा। घटनास्थल से एक अज्ञात व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ है।

शुरुआती जाँच में पुलिस को शक है कि यह व्यक्ति रेल की पटरी पर बम लगाने की कोशिश कर रहा था और इसी दौरान विस्फोटक फटने से वह खुद ही इसका शिकार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पटियाला के SSP और DIG ने भारी पुलिस बल और बम स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुँचे।

पुलिस ने घटनास्थल को पूरी तरह सील कर दिया है और वहाँ से दो मोटरसाइकिल, तार, अन्य विस्फोटक सामग्री और एक टूटा हुआ मोबाइल फोन बरामद किया है। फॉरेंसिक टीम वहाँ से नमूने इकट्ठे कर रही है ताकि इस्तेमाल किए गए विस्फोटक की पहचान की जा सके।

हालाँकि अभी एक तरफ का ट्रैक मरम्मत के लिए बंद है, लेकिन दूसरी तरफ से ट्रेनों की आवाजाही जारी है। फिलहाल पुलिस हर पहलू से इस मामले की जाँच कर रही है और जल्द ही बड़े खुलासे का दावा किया है।

🚨 मीरा रोड में सनसनीखेज हमला, ATS जांच में बड़ा खुलासामहाराष्ट्र के मीरा रोड में 27 अप्रैल को अमेरिका से आए 31 वर्षीय आर...
28/04/2026

🚨 मीरा रोड में सनसनीखेज हमला, ATS जांच में बड़ा खुलासा

महाराष्ट्र के मीरा रोड में 27 अप्रैल को अमेरिका से आए 31 वर्षीय आरोपी जिहादी फैजान खान ने दो सिक्योरिटी गार्ड्स पर चाकू से हमला कर दिया। जानकारी के मुताबिक, उसने पहले दोनों से उनका धर्म पूछा और जब वे “कलमा” नहीं सुना पाए, तो उन पर ताबड़तोड़ वार कर मौके से फरार हो गया।

पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर तेजी से कार्रवाई करते हुए सिर्फ 90 मिनट के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में आरोपी के पास से कथित तौर पर ISIS से जुड़ा प्रचार सामग्री मिलने की बात सामने आई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए केस अब Maharashtra Anti-Terrorism Squad (ATS) को सौंप दिया गया है, जो हर एंगल से जांच कर रही है।

28/04/2026

हर हर महादेव 🙏🚩✨

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