15/08/2026
जय भीम! जय भारत
सभी देशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
आज का दिन केवल झंडा फहराने और राष्ट्रगान गाने का दिन नहीं है। आज का दिन हमें यह सोचने का अवसर देता है कि जिस आजादी के लिए हमारे पूर्वजों ने अपना सर्वस्व न्यौछावर किया, क्या उस आजादी का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक वास्तव में पहुंच पाया है?
हमें राजनीतिक आजादी तो मिली, लेकिन सामाजिक बराबरी, शिक्षा, रोजगार, सम्मान और न्याय की लड़ाई आज भी जारी है।
भारत का संविधान हमें समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व का अधिकार देता है। संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने हमें केवल अधिकार ही नहीं दिए, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने का रास्ता भी दिखाया।
आज जरूरत है कि हम जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र के नाम पर आपस में बंटने के बजाय संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए एकजुट हों।
हमारी राजनीति ऐसी होनी चाहिए जिसमें गरीब की आवाज सुनी जाए, युवाओं को रोजगार मिले, किसानों को सम्मान मिले, महिलाओं को सुरक्षा और बराबरी मिले, मजदूरों को उनके श्रम का उचित सम्मान मिले और बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले।
सच्ची देशभक्ति केवल सीमा पर खड़े सैनिक का सम्मान करना नहीं है; सच्ची देशभक्ति अपने देश के हर नागरिक के सम्मान और अधिकार की रक्षा करना भी है।
आज के युवाओं से मैं विशेष रूप से कहना चाहता हूं—
आप शिक्षा को अपना हथियार बनाइए, संविधान को अपना मार्गदर्शक बनाइए और लोकतंत्र को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाइए। सोशल मीडिया पर केवल बहस करने के बजाय समाज में शिक्षा, जागरूकता और भाईचारे का प्रकाश फैलाइए।
हमें ऐसा भारत बनाना है जहां किसी व्यक्ति की पहचान उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसकी काबिलियत और इंसानियत से हो।
जहां किसी गरीब बच्चे का सपना गरीबी के कारण न रुके।
जहां किसी महिला को उसके अधिकारों के लिए संघर्ष न करना पड़े।
जहां किसी व्यक्ति के साथ जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव न हो।
आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर हम संकल्प लें कि हम संविधान की रक्षा करेंगे, लोकतंत्र को मजबूत करेंगे, सामाजिक भेदभाव का विरोध करेंगे और समाज में शिक्षा, समानता तथा भाईचारे को बढ़ावा देंगे।
हमारा तिरंगा तभी और ऊंचा होगा, जब उसके नीचे खड़ा हर भारतीय खुद को बराबर, सुरक्षित और सम्मानित महसूस करेगा।
जय संविधान!
जय भीम!
जय भारत!
वंदे मातरम्!