24/09/2025
प्रिंस सैनी, जिनका असली नाम बंशीलाल माली है, राजस्थान के जोधपुर जिले से एक ठग है। वह फर्जी योजनाओं के जरिए लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोप में हाल ही में गिरफ्तार किया गया है।
करने के आरोप में हाल ही में गिरफ्तार किया गया है।
ठगी की प्रमुख बातें
• फर्जी कंपनियां: 12वीं फेल प्रिंस ने पिछले 8 वर्षों में कई फर्जी चिट-फंड कंपनियां बनाईं, जिनमें 'ट्रोनेक्स वर्ल्ड', 'ग्रो मोर एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड' और 'हार्वेस्ट एआई टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड' शामिल हैं।
• स्कॉर्पियो घोटाला: उसने लोगों को अपनी 'हार्वेस्ट' कंपनी में 6 लाख रुपये का निवेश करने पर 22 लाख रुपये की नई स्कॉर्पियो एस-11 देने का वादा किया। शुरुआत में कुछ लोगों को कारें देकर उसने अन्य लोगों का भरोसा जीता, जिससे बड़ी संख्या में निवेशकों ने पैसा लगाया।
• अन्य घोटाले: ऑनलाइन कोचिंग के नाम पर छात्रों से पैसे वसूलना और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का झांसा देना भी उसके तौर-तरीकों में शामिल था।
• सामाजिक प्रभाव: समाज में अपनी प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए वह गौशालाओं और धार्मिक स्थानों में लाखों रुपये दान करता था। उसने बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद से अपनी एक परियोजना का प्रचार भी करवाया था।
• गिरफ्तारी: राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने प्रिंस सैनी और उसके दो सहयोगियों, ममता भाटी और दिनेश बागड़ी को जयपुर से गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि उसके बैंक खाते में सिर्फ ढाई लाख रुपये थे।
कुल मिलाकर, प्रिंस सैनी ने अपने आप को एक सफल युवा उद्यमी के रूप में पेश करके भोले-भाले लोगों को ठगा और लगभग 55 करोड़ रुपये का घोटाला किया।
धोखाधड़ी का सिलसिला
ट्रोनेक्स वर्ल्ड: 2017 में 12वीं कक्षा में फेल होने के बाद, प्रिंस सैनी ने 'ट्रोनेक्स वर्ल्ड' नाम की एक फ़र्ज़ी सॉफ़्टवेयर कंपनी शुरू की। उसने एक चेन-सिस्टम का इस्तेमाल कर 54 लोगों से ₹12,000 प्रति व्यक्ति वसूले और कुल ₹6.48 लाख लेकर फ़रार हो गया।
ग्रो मोर एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड: 2022 में, उसने ऑनलाइन कोचिंग देने के नाम पर यह कंपनी खोली। उसने 2,200 छात्रों से ₹3,000 वार्षिक शुल्क लेकर ₹66 लाख की ठगी की।
हार्वेस्ट एआई टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड: यह उसका सबसे बड़ा घोटाला था, जिसमें उसने ₹6 लाख के निवेश पर ₹22 लाख की स्कॉर्पियो एस-11 देने का वादा किया।
आकर्षित करने का तरीका: उसने कुछ शुरुआती निवेशकों को कारें देकर अपना प्रचार किया, जिससे बड़ी संख्या में लोग झांसे में आ गए।
झूठा दावा: जब लोग पूछते थे कि वह इतनी महंगी कार इतने सस्ते में कैसे दे सकता है, तो वह दावा करता था कि उसकी कंपनी क्रिप्टो में निवेश करती है, जिससे भारी मुनाफ़ा मिलता है।
फ़र्ज़ी कंपनी: उसने इस कंपनी के लिए एक फ़र्ज़ी वेबसाइट भी बनाई, जिसमें एक विदेशी नागरिक की फ़ोटो को कंपनी का मैनेजर बताया गया था।
लकी ड्रॉ: उसने लकी ड्रॉ के नाम पर भी लोगों को ₹2,500 जमा करने पर मोटरसाइकिल, स्कूटी और एलईडी टीवी देने का लालच दिया।
गिरफ्तारी और जांच
देश छोड़ने की योजना: जब राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने जांच शुरू की, तो पता चला कि प्रिंस सैनी निवेशकों को ₹15 करोड़ का चूना लगाकर देश छोड़कर भागने की फ़िराक में था।
बैंक खाते: एसओजी ने पाया कि उसके बैंक खाते में महज़ ₹2.5 लाख बचे थे, जिससे उसके भागने के इरादे की पुष्टि हुई।
सहायक आरोपी: प्रिंस सैनी के साथ उसकी कथित मंगेतर ममता भाटी और दिनेश बागड़ी को भी गिरफ्तार किया गया।
पीड़ितों की संख्या
250 से अधिक लोग: 'हार्वेस्ट' कंपनी के ज़रिए उसने 250 से ज़्यादा लोगों को ठगा।
छात्र: ऑनलाइन कोचिंग के नाम पर 2,200 छात्रों के साथ धोखाधड़ी की।
अन्य छोटे निवेशक: शुरुआती ट्रोनेक्स वर्ल्ड घोटाले में 54 लोगों को ठगा गया।
#नागौरी #बॉस #कृष्ण #कृष्णागौशाला #प्रिंस #प्रिंससैनी
#कुशालगिरी #बॉसकुशालगिर